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Mahindra got losses in Q3
Mahindra got losses in Q3|Kavita Singh Rathore -RE
व्यापार

M&M ट्रैक्टर का पहिया फिसला, शुद्ध लाभ की गाड़ी पटरी से उतरी

असाधारण और बंद डब्बा आइटम्स में भी Q3 F2019 के 519 करोड़ रुपये के शुद्ध लाभ की तुलना में Q3 F2020 के परिणामों में 554 करोड़ रुपये की शुद्ध हानि शामिल बताई गई है।

Neelesh Singh Thakur

हाइलाइट्स :

  • M&M-Q3 रिपोर्ट में शुद्ध लाभ में 73 फीसदी गिरावट

  • मंदी के कारण ट्रैक्टर सेल्स में भी छह प्रतिशत की कमी

  • समेकित शुद्ध लाभ 73% गिरकर 380 करोड़ रुपया पहुंचा

राज एक्सप्रेस। भारतीय ऑटो इंडस्ट्री की दिग्गज महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड (M&M) के शुद्ध लाभ में कमी आई है। ट्रैक्टर सेल्स में भी पिछले साल की तुलना में गिरावट की जानकारी कंपनी ने दी है। कैसे हुई आय कम, कितना घटा मुनाफा जानें विस्तार से।

Mahindra got losses in Q3
Mahindra got losses in Q3
Kavita Singh Rathore -RE

ट्रैक्टर कारोबार :

ट्रैक्टर की बिक्री भी 6 प्रतिशत घटकर 81,435 इकाई पर आ गई, जबकि एक साल पहले यह 87,036 इकाई थी। तीसरी तिमाही में वाहन की बिक्री 1,23,353 यूनिट रही, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 1,33,508 यूनिट थी। इसमें 8 प्रतिशत की गिरावट हुई।

समेकित शुद्ध लाभ :

भारत निर्मित ऑटो सेक्टर के बड़े नामों में शुमार महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M) ने शनिवार 8 अगस्त को दिसंबर तिमाही 2019 के लिए समेकित शुद्ध लाभ 73 प्रतिशत गिरावट के साथ 380 करोड़ रुपया होने की जानकारी दी थी। इसका कारण वाहन विक्रय की सुस्त चाल बताया गया था।

PAT की जानकारी :

अपने स्टेटमेंट में कंपनी ने पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही के मुकाबले PAT (प्रॉफिट आफ्टर टैक्स) यानी कर उपरांत लाभ की जानकारी आंकड़ों में कुल जमा 1,396 करोड़ रुपया बताई है। असाधारण और बंद डब्बा आइटम्स में भी Q3 F2019 के 519 करोड़ रुपये के शुद्ध लाभ की तुलना में Q3 F2020 के परिणामों में 554 करोड़ रुपये की शुद्ध हानि शामिल बताई गई है।

आय में गिरावट :

कंपनी के अनुसार नवीनतम तिमाही में उसकी आय 12,120 करोड़ रुपया रही, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह 12,893 करोड़ रुपया थी। कंपनी के मुताबिक तीसरी तिमाही में वाहन की बिक्री 8% गिरावट के साथ 1,23,353 इकाई रही, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 1,33,508 इकाई थी।

ट्रैक्टर बिक्री प्रभावित :

कंपनी की जानकारी के अनुसार उसकी ट्रैक्टर बिक्री भी तीसरी तिमाही में 6 प्रतिशत घटकर 81,435 यूनिट पर जा पहुंची जबकि एक साल पहले यह 87,036 यूनिट थी। नवीनतम तिमाही में वाहनों और ट्रैक्टरों का निर्यात 22 फीसदी की गिरावट के साथ 9,633 इकाई रह गया, जबकि एक साल पहले इस कालखंड में यह 12,363 यूनिट था।

एकमुश्त हानि के प्रावधान :

महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड के तिमाही लाभ में गिरावट एकमुश्त हानि के प्रावधान पर आधारित है। M & M के वित्तीय विवरणों के अनुसार, कंपनी ने कुछ हानिगत निवेशों में सुधार के लिए 600.56 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। पिछले साल इसका राजस्व 6 प्रतिशत गिरकर 12,120 करोड़ रुपये रहा। ऐसा तब हुआ जब तीसरी तिमाही के दौरान मुंबई स्थित वाहन निर्माता की बिक्री में सालाना आधार पर 7 प्रतिशत की गिरावट आई और यह घटकर 2.16 लाख हो गई।

ब्याज, कर, मूल्यह्रास :

M&M का परिचालन प्रदर्शन, हालांकि, अनुमानों को पूरा करता है। परिचालन आय या ब्याज, कर, मूल्यह्रास और परिशोधन से पहले आय, सालाना 1.4 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 1,793 करोड़ रुपया स्टेटमेंट में दर्शाई गई है। यह अनुमानित 1,735 करोड़ रुपया के मुकाबले एक आंकड़ा है। इसका ऑपरेटिंग मार्जिन 13.7 प्रतिशत से बढ़कर 14.8 प्रतिशत होना बताया गया। विश्लेषकों ने मार्जिन 14.9 प्रतिशत पर आंका था।

इंडस्ट्री परेशान :

भारत की ऑटोमोबाइल कंपनियां साल 2018 के त्यौहारी सीज़न के लंबे वक्त से बिक्री बढ़ाने की कोशिश में हैं। पहले तो उच्च बीमा लागत और ईंधन के महंगे दाम ने खरीदारों को परेशान किया। फिर एक खपत मंदी ने क्रय शक्ति को कमजोर कर डाला। डिस्काउंट तक ग्राहकों के मन को लुभाने में विफल रहा। साथ ही साथ उत्पादन में कटौती के कारण डीलरशिप पर दबाव पड़ा। साल 2019 में कारों और यूटिलिटी वाहनों की बिक्री कम रिकॉर्ड पर पहुंच गई।

मिली सफलता- हालांकि, यह विश्वास भी जताया है कि तीसरी तिमाही के दौरान भारतीय ऑटो और ट्रैक्टर उद्योग जगत ने ट्रेंड रिवर्सल के कुछ लक्षण दिखाए हैं जिससे पहली छमाही के दौरान दोहरे अंक में वृद्धि देखी गई। अच्छे मॉनसून, त्यौहारी सीज़न की मांग, तरलता की स्थिति में सुधार, नए लॉन्च, विशेष रूप से यूटिलिटी व्हीकल (UV) सेगमेंट और ऑटो उद्योग के लिए OEM (OEM-Original equipment manufacturer ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर) यानी मूल उपकरण निर्माता द्वारा पेश की गई विशेष योजनाएं इस वृद्धि के प्रमुख कारण कंपनी ने बताए।

बीते साल अक्टूबर में हुई बेमौसम बारिश ने खरीफ की फसल को कुछ नुकसान पहुंचाया है, लेकिन कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में भावना काफी अच्छी है। जल भंडार स्तरों और इंफ्रा परियोजनाओं पर जोर देने की सरकार की घोषणा के समर्थन से रबी फसलों की अच्छी बुवाई के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था से इंडस्ट्री को बल मिलेगा ऐसा भरोसा M&M को है।

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