Shopee, Meesho, Instamart से खफा थिंक टैंक ने पीयूष गोयल को क्यों लिखा पत्र?
कई e-commerce कंपनियां घेरे में।Priyanak Sahu -RE

Shopee, Meesho, Instamart से खफा थिंक टैंक ने पीयूष गोयल को क्यों लिखा पत्र?

e-commerce खिलाड़ियों Meesho, Shopee के गहरी छूट में लिप्त होने और विक्रेताओं से अपने उत्पाद की कीमतें कम करने के लिए कहने के प्रमाण हैं।

हाइलाइट्स –

  • e-commerce कंपनियां घेरे में

  • बिजनेस प्रैक्टिस पर उठाए सवाल

  • Deep Discounting पर जताई चिंता

राज एक्सप्रेस। स्वदेशी जागरण मंच (Swadeshi Jagaran Manch) के राष्ट्रीय सह-संयोजक अश्विनी महाजन और पंद्रहवें वित्त आयोग के अध्यक्ष एन.के. सिंह ने बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के रूप में उपभोक्ता मामलों के मंत्री पीयूष गोयल को पत्र लिखकर ई-कॉमर्स बिजनेस करने वाली कंपनियों की बिजनेस प्रैक्टिस पर सवाल उठाए हैं।

लिखित पत्र में शॉपी (Shopee), मीशो (Meesho) और स्विगी (Swiggy's), इंस्टामार्ट (Instamart) जैसी इंटरनेट कंपनियों की व्यवसाय प्रथाओं की जांच की मांग करते हुए आरोप लगाया गया है कि; इस तरह की कंपनियां सामान्य से कम कीमतों का हवाला दे रही हैं।

पत्र का मजमून -

काउंसिल फॉर इंटरनेशनल इकोनॉमिक अंडरस्टैंडिंग (Council for International Economic Understanding (CIEU/सीआईईयू)) यानी अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक समझ परिषद ने उपभोक्ता मामलों के मंत्री को लिखे पत्र में कुछ देशी-विदेशी ई-कॉमर्स कंपनियों द्वारा दिये जा रहे गहरी छूट (Deep Discounting) के प्रलोभन पर चिंता जताई है।

e-commerce खिलाड़ियों Meesho, Shopee के गहरी छूट में लिप्त होने और विक्रेताओं से अपने उत्पाद की कीमतें कम करने के लिए कहने के प्रमाण हैं।

पत्र में लिखा है कि; मीशो, शॉपी (Meesho, Shopee) और इनके जैसे अन्य कई विदेशी-वित्त पोषित ई-कॉमर्स (e-commerce) खिलाड़ियों के अपने-अपने बाजारों में गहरी छूट में लिप्त होने और विक्रेताओं से अपने उत्पाद की कीमतें कम करने के लिए कहने के प्रमाण हैं। यह न केवल मूल्य निर्धारण को प्रभावित करता है बल्कि छूट के वित्तपोषण को भी दर्शाता है।"

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एंटी कंज्यूमर एक्टिविटी का आरोप -

यह भी आरोप लगाया गया है कि ये कंपनियां विवरण का उल्लेख किए बिना उपभोक्ता विरोधी गतिविधियों में शामिल हैं।

इस बारे में उन्होंने अपने पत्र में लिखा है कि; इन बढ़ती उपभोक्ता आबादी के साथ, जो उत्पाद खरीद ऑनलाइन करते हैं, ऐसे उपभोक्ताओं को खरीदारी निर्णय लेने के दौरान सटीक और पूरी जानकारी दी जानी चाहिए। इन ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म मीशो, शॉपी, स्विगी इंस्टामार्ट (Meesho, Shopee, Swiggy, Instamart) आदि को मेट्रोलॉजी के नियमों का सख्ती से पालन करने की जरूरत है ताकि उपभोक्ताओं को ठगा या गुमराह न किया जा सके।

"हम अनुरोध करते हैं कि किसी भी तरह के गैर-अनुपालन को सबसे कठोर दंड के साथ निपटाया जाना चाहिए ताकि कानून-पालन न करने वाली कंपनियों के संबंध में भविष्य के लिए एक उदाहरण स्थापित हो।"
CIEU (उपभोक्ता मामलों के मंत्री पीयूष गोयल को लिखित पत्र)

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कैट ने भी एफएम से की थी मांग -

पिछले महीने ट्रेडर्स लॉबी कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने भी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखकर शॉपी (Shopee) के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी, जो सिंगापुर मुख्यालय वाली फर्म है।

CAIT ने आरोप लगाया कि Shopee मानदंडों का उल्लंघन कर रहा है क्योंकि उसने चीनी निवेशक होने के बावजूद सरकार की मंजूरी के बिना भारत में प्रवेश किया है। इसने यह भी दावा किया कि शॉपी की मूल्य निर्धारण रणनीति दीर्घ काल में छोटे विक्रेताओं और खुदरा विक्रेताओं को कम कर देगी।

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शॉपी अब तक -

कुछ महीने पहले देश में प्रवेश करने वाली दक्षिण पूर्व एशियाई ई-कॉमर्स फर्म ने अब तक 300 नौकरियों के सृजन के साथ 20,000 विक्रेताओं को सूचीबद्ध किया है। भारत में अपना परिचालन शुरू करने के बाद Shopee दैनिक आधार पर 1,00,000 ऑर्डर प्राप्त कर रहा था।

दूसरी ओर, मीशो पिछले महीने बिक्री से पहले अपने विक्रेताओं के लिए कीमतों में गिरावट की घोषणा करने के लिए रडार पर आ गया था।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मीशो ने अपने विक्रेताओं को कहा था कि वह (मीशो) कीमत गिरावट में योगदान दे रहा है, हम आपकी ओर से भी इसी तरह की कीमत में गिरावट की उम्मीद करते हैं। उल्लेखनीय है कि; भारतीय विनियमन ई-कॉमर्स कंपनियों को छूट देने से रोकता है।

एक उद्योग विशेषज्ञ ने नाम की गोपनीयता की शर्त पर कहा कि मीशो के हालिया कदम का जिक्र करते हुए, 2 प्रतिशत की गिरावट "गहरी छूट" (Deep Discounting) की श्रेणी में लाने के लिए बहुत महत्वहीन थी।

जागरूक स्वदेशी जागरण मंच -

दिलचस्प बात यह है कि रेल, संचार, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव और विदेश राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी अपनी वेबसाइट के अनुसार, सीआईईयू (CIEU) के संस्थापक बोर्ड के सदस्य थे।

सीआईईयू (CIEU) की वेबसाइट के अनुसार, वर्तमान बोर्ड ऑफ गवर्नर्स में गोपाल श्रीनिवासन, सतीश मराठे, सुशील कुमार मोदी जैसे नाम शामिल हैं।

काउंसिल फॉर इंटरनेशनल इकोनॉमिक अंडरस्टैंडिंग अथवा सीआईईयू (CIEU) यानी अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक समझ परिषद में पंद्रहवें वित्त आयोग के अध्यक्ष एन.के. सिंह के साथ टीवीएस कैपिटल फंड्स के अध्यक्ष गोपाल श्रीनिवासन और स्वदेशी जागरण मंच के राष्ट्रीय सह-संयोजक अश्विनी महाजन सदस्य हैं।

स्वदेशी जागरण मंच (Swadeshi Jagaran Manch) भारत में विदेशी वित्त पोषित ई-कॉमर्स कंपनियों के खिलाफ घरेलू व्यापारियों की चिंताओं को उठाने के लिए जाना जाता है। यह कथित प्रतिस्पर्धा-विरोधी प्रथाओं को लेकर अमेजन और फ्लिपकार्ट (Amazon and Flipkart) के साथ आर्थिक मोर्चे पर लगातार संघर्षरत है।

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डिस्क्लेमर – आर्टिकल मीडिया एवं एजेंसी रिपोर्ट्स एवं विभागीय वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारियों पर आधारित है। इसमें शीर्षक-उप शीर्षक और संबंधित अतिरिक्त जानकारी जोड़ी गई हैं। इसमें प्रकाशित तथ्यों की जिम्मेदारी राज एक्सप्रेस की नहीं होगी।

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