LIC IPO: Russia-Ukraine संकट से 40% घट सकता है LIC के इश्यू का आकार

Russia-Ukraine युद्ध से कराहती वैश्विक अर्थव्यवस्था के बीच भारत के एलआईसी आईपीओ (LIC IPO) का इश्यू साइज 40 फीसदी घटने के संकेत मिले हैं।
Russia-Ukraine युद्ध के कारण मूल्यांकन प्रभावित होने से एलआईसी आईपीओ (LIC IPO) पूर्वानुमान 40% प्रभावित हो सकता है।
Russia-Ukraine युद्ध के कारण मूल्यांकन प्रभावित होने से एलआईसी आईपीओ (LIC IPO) पूर्वानुमान 40% प्रभावित हो सकता है। Syed Dabeer Hussain - RE

हाइलाइट्स –

  • भारत का सबसे बड़ा इश्यू

  • Paytm के नाम है रिकॉर्ड

  • 12 मई का दिन होगा खास

  • घटेगा LIC IPO इश्यू साइज!

राज एक्सप्रेस (rajexpress.co)। LIC IPO की तैयारियों पर रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण असर पड़ सकता है। लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (Life Insurance Corporation of India/LIC/एलआईसी) यानी भारतीय जीवन बीमा निगम की इनीशियल पब्लिक ऑफरिंग (Initial public offering) या आईपीओ (IPO) यानी आरंभिक सार्वजनिक पेशकश की भारत सरकार सालों से तैयारी कर रही है। यह पेशकश बाजार में पहुंचने लगभग तैयार है।

तैयारियों के मान से -

भारत का सबसे बड़ा आईपीओ बताया जा रहा एलआईसी आईपीओ (LIC IPO) जल्द दलाल स्ट्रीट पर दस्तक देने तैयार है। शेयर मार्केट की खबरों के अनुसार रूस और यूक्रेन युद्ध ने एलआईसी के वैल्यूएशन को काफी हद तक प्रभावित किया है।

नजर आ रहीं तैयारियों के अनुसार देश की सबसे बड़ी जीवन बीमा कंपनी एलआईसी (LIC) 30 हजार करोड़ रुपये यानी तकरीबन 390 करोड़ डॉलर का आईपीओ पेश कर सकती है।

अनुमानों पर ग्रहण -

यह अनुमान पूर्वानुमानों के मान से करीब 40 प्रतिशत कम होगा। इसके बावजूद भी LIC IPO भारत (INDIA) के आईपीओ (IPO) इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ होगा।

सूत्र आधारित खबरों के अनुसार अगले दो हफ्ते में अधिकृत रूप से इसकी लिस्टिंग पूरा करने की तैयारी चल रही है। बताया गया है कि; एलआईसी (LIC) का मूल्यांकन लगभग 6 लाख करोड़ रुपये हो सकता है।

12 मई का पेंच -

सरकार को 12 मई तक एलआईसी का आईपीओ (LIC IPO) लाना होगा। ब्लूमबर्ग न्यूज के अनुसार; केंद्र सरकार ने एलआईसी की 7 फीसदी हिस्सेदारी बेचकर 50 हजार करोड़ रुपया जुटाने की तैयारी की थी।

अब सूत्र आधारित ताजा खबर के अनुसार निवेशकों के औसतन फीके रुझान को देखते हुए सरकार का प्लान अब 5 फीसदी से कुछ अधिक हिस्सेदारी ही बेचने का है।

आपको बता दें 12 मई का दिन इसलिए खास होगा क्योंकि; अगर सरकार इस दिन तक एलआईसी का आईपीओ (LIC IPO) नहीं लाती है तो; सरकार को बाजार नियामक सेबी (SEBI) के समक्ष फिर से डॉक्यूमेंट्स जमा करके अनुमति लेनी होगी।

देश का सबसे बड़ा आईपीओ -

निवर्तमान अनुमान से एलआईसी का आईपीओ (LIC IPO) भारत के इतिहास में सबसे बड़ा इश्यू साबित हो सकता है। वर्तमान में यह रिकॉर्ड पेटीएम (Paytm) के नाम दर्ज है। भारत का सबसे बड़ा आईपीओ Paytm की वन 97 कम्यूनिकेशंस ने मार्केट में पेश किया था।

पिछले साल नवंबर 2021 में पेटीएम (Paytm) ने इनीशियल पब्लिक ऑफरिंग (Initial public offering) से 18300 करोड़ रुपये हासिल किए थे।

इस साल 2022 में भारतीय कंपनियों ने आईपीओ (IPO) यानी आरंभिक सार्वजनिक पेशकश के जरिए 110 करोड़ डॉलर का फंड अर्जित किया है। यह फंड पिछले साल 2021 की समान अवधि में आईपीओ (IPO) से जुटाए गए लगभग 300 करोड़ डॉलर के आधे से भी कम है।

एलआईसी (LIC) खास-खास –

भारत में 4 में से 3 जीवन बीमा पॉलिसी की सर्विस प्रदान करने वाली एलआईसी (LIC) भारत की सबसे बड़ी जबकि दुनिया की पांचवी सबसे बड़ी इंश्योरेंस कंपनी है।

प्रीमियम के मामले में जीवन बीमाकर्ता का मार्केट शेयर 64 फीसदी है। कंपनी का 1.34 मिलियन बीमा एजेंटों का एक व्यापक नेटवर्क इसका प्रमुख आधार है।

कंपनी 39 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति का मैनेजमेंट करती है। यह पूरे म्यूचुअल फंड उद्योग के प्रबंधन की राशि से भी ज्यादा है। यह राशि वित्त वर्ष 2022 के लिए भारत की वार्षिक जीडीपी के 18.5 फीसदी के बराबर है।

सितंबर 2021 तक, सूचीबद्ध इक्विटी सेक्शन में एलआईसी (LIC) का निवेश एनएसई (NSE) के कुल बाजार पूंजीकरण के 4 प्रतिशत के बराबर था।

हालांकि एलआईसी निजी खिलाड़ियों के लिए बाजार हिस्सेदारी खो रही है। इसका बिजनेस प्रीमियम (एनबीपी/NBP) पिछले पांच वर्षों में 14 प्रतिशत चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) से बढ़ा, जबकि निजी बीमा कंपनियों का समान कार्यकाल में प्रदर्शन 18 प्रतिशत सीएजीआर रहा।

रुझान पर नजर -

एलआईसी के विशाल आकार और दृश्यता के बावजूद, सलाहकर्ताओं ने कंपनी के आईपीओ से दूर रहने की सलाह दी है। क्योंकि अन्य सूचीबद्ध जीवन बीमा कंपनियों के मेट्रिक्स एलआईसी की तुलना में बेहतर हैं।

हालांकि बड़ी संख्या में पॉलिसीधारकों ने कंपनी के आईपीओ की सदस्यता के लिए डीमैट खाते खोले हैं। फिर भी माना जा रहा है कि; एलआईसी के आईपीओ (LIC IPO) के मामले में व्यक्तिगत निवेशकों की भागीदारीकम ही देखने के मिल सकती है।

राज एक्सप्रेस पर LIC IPO की लिस्टिंग के समय प्रीमियम वैल्यूएशन पर इन वजहों से संशय शीर्षक से सविस्तार जानकारी पाठकों के लिए प्रस्तुत की गई थी। इस बारे में गहराई से जानने के लिए शीर्षक स्पर्श/क्लिक करें –

Russia-Ukraine युद्ध के कारण मूल्यांकन प्रभावित होने से एलआईसी आईपीओ (LIC IPO) पूर्वानुमान 40% प्रभावित हो सकता है।
LIC IPO की लिस्टिंग के समय प्रीमियम वैल्यूएशन पर इन वजहों से संशय

डिस्क्लेमर आर्टिकल मीडिया एवं एजेंसी रिपोर्ट्स पर आधारित है। इसमें शीर्षक-उप शीर्षक और संबंधित अतिरिक्त जानकारी जोड़ी गई हैं। इसमें प्रकाशित तथ्यों की जिम्मेदारी राज एक्सप्रेस की नहीं होगी।

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