भारत का क्रिप्टो करेंसी के साथ प्यार-नफरत का क्यों है नाता?
RBI ने कहा है कि बैंक ग्राहकों को क्रिप्टो करेंसी से संबंधित लेनदेन करने से हतोत्साहित नहीं कर सकते हैं। सांकेतिक चित्रNeelesh Singh Thakur – RE

भारत का क्रिप्टो करेंसी के साथ प्यार-नफरत का क्यों है नाता?

यदि विधेयक को मंजूरी मिल जाती है, तो भारत क्रिप्टो करेंसी को अवैध बनाने वाली पहली बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा।

हाइलाइट्स –

  • क्रिप्टो पर उठापटक

  • बैंकों ने दी थी नसीहत

  • RBI ने की स्थिति साफ

राज एक्सप्रेस। भारत में डिजिटल करेंसी के लेनदेन के बारे में असमंजस की स्थिति रही है। हाल ही में रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया को बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों की ओर से दिखाए जा रहे पुराने परिपत्र के बारे में स्पष्टीकरण जारी करना पड़ा है।

क्रिप्टो का बाजार गर्म

पहली और सबसे बड़ी क्रिप्टो करेंसी 'एक बिटकॉइन' की कीमत लगभग 27 लाख रुपये के आसपास है। बिटकॉइन और अन्य को उनकी श्रेणी में एक अस्थिर संपत्ति का प्रतिनिधित्व करने वाले के रूप में देखा जाता है। इसकी कीमतें 2009 के बाद से परिदृश्य में आने के बाद कई उतार-चढ़ाव से गुजरी हैं।

जानकारों ने भविष्यवाणी की होगी कि क्रिप्टो करेंसी बर्बाद हो गई है, लेकिन वे आश्चर्यजनक रूप से लचीला साबित हुई हैं। क्रिप्टो करेंसी टेस्ला के मालिक जाने-माने उत्साही एलन मस्क (Elon Musk) के साथ ही व्यवसाय के सभी क्षेत्रों से समर्थन प्राप्त करती रही है।

भारत में कम रुझान -

भारत को आमतौर पर क्रिप्टो के मामले में धीमा देखा गया है, लेकिन देश अब अपने पहले घरेलू क्रिप्टो अरबपतियों की ओर इशारा कर सकता है। हाल ही में, आरबीआई के एक नोटिस में बैंकों को क्रिप्टो खिलाड़ियों के लेनदेन को प्रभावित न करने को कहा है। इस बात से क्रिप्टो जगत खासा उत्साहित है।

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RBI ने क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग पर की स्थिति साफ, बैंकों को दिये यह निर्देश

आरबीआई ने किस बारे में नोटिस जारी किया?

पिछले साल मार्च में, सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा बैंकों और वित्तीय संस्थानों को 2018 के एक सर्कुलर को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि उन्हें क्रिप्टो करेंसी से जुड़े लेनदेन को सुविधाजनक बनाने से बचना चाहिए।

याचिकाकर्ताओं ने शीर्ष अदालत को बताया था कि हालांकि उन्हें भारत में प्रतिबंधित नहीं किया गया था, लेकिन केंद्रीय बैंक के मार्गदर्शन ने भारत में क्रिप्टो करेंसी बाजार को प्रभावित किया था।

मूल सर्कुलर का हवाला

लेकिन ऐसा लगता है कि कई निजी और सार्वजनिक बैंक आरबीआई के मूल सर्कुलर का हवाला देते हुए अपने ग्राहकों को क्रिप्टो करेंसी में लेनदेन करने से हतोत्साहित करते रहे।

इस स्थिति ने इस सप्ताह केंद्रीय बैंक को क्रिप्टो ट्रांजेक्शन के मामले में स्थिति स्पष्ट करने के लिए विवश किया। केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट किया कि; चूंकि सुप्रीम कोर्ट ने इसके खिलाफ फैसला सुनाया था, इसलिए बैंक क्रिप्टो करेंसी से संबंधित लेनदेन के लिए सेवाओं से इनकार करने के लिए परिपत्र का हवाला नहीं दे सकते।

आरबीआई ने बताया -

बैंक और क्रिप्टो में निवेश करने वालों के बीच बनी असमंजस की स्थिति पर आरबीआई ने स्थिति स्पष्ट की है।

"माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मद्देनजर, सर्कुलर अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले की तारीख से मान्य नहीं है, और इसलिए इसे उद्धृत नहीं किया जा सकता है।"

रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया

क्या सरकार क्रिप्टो करेंसी के लिए सतर्क नहीं है?

डिजिटल आर्किटेक्चर जिसे ब्लॉकचेन कहा जाता है। इस पर ही क्रिप्टो करेंसी का वजूद टिका है। लेनदेन की निगरानी और सत्यापन के लिए केंद्रीय बैंक की आवश्यकता को दूर करने के लिए ही इसे डिजाइन किया गया है।

इन कार्यों को विकेंद्रीकृत खाता बही प्रणाली के माध्यम से ब्लॉकचेन तकनीक द्वारा क्रिप्टो करेंसी के लिए पूरा किया जाता है। स्पष्ट रूप से, क्रिप्टो करेंसी का उदय पारंपरिक बैंकिंग प्रणाली के लिए एक चुनौती है।

संदेह के दायरे में क्रिप्टो करेंसी

इसमें कोई आश्चर्य नहीं कि अधिकांश सरकारें और केंद्रीय बैंक क्रिप्टो करेंसी को संदेह की नजर से देखते हैं। वर्ष 2018 के आरबीआई सर्कुलर ने बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों को आभासी मुद्राओं की खरीद या बिक्री से संबंधित खातों में धन के हस्तांतरण या प्राप्ति सहित आभासी मुद्राओं के संबंध में कोई भी सेवा प्रदान करने के खिलाफ चेतावनी दी थी।

संसद की मंजूरी बाकी

केंद्र ने क्रिप्टो करेंसी पर प्रतिबंध लगाने पर विचार किया है लेकिन इस आशय के एक मसौदा विधेयक को संसद की मंजूरी मिलना फिलहाल बाकी है।

सख्त नीतियों में एक -

इस साल मार्च में रॉयटर्स की एक रिपोर्ट ‘बिल में क्या लिखा है?’ इस बिंदु पर प्रकाश डाला गया है। रिपोर्ट में बिल के बारे में लिखा गया "क्रिप्टो करेंसी के खिलाफ दुनिया की सबसे सख्त नीतियों में से एक"। लिखा गया है कि; क्रिप्टो-परिसंपत्तियों के कब्जे, निर्गमन, खनन और व्यापार एवं हस्तांतरण का अपराधीकरण करेगा।

... तो भारत होगा पहला देश

यदि विधेयक को मंजूरी मिल जाती है, तो भारत क्रिप्टो करेंसी को अवैध बनाने वाली पहली बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा।

RBI का डिजिटल करेंसी का प्लान

इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि आरबीआई ने खुद बताया है कि वह अपनी डिजिटल करेंसी लॉन्च करने की दिशा में काम कर रहा है।

"केंद्रीय बैंक की डिजिटल मुद्रा का कार्य प्रगति पर है। आरबीआई की टीम इसके प्रौद्योगिकी और प्रक्रियात्मक पक्ष पर काम कर रही है, कि इसे कैसे लॉन्च और रोल आउट किया जाएगा।”

शक्तिकांत दास, गवर्नर, रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया

भारत में क्रिप्टो मुद्रा निवेश की स्थिति क्या है?

इसका मतलब यह है कि निवेशकों ने क्रिप्टो करेंसी के लिए सरकार के दृष्टिकोण में सकारात्मक संकेत देखे हैं, इस उम्मीद के साथ कि "तेजी से बढ़ते बाजार में प्राधिकरण कुछ आसान हो सकता है।"

उद्योग के अनुमान के अनुसार, लगभग 8 मिलियन भारतीय निवेशकों ने क्रिप्टो करेंसी में 1.4 बिलियन डॉलर का निवेश किया है।

प्रतिबंध मुनासिब नहीं

कथित तौर पर भारत में सबसे बड़े क्रिप्टो-एक्सचेंज वज़ीरएक्स (WazirX) की नब्ज पहचानने वालों का कहना है कि; क्रिप्टो करेंसी पर प्रतिबंध मुनासिब नहीं था।

भारत की वित्त मंत्री ने खुद भारत में क्रिप्टो करेंसी के लिए 'कैलिब्रेटेड दृष्टिकोण' का आह्वान किया है। भारत में 1.5 करोड़ से अधिक क्रिप्टो उपयोगकर्ता हैं, जो अर्थव्यवस्था में 2 बिलियन डॉलर से अधिक का योगदान करते हैं। ऐसे में यह संभावना नहीं है कि भारत में क्रिप्टो करेंसी पर प्रतिबंध लगाया जाएगा।

मैटिक का जलवा

इस बीच, एक भारतीय तिकड़ी को देश के पहले क्रिप्टो अरबपतियों के रूप में सम्मानित किया जा रहा है, क्योंकि उनकी क्रिप्टो करेंसी, जिसे मैटिक (Matic) कहा जाता है, 2019 में 26 मिलियन डॉलर से बढ़कर 14 बिलियन डॉलर से अधिक हो गई।

पॉलीगॉन (Polygon) (जिसे पहले मैटिक के नाम से जाना जाता था) के सह-संस्थापक जयंती कनानी, संदीप नेलवाल और अनुराग अर्जुन ने 2017 में एक ब्लॉकचेन स्केलेबिलिटी प्लेटफॉर्म के रूप में कंपनी की स्थापना की।

यह संस्था इथेरियम (Ethereum) के लेनदेन को बढ़ावा देने में मदद करता है, जो बिटकॉइन (Bitcoin) के बाद दूसरी सबसे मूल्यवान क्रिप्टो करेंसी है।

क्रिप्टो करेंसी कैसे खरीदें?

क्रिप्टो करेंसी की ट्रेडिंग के लिए स्थापित एक्सचेंज के माध्यम से क्रिप्टो करेंसी को खरीदा और बेचा जा सकता है। ऑनलाइन लॉगिन कर या क्रिप्टो करेंसी का व्यापार करने के लिए बनाए गए स्पेशल ट्रेडिंग ऐप से भी लेनदेन किया जा सकता है।

वजीरएक्स (WazirX) के अलावा अन्य लोकप्रिय भारतीय क्रिप्टो करेंसी एक्सचेंज ज़ेबपे (Zebpay), कॉइनस्विच (Coinswitch) कुबेर (Kuber) आदि हैं। आम तौर पर, एक उपयोगकर्ता को ऐसे प्लेटफॉर्म पर साइन अप करना होता है और क्रिप्टो करेंसी में ट्रेडिंग शुरू करने के लिए एक वॉलेट बनाना होता है।

डिस्क्लेमर – आर्टिकल प्रचलित मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। इसमें शीर्षक-उप शीर्षक और संबंधित अतिरिक्त प्रचलित जानकारी जोड़ी गई हैं। इस आर्टिकल में प्रकाशित तथ्यों की जिम्मेदारी राज एक्सप्रेस की नहीं होगी।

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