Moody lowers Indian sovereign rating
Moody lowers Indian sovereign rating|Kavita Singh Rathore -RE
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Moody's ने भारत की सॉवरेन रेटिंग घटा कर बढ़ाई सरकार की मुश्किलें

भारत में लॉकडाउन के चलते छाए आर्थिक मंदी के संकट को देखते हुए रेटिंग एजेंसी मूडीज (Moody's) ने भारत की सॉवरेन रेटिंग घटा कर सरकार को बड़ा झटका दिया है।

Kavita Singh Rathore

Kavita Singh Rathore

राज एक्सप्रेस। भारत में बढ़ते कोरोना वायरस के मामलों के चलते देश में मार्च के आखिरी हफ्ते से भारत में लगातार लॉकडाउन था। जिससे भारत में हालत काफी ख़राब हो गए और एक तरफ भारत फ़िलहाल आर्थिक मंदी के संकट से गुजर रहा है। वहीं, अब रेटिंग एजेंसी मूडीज (Moody's) ने भारत की सॉवरेन रेटिंग घटा कर सरकार को बड़ा झटका दिया है।

मूडीज ने घटाई भारत की रेटिंग :

दरअसल, भारत में बिगड़ते आर्थिक हालातों के चलते इकोनॉमी की खराब हालत को मद्देनजर रखते हुए रेटिंग एजेंसी मूडीज ने भारत की सॉवरेन रेटिंग घटा दी है। जिससे भारत सरकार की मुश्किलें काफी बढ़ती नजर आ रही है। बताते चलें, यदि किसी देश की सॉवरेन रेटिंग घटती है, तो उसका सीधा असर उस देश में होने वाले निवेश पर पड़ता है।

मूडीज का कहना :

इस मामले में मूडीज एजेंसी का कहना है कि, "भारत में इस वित्त वर्ष ( 2020-21) में अर्थव्यवस्था में 4% और गिरने की आशंका है। इस सम्भावना को देखते हुए ही एजेंसी द्वारा भारत की सॉवरेन रेटिंग को घटाया गया है। इसके अलावा एजेंसी ने भारत की आउटलुक को नकारात्मक बनाये रखा है।"

बताते चलें, भारत की पहले की रेटिंग 'Baa2' थी जो एजेंसी द्वारा घटाए जाने के बाद 'Baa3' हो गई है। वहीं, मूडीज के अनुसार, भारत अभी और गंभीर आर्थिक सुस्ती का शिकार हो सकता है। मूडीज द्वारा लगाए गए अनुमान के अनुसार, चालू वित्त वर्ष के दौरान भारत का सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में 4% तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है।

रेटिंग एजेंसी कैसे देती है रेटिंग :

आपने कई बार सुना होगा कि, रेटिंग एजेंसी ने किसी देश की रेटिंग घटाई या बधाई हो तो, हम आपको बताते है ये एजेंसियां देशों की रेटिंग उनके आउटलुक रिवीजन के आधार पर घटाती या बढ़ाती हैं। इतना ही नहीं एजेंसियां किसी भी देश की रेटिंग उस देश की भविष्य परिस्थितियों की संभावनों को देखते हुए तीन कैटिगरी में बांटती हैं। जो कैटिगरी नेगेटिव, स्टेबल और पॉजिटिव आउटलुक की होती हैं। जो देश पॉजिटिव आउटलुक में होता है, उसकी रेटिंग के अपग्रेड होने की संभावना बढ़ जाती है। बताते चलें, पूरी दुनिया में कुछ मुख्य रेटिंग एजेंसिया है जो, रेटिंग तय करती है। यह एजेंसियां निम्न है।

  • स्टैंडर्ड ऐंड पूअर्स (S&P)

  • फिच

  • मूडीजइ न्वेस्टर्स

  • सॉवरेन

बता दें, मूडीज इनवेस्टमेंट ग्रेड वाले देशों को रेटिंग देती है।

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