Narayan Murthy blessed Ratan Tata's feet
Narayan Murthy blessed Ratan Tata's feet|Kavita Singh Rathore -RE
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टाईकॉन अवॉर्ड इवेंट के एक दृश्य ने कर दिया सबको हैरान

हाल ही में ऑर्गनाइज हुए एक टाईकॉन अवॉर्ड इवेंट के दौरान नारायणमूर्ति और रतन टाटा से जुड़ा एक ऐसा दृश्य सामने आया जिसे देख कर सभी हैरान हो गए, साथ ही सबने मूर्ति की जम कर तारीफ की।

Kavita Singh Rathore

Kavita Singh Rathore

हाइलाइट्स :

  • टाईकॉन अवॉर्ड इवेंट के एक दृश्य ने कर दिया सबको हैरान

  • इवेंट में नारायण मूर्ति पैर छू कर आशीर्वाद लेते नजर आये

  • पैसा डुबा देने वाले इन्वेस्टरों को नहीं मिलेगा दूसरा तीसरा मौका

  • युवा फाउंडर भारतीय उद्योग के आने वाले समय में लीडर होंगे

राज एक्सप्रेस। कई बार कुछ ऐसे दृश्य (सीन) देखने को मिलते हैं, जिन्हें भूल पाना बहुत ही मुश्किल होता है, ऐसा ही एक दृश्य हाल ही में देखने को मिला जिसने यह बता दिया कि, कुछ लोग कितना भी पैसा कमा लें, लेकिन अपनी संस्कृति नहीं भूलते हैं। दरअसल हम बात कर रहे हैं, 73 वर्षीय इन्फोसिस के को-फाउंडर एन आर नारायण मूर्ति की। टाईकॉन अवॉर्ड इवेंट में उन्होंने कुछ ऐसा किया, जिसे देख कर सभी लोग हैरान हो गए।

क्या था सीन :

दरअसल हाल ही में एक 'टाईकॉन अवॉर्ड इवेंट' ऑर्गनाइज किया था। जहां देश के जाने-माने बिजनेसमैन उपस्थित हुए थे। इस इवेंट के दौरान ही एक ऐसा दृश्य देखने को मिला जिसे देख कर सब आश्चर्यचकित रह गए। यह सीन कुछ ऐसा था कि, 82 वर्षीय देश के नंबर वन बिजनेसमैनों में शामिल रतन टाटा को टाईकाॅन मुंबई 2020 लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया जाना था और यह सम्मान उन्हें 73 वर्षीय इन्फोसिस के को-फाउंडर एन आर नारायण मूर्ति द्वारा दिया जाना था। जब मूर्ति अवार्ड देने स्टैग पर आये तब, उन्होंने रतन टाटा को अवॉर्ड से सम्मानित करते हुए उनके पैर छूते हुए उनका आशीर्वाद लिया। यह सीन कई कैमरों में भी कैद हो गया। इतना ही नहीं वहां उपस्थित सभी लोग इस सीन को देख कर हैरान रह गए थे।

इवेंट में रतन टाटा ने कहा :

इस इवेंट में रतन टाटा ने कहा कि, "जो स्टार्टअप कंपनियां इन्वेस्टरों का पैसा लेकर डुबा देती हैं और उसकी भरपाई करने की जगह गायब हो जाती हैं, ऐसी कंपनियों को फिर दूसरा या तीसरा मौका नहीं मिलेगा।" जानकारी के लिए बता दें कि, रतन टाटा स्वयं कई स्टार्टअप कंपनियों में निवेश करने वाले एक बिजनेसमैन हैं। उन्होंने आगे कहा, पुराने जमाने से चले आ रहे बिजनेस धीरे-धीरे कमजोर होते चले जाएंगे और नई इनोवेटिव कंपनियों के युवा फाउंडर भारतीय उद्योग के आने वाले समय में लीडर होंगे।

नारायण मूर्ति ने कहा :

देश की दूसरी सबसे बड़ी आईटी सेक्टर की कंपनी Infosys के को-फाउंडर नारायण मूर्ति ने इस इवेंट के दौरान अपने विचार प्रकट करते हुए कहा कि, "पेंशन फंड और बैंकों को भी भारतीय स्टार्टअप में इन्वेस्ट करना चाहिए। सिर्फ कुछ ही चुने हुए इन्वेस्टरों के बदौलत ही स्टार्टअप के लिए पॉजिटिव इन्वायरमेंट नहीं बन सकता है। इसके लिए अगर कई गुना ज्यादा फंड जुटाना है तो पेंशन फंड और बैंकों को इन्वेस्ट करने के लिए आगे आना होगा।"

सोशल मीडिया पर हुई जमकर सराहना :

कैमरे में कैद हुई इस तस्वीर जिसमें नारायण मूर्ति, रतन टाटा के पैर छू कर उनसे आशीर्वाद लेते नजर आ रहे हैं। इस दृश्य की सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर पर कई लोगों ने सराहना की। कई यूजर्स ने अलग-अलग भाव प्रकट करे। एक यूजर ने लिखा ये बहुत ही सुन्दर नज़ारा है, यह बिजनेस और संस्कार का बेस्ट उदाहरण है। वहीं एक दूसरे व्यक्ति ने लिखा कि, इन्फोसिस और टीसीएस की दो दिग्गज कंपनियां भारतीय आईटी सेक्टर में बहुत ही प्रतिद्वंद्वी हैं, लेकिन बिजनेस कंपनी के मालिक की विनम्रता और जीवन के प्रति रवैये के अलावा यह दर्शाता है कि वास्तव में वे कौन हैं... यह देखकर अच्छा लगा

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