नैचुरल गैस की कीमत में बढ़त के साथ हुआ सितंबर का अंत
नैचुरल गैस की कीमत में बढ़त के साथ हुआ सितंबर का अंतSocial Media

नैचुरल गैस की कीमत में बढ़त के साथ हुआ सितंबर का अंत

देश में पहले ही महंगाई के चलते आर्थिक मंदी के हालात पैदा हो चुके हैं। ऐसे हालातों के बीच जहां आज महीने के आखिरी दिन पेट्रोल डीजल की कीमतें बढ़ी हैं। वहीं, नैचुरल गैस की कीमतों में भी बढ़त दर्ज हुई है।

राज एक्सप्रेस। देश में कोरोना की एंट्री के बाद से देश की सबसे बड़ी समस्या कोरोना महामारी ही है। इसका बुरा असर और इसके देश में आने से हुआ बुरा असर अब तक दोनों ही दिखाई दे रहे है। क्योंकि, वायरस ने देश में हजारों लोगों की जान तो ली ही साथ ही देश में आर्थिक मंदी के हालात पैदा कर दिए हैं। ऐसे हालातों के बीच जहां आज महीने के आखिरी दिन पेट्रोल डीजल की कीमतें बढ़ी है। वहीं, नैचुरल गैस (Natural Gas) की कीमतों में भी बढ़त दर्ज हुई है।

नैचुरल गैस की कीमतों में दर्ज की गई बढ़त :

दरअसल, इस साल में जितनी तेजी से LPG गैस सिलेंडर, पेट्रोल-डीजल, CNG और PNG की की कीमतें बढ़ रही हैं, उस दुगनी तेजी से तो सोने-चांदी की कीमतें भी नहीं बढ़ रही हैं। वहीं, अब इस महीने सितंबर के आखिरी दिन यानी गुरुवार को नैचुरल गैस (Natural Gas) की कीमतों में भी बढ़त दर्ज की गई है। इसी कड़ी में राज्यों में नैचुरल गैस की कीमत में 62% तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह नई कीमतें कल सुबह 6 बजे से लागू कर दी जाएंगी, यानी यदि किसी भी कार्य के लिए नैचुरल गैस का इस्तेमाल होता है तो, उसे उसमें यह नई दरों पर ही नैचुरल गैस मिलेगी। हालांकि, अप्रैल 2019 के बाद यह पहला मौका है जब नैचुरल गैस की कीमतों में भी बढ़त दर्ज हुई है।

नैचुरल गैस का उपयोग :

बताते चलें, नैचुरल गैस (Natural Gas) का उपयोग फर्टिलाइजर, बिजली उत्पादन और CNG गैस (Compression Natural Gas) तैयार करने में किया जाता है। इस बढ़त के बाद इन सभी पर प्रभाव पड़ेगा। साथ ही CNG, PNG और फर्टिलाइजर की कीमतें भी बढ़ ही जाएंगी। बता दें, नैचुरल गैस की कीमत में यह बढ़त मानक माने जाने वाले अंतरराष्ट्रीय बाजार में दाम में तेजी के कारण दर्ज की गई हैं। सामने आई रिपोर्ट के अनुसार, 'पब्लिक सेक्टर की ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन (ONGC) जैसी कंपनियों को नामांकन आधार पर आबंटित क्षेत्रों से उत्पादित नैचुरल गैस की कीमत 1 अक्टूबर से अगले छह महीने के लिये 2.90 डालर प्रति 10 लाख ब्रिटिश थर्मल यूनिट होगी। जबकि, कठिन क्षेत्रों में स्थित फील्डों से उत्पादित गैस की कीमत 6.13 डॉलर प्रति 10 लाख ब्रिटिश थर्मल यूनिट होगी।'

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