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मिडिल क्लास के लोगों को मिलेगा नया हेल्थ केयर सिस्टम

माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर बिल गेट्स की उपस्थिति में नीति आयोग ने एक रिपोर्ट रिलीज की, जिसमें भारत में उपस्थित मिडिल क्लास के लोगों के लिए एक नए हेल्थ सिस्टम की तैयारी की बात सामने आई।

Kavita Singh Rathore

Kavita Singh Rathore

हाइलाइट्स :

  • भारत में एक नए हेल्थ सिस्टम की तैयारी

  • माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर बिल गेट्स भी रहे उपस्थित

  • नीति आयोग ने रिलीज की रिपोर्ट

  • मिडिल क्लास के लोगों को मिलेगा नया हेल्थ केयर सिस्टम

राज एक्सप्रेस। अब मिडिल क्लास लोगों को मिल सकती है खुशखबरी क्योंकि सरकारी थिंक टैंक नीति आयोग एक बड़े फैसले पर विचार कर रही है। नीति आयोग देश में एक नया हेल्थकेयर सिस्टम लाने पर विचार कर रही है जो, देश के मिडिल क्लास लोगों के लिए ही होगा। इसी के चलते आयोग ने स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने वालों को स्वास्थ्य पर होने वाले खर्च को कम करने की मांग की है, जिसके चलते पहुंच को और बढ़ाया जा सकेगा।

वाइस चेयरमैन का कहना :

सोमवार को नीति आयोग के वाइस चेयरमैन राजीव कुमार ने कहा कि, हमारे द्वारा ले जाने वाली योजना लाभ उन लोगों को दिया जाएगा जो, फ़िलहाल में लागू किसी भी योजना का लाभ न ले सकें हों। साथ ही यह नया सिस्टम उन लोगों के लिए भी होगा जो, जल्द लॉन्च हुई आयुष्मान भारत योजना का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। हालांकि आंकड़ों पर नजर डाली जाये तो, आयुष्मान भारत योजना का लाभ देशभर में 40% लोगों को मिल रहा है। इसके अलावा देश में अभी भी ऐसे 50% लोग हैं, जो किसी भी सार्वजनिक हेल्थकेयर योजना का लाभ नहीं ले पा रहे हैं।

नए हेल्थकेयर सिस्टम का उदेश्य :

नीति आयोग का इस नए हेल्थकेयर सिस्टम को लाने का मुख्य उदेश्य मध्य वर्ग तक चिकित्सा सेवाएं पहुंचना है जिससे उनका एसेट रिस्क कम हो सके। नीति आयोग के वाइस चेयरमैन को उम्मीद है कि, देशभर की मध्य वर्ग में शामिल जनता अपने अच्छे स्वास्थ के लिए एक अच्छे सार्वजनिक हेल्थकेयर सिस्टम पर 200 या 300 रुपए का भुगतान करने में सोचेंगे नहीं। इस भुगतान को करने से नई योजना की शुरुआत हो जाएगी।

नीति आयोग की रिपोर्ट :

सोमवार को माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर बिल गेट्स की उपस्थिति में नीति आयोग के चेयरमैन राजीव कुमार ने एक रिपोर्ट रिलीज की है। इसी रिपोर्ट में हेल्थ सेक्टर में बदलाव लाने को लेकर सेवाओं की 'रणनीतिक खरीदारी' और हेल्थ रिकॉर्ड के डिजिटाइजेशन का सुझाव भी दिया गया है। इतना ही नहीं रिपोर्ट में मिडिल क्लास लोगों के लिए हेल्थ केयर सिस्टम बनाने की भी बात चढ़ गई है। इस रिपोर्ट के मुताबिक़ हेल्थ सिस्टम के चार क्षेत्रों को चुना गया है। जो कि है,

  • अधूरे सार्वजनिक स्वास्थ्य एजेंडे तक पहुंच

  • नागरिकों को स्वास्थ्य सेवाओं का बेहतर खरीदार बनाना

  • जेब खर्च को कम करने के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का एकीकरण

  • हेल्थकेयर का डिजिटाइजेशन।

हेल्थ सिस्टम फॉर न्यू इंडिया नाम की रिपोर्ट में कहा गया है,

'हर साल करीब एक बिलियन के लेनदेन की कल्पना कीजिए, जहां मरीज लाखों स्वास्थ्य सेवा देने वाले प्रोवाइडर से इलाज कराते हैं। इनमें ज्यादातर प्राइवेट प्रोवाइडर हैं, जो खुद अपनी कीमत तय करते हैं।'

हेल्थ सिस्टम फॉर न्यू इंडिया

कुछ मुख्य बिंदु :

  • भारत में कुल स्वास्थ्य पर खर्च होने वाली धन राशि देश की कुल GDP की करीब 1.4% है।

  • भारत में उपलब्ध जनता में से करीब 20% लोग ही हेल्थ इंश्योरेंस के दायरे में आ पाते हैं।

  • सरकार आयुष्मान भारत योजना का दायरा बढ़ाने की लगातार कोशिश कर रही है।

  • भारत के हेल्थ सिस्टम में बदलाव लाने के लिए एक साथ धनराशि कम करना होगा।

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