बहन और जीजा ने सरकारी गवाह बन बढ़ाई नीरव मोदी की मुश्किलें
Nirav Modi's Sister and brother-in-law became official witnessesKavita Singh Rathore -RE

बहन और जीजा ने सरकारी गवाह बन बढ़ाई नीरव मोदी की मुश्किलें

PNB से सामने आये बड़े घोटाले का मुख्य आरोपी नीरव मोदी की मुश्किलें तब और बढ़ गईं जब नीरव मोदी की बहन और जीजा सरकारी गवाह यानी अभियोजन पक्ष का गवाह बनने के लिए तैयार हो गए।

राज एक्सप्रेस। पंजाब नेशनल बैंक (PNB) से सामने आये बड़े घोटाले का मुख्य आरोपी हीरा कारोबारी नीरव मोदी जिसे भारत द्वारा भगोड़ा घोषित कर दिया गया था, उसे 19 मार्च को लंदन में पकड़ा गया था और तब से उस पर लंदन में ही केस चल रहा है। नीरव मोदी के प्रत्यर्पण मामले को लेकर अंतिम फैसला 7 जनवरी को होना था, लेकिन नीरव मोदी की मुश्किलें तब और बढ़ गईं जब नीरव मोदी की बहन और जीजा सरकारी गवाह यानी अभियोजन पक्ष का गवाह बनने के लिए तैयार हो गए।

बहन और जीजा बने सरकारी गवाह :

जी हाँ, पंजाब नेशनल बैंक के घोटाले के आरोपी नीरव मोदी के मामले में हो रही सुनवाई के दौरान नीरव मोदी की बहन और उसका पति सरकारी गवाह बनने के लिए तैयार हो गए। उन्हें अभियोजन पक्ष की तरफ से गवाही देने की अनुमति दे दी गई है। हालांकि, इस मामले में उन्हें पहले ही मुंबई की कोर्ट से मंजूरी मिल चुकी थी। इस बारे में जानकारी प्रवर्तन निदेशालय को दिए गए बयान से सामने आए थे। इस बयान में नीरव मोदी की बहन पूर्वी मोदी ने अपने नाम पर रखे गए बैंक खातों और परिसंपत्तियों के बारे में पूरी जानकारी साफ़ तौर पर देदी थी।

बहन ने किया कई जगह की संपत्ति का खुलासा :

बताते चलें, नीरव की बहन बहन एक बेल्जियम की नागरिक हैं, जबकि उनके पति मियांक मेहता ब्रिटिश नेशनल हैं। दोनों के द्वारा पिछले साल 2020 में मुम्बई कोर्ट में एक अर्जी दायर करते हुए माफी की मांग करते हुए सरकारी गवाह बनने की इच्छा जताई थी। तब ही बहन ने ED को एक बयान में कई सारी जानकारी दी थी। इस बयान में कई जगह की संपत्ति शामिल है। इसमें एक ट्रस्ट जिसमें मुंबई का 19.5 करोड़ रुपये का एक फ्लैट, न्यूयॉर्क में 220 करोड़ की कीमत वाले दो फ्लैट, स्विस बैंकों में दो खाते जिनमें 270 करोड़ हैं, लंदन में 62 करोड़ की कीमत का एक फ्लैट, और मुंबई में एक बैंक खाता जिसमें 1.92 करोड़ की रकम है।

माफीनामे में कही मुख्य आरोपी न होने की बात :

नीरव मोदी की बहन और जीजा दोनों द्वारा दायर किए गए माफीनामे में खुद को मुख्य आरोपी न बताते हुए कहा था कि, वह लोग इस मामले में मुख्य आरोपी नहीं है और केवल ED द्वारा एक मामूली हिस्सा आवंटित किया गया था, जो मामले की जांच कर रहा है। उन्होंने सभी जानकारी और दस्तावेज देने में एजेंसी का पूर्ण सहयोग किया है। ED ने उनके आवेदन का समर्थन भी किया था, इस शर्त के साथ कि वे जानकारी में और अपनी व्यक्तिगत क्षमता में मामले के तथ्यों के बारे में पूर्ण प्रकटीकरण करते हैं। हालांकि, मामले से संबंधित उनकी कंपनियों के लिए क्षमा नहीं है।

पंजाब नेशनल बैंक (PNB) घोटाले के दोषी :

ज्ञात हो, पंजाब नेशनल बैंक घोटाला 13 हजार करोड़ रुपए से ज़्यादा रूपये के घोटाले का मामला है जो, बैंक की मार्केट वैल्यू का क़रीब एक-तिहाई और साल 2017 की आख़िरी तिमाही के मुनाफ़े का 50 गुना था। ये घोटाला मुंबई की एक ब्रांच से गलत ट्रांसेक्शन के द्वारा किया गया था। इस घोटाले में मुख्य तौर पर 2 डायमंड कंपनियों के मालिक नीरव मोदी का नाम सामने था साथ ही गीतांजलि जेम्स लिमिटेड कंपनी के प्रमुख मेहुल चौकसी का नाम भी इस मामले से जुड़ा था।

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