NSE लगातार 5वें साल बना दुनिया का सबसे बड़ा डेरिवेटिव एक्सचेंज,इक्विटी सेगमेंट में तीसरा स्थान

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) कारोबारी अनुबंधों की संख्या के लिहाज से 2023 में एक बार फिर दुनिया के सबसे बड़े डेरिवेटिव एक्सचेंज के रूप में सामने आया है।
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हाईलाइट्स

  • इस साल एनएसई ने कई मील के पत्थर स्थापित किए हैं

  • एनएसई का मार्केट कैप 4 ट्रिलियन डॉलर ऊपर निकला

  • एसएमई कंपनियों ने 1,00,000 करोड़ का आंकड़ा पार किया

राज एक्सप्रेस । नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) कारोबारी अनुबंधों की संख्या के लिहाज से 2023 में एक बार फिर दुनिया के सबसे बड़े डेरिवेटिव एक्सचेंज के रूप में सामने आया है। वायदा उद्योग संघ (एफआईए) ने यह जानकारी दी है। एनएसई ने अपने एक बयान में बताया कि यह लगातार पांचवां साल है, जब उसने शीर्ष स्थान हासिल किया है।

एनएसई के बयान के अनुसार डेरिवेटिव व्यापार निकाय फ्यूचर्स इंडस्ट्री एसोसिएशन (एफआईए) द्वारा प्रकाशित आंकड़ों के आधार पर एनएसई समूह (नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया और एनएसई इंटरनेशनल एक्सचेंज) एक बार फिर कैलेंडर वर्ष 2023 में दुनिया के सबसे बड़े डेरिवेटिव एक्सचेंज समूह के रूप में सामने आया है।

वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ एक्सचेंज (डब्ल्यूएफई) के आंकड़ों के अनुसार एनएसई 2023 में दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा डेरिवेटिव एक्सचेंज है। जबकि, ट्रेडों की संख्या के आधार पर एनएसई इक्विटी सेगमेंट में दुनिया में तीसरे स्थान पर आया है।

इस वर्ष एनएसई ने कई मील के पत्थर स्थापित किए हैं, उदाहरण के लिए एनएसई प्लेटफार्म पर सूचीबद्ध कंपनियों का मार्केट कैप 4 ट्रिलियन डॉलर ऊपर निकल गया। एसएमई सूचीबद्ध कंपनियों ने 1,00,000 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया और निफ्टी 50 इंडेक्स पहली बार 20,000 अंक के स्तर को पार कर गया। यूनिक रजिस्टर्ड इन्वेस्टर्स की संख्या वर्ष के अंत में 8.5 करोड़ की संख्या को पार कर गई है।

एनएसई में लगातार 10वें वर्ष कारोबार करने वाले इक्विटी सेगमेंट में ग्राहकों की संख्या में 2014 से 2023 तक साल दर साल वृद्धि देखने को मिली है। इस साल इक्विटी सेगमेंट में 30 नवंबर 2023 एक ही दिन में 167,942.47 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड हाई टर्नओवर देखने को मिला था। जबकि दो दिसंबर 2023 को इक्विटी डेरीवेटिव्ज सेगमेंट में 381,623.12 करोड़ रुपये का रिकार्ड कारोबार देखने को मिला।

नकदी बाजार कारोबार के लिए इक्विटी डेरिवेटिव अनुपात में इस वर्ष मामूली गिरावट देखने को मिली है। इक्विटी डेरिवेटिव अनुपात 2022 में 2.86 से घटकर 2023 में 2.64 हो गया है। इक्विटी खंड में टी प्लस 1 आधार पर प्रतिभूतियों के निपटान की प्रक्रिया को पूरा कर लिया गया है। जबकि, प्राथमिक बाजार में, प्रतिभूतियों की लिस्टिंग की समयसीमा को घटाकर टी प्लस 3 दिन कर दिया गया है।

एक्सचेंज ने इस साल सोशल स्टॉक एक्सचेंज को एक सेगमेंट के रूप में लॉन्च किया जो जिसकी मदद से सामाजिक उद्यम (एनपीओ और एफपीई) अपने काम को व्यापक दर्शकों के सामने प्रदर्शित कर सकेंगे। इसके माध्यम से जीरो कूपन जीरो प्रिंसिपल बांड जैसे उपकरणों के माध्यम से धन जुटाएंगे। इस खंड में 42 गैर-लाभकारी संगठनों (एनपीओ) के पंजीकरण किए गए, जबकि एक एनपीओ द्वारा धन जुटाया गया।

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