Number of taxpayers doubled due to GST
Number of taxpayers doubled due to GST|Kavita Singh Rathore -RE
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GST के कारण दुगनी हुई टैक्सपेयर्स की संख्या, वित्तमंत्री ने दी बड़ी राहत

भारत की वित्त मंत्री ने आज ट्विटर पर एक के बाद एक ट्वीट करके बताया कि, इस साल टैक्स पेयर्स की संख्या दोगुनी हो गयी। जिस बिजनेसमैन का सालाना टर्नओवर 40 लाख तक था।

Kavita Singh Rathore

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GST Counseling : भारत की वित्त मंत्री ने आज ट्विटर पर एक के बाद एक ट्वीट करके बताया कि, इस साल टैक्स पेयर्स की संख्या दोगुनी हो गयी। जिस बिजनेसमैन का सालाना टर्नओवर 40 लाख तक था। उसको भी GST में छूट दी गयी है। पहले केवल 20 लाख टर्नओवर वाले बिजनेसमैन को ही टैक्स में छूट मिलती थी। एवं साथ ही वैल्यू एडेड टैक्स (VAT), एक्साइज, सेल्स टैक्स और अन्य प्रकार के टैक्स मिलाकर कुल टैक्स रेट 31 % तक होता था। जिसके कम होने से GST कंज्यूमर और टैक्सपेयर दोनों के लिए लाभदायक है।

वित्तमंत्री सीतारमण ने GST से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी साँझा की :

आज पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली की पुण्यतिथि पर, वर्तमान वित्तमंत्री सीतारमण ने घोषणा करते हुए कहा कि, GST लागू होने से पूर्व कंज्यूमर और टैक्सपेयर दोनों को कुल मिलकर 31% तक टैक्स भरना पड़ता था, किन्तु पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली ने टैक्स नियमों में बदलाव करते हुए। gst को 1 जुलाई 2017 में लागू किया। जिसके फलस्वरूप आज कंज्यूमर और टैक्सपेयर दोनों को पहले की तुलना में कम टैक्स भरना पड़ रहा है। साथ में फुटकर सामान के दामों में भारी कमी देखने को मिली है।

व्यापारियों को GST से मिला लाभ एवं छूट :

भारत के सभी छोटे व्यापारियों एवं उद्योगपातियों को GST से बड़ी राहत मिली है। पहले छोटे व्यापारी को केवल 20 लाख तक के टर्न ओवर पर छूट प्रदान की जाती थी। किन्तु GST लागू होने के बाद इसकी सीमा 40 लाख तक बढ़ा दी गयी। इसके अलावा जिनका सालाना टर्न ओवर 1.5 करोड़ रूपए हैं, उन लोगों को भी कंपोजीशन स्कीम का ऑप्शन उपलब्ध करवाया गया है। इस स्कीम के अंतर्गत वो 1% टैक्स भर के फायदा उठा सकते हैं। पहले इस स्कीम की सीमा मात्र 75 लाख रूपए ही थी।

भूतपूर्व एवं वर्तमान में GST आंकलन की स्थिति :

GST लागू होने के उपरान्त GST टेक्सपायर्स का आधार लगभग 1. 24 करोड़ तक पहुंच गया है। जो अपने में ही एक रिकॉर्ड है। क्योंकि भूतपूर्व में अर्थात जब GST बस लागू ही हुआ था, तब टैक्स पेयर्स अर्थात असेसी (Assessees) की कुल संख्या मात्र 65 लाख थी। वर्तमान में टैक्स भरने वालो की संख्या दोगुनी हो गयी है।

अतिआवश्यक और रोजमर्रा की वस्तुओ पर टैक्स घटाया गया है :

वित्त मंत्रालय ने बताया, GST के लागू होने के बाद से ही अतिआवश्यक और रोजमर्रा की वस्तुओं पर टैक्स घटा दिया गया था। केवल लग्ज़री एवं नुकसान पहुंचाने वाली वस्तुओं पर ही 28% टैक्स स्लैब रखा गया। परन्तु बाकि वस्तुओं को निचली टैक्स स्लैब में डाल दिया गया। बता दें, वर्तमान में केवल 230 वस्तुएं ही ऐसी है, जिनको 28% की टैक्स स्लैब में रखा गया है। बाकि, 200 वस्तुए ऐसी है जिनको नीचले टैक्स स्लैब में भेज दिया है। रोजमर्रा की वस्तुओ पर GST से पहले 29.3% टैक्स लगता था, वह अब घटकर 18% हो गया है। परिणाम स्वरुप वस्तुओं की कीमतों में भारी कमी देखने को मिली।

वित्त मंत्रालय द्वारा निम्लिखित वस्तुओं पर GST दरें घटाई गई :

फ्रिज, वॉशिंग मशीन, वैक्यूम क्लीनर, वुड ब्रेनर और मिक्सर, जूसर, शेवर, हेयर क्लिपर, वॉटर हीटर, हेयर ड्रायर, इलेक्ट्रिक स्मूथिंग आयरन, 32 इंच तक के टेलीविजन पर पहले कर की दर 31.3% से घटा कर 18% कर दी है।

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