बीएसएनएल 4जी सेवा के कोर सिस्टम में भारतीय कंपनियों को ही मिलेगी इजाजत
बीएसएनएल 4जी सेवा के कोर सिस्टम में भारतीय कंपनियों को ही मिलेगी इजाजतSocial Media

बीएसएनएल 4जी सेवा के कोर सिस्टम में भारतीय कंपनियों को ही मिलेगी इजाजत

बीएसएनएल ने 4जी सेवा को सबसे सुरक्षित संवाद सेवा में शामिल करने के उद्देश्य से अपने कोर सिस्टम में केवल भारतीय कंपनियों को ही काम करने की अनुमति देने का निर्णय लिया है।

राज एक्सप्रेस। बीएसएनएल ने 4जी सेवा को सबसे सुरक्षित संवाद सेवा में शामिल करने के उद्देश्य से अपने कोर सिस्टम में केवल भारतीय कंपनियों को ही काम करने की अनुमति देने का निर्णय लिया है।

इसके तहत कोई भारतीय कंपनी या फिर ऐसी विदेशी निवेश वाली कंपनी जिसका स्वामित्व भारतीयों के पास होगा, उन्हें ही बीएसएनल की 4जी सेवा के कोर सिस्टम में कार्य करने की इजाजत दी जाएगी।

पीएचडी चेंबर ऑफ कॉमर्स के टेलीकॉम कमेटी प्रमुख संदीप अग्रवाल ने इस निर्णय के लिए दूरसंचार सचिव अंशु प्रकाश का धन्यवाद करते हुए एक पत्र भी लिखा है जिसमें उन्होंने कहा है कि इससे आने वाले समय में टेलीकॉम क्षेत्र का परिदृश्य बदल जाएगा। भारतीय उपकरण निर्माता कंपनियों के लिए अवसरों का एक नया इंद्रधनुष खुल जाएगा।

श्री संदीप अग्रवाल ने इस निर्णय को लेकर कहा कि टेलीकॉम क्षेत्र में रेन और कोर दो सिस्टम होते हैं। रेन या रेडियो टावर से जुड़ा तंत्र है जबकि कोर टेलीकॉम क्षेत्र का दिल या दिमाग है। अगर कोई कंपनी टेलीकॉम क्षेत्र के कोर में काम करती है तो उसका संपूर्ण संवाद तंत्र पर नियंत्रण होता है, सभी संवाद तक उसकी पहुंच होती है।

ऐसे में बीएसएनएल की ओर से इस क्षेत्र में केवल भारतीय कंपनियों को ही काम करने की इजाजत देना एक स्वागत योग्य कदम है। इससे विदेशी कंपनियों या ठेकेदारों द्वारा जासूसी करने की आशंका पूरी तरह से खत्म हो जाएगी। श्री अग्रवाल ने कहा कि इसके अलावा सरकार ने यह निर्णय भी किया है कि टावर पर लगाया जाने वाला रेडियो सिस्टम देसी या विदेशी कोई भी कंपनी लगा सकती है लेकिन उन्हें सरकार को अपना सोर्स कोड देना होगा। इसका मतलब यह है कि सरकार जब भी चाहेगी एक क्लिक पर यह पता कर पाएगी कि रेडियो सेवा देने वाली कंपनी कोई जासूसी तो नहीं कर रही है।

श्री अग्रवाल ने कहा कि चीन और अमेरिका की कंपनियां उपकरण सस्ती दर पर उपलब्ध करा देती हैं। यह आशंका जाहिर की जा रही है कि जब भारतीय कंपनियों की ओर से उपकरण और तकनीक दी जाएगी तो वह कुछ महंगी होगी। यह संभव है कि भारतीय सामान कुछ महंगा हो लेकिन यह एक बार की बात होगी उसके बाद जब भारतीय कंपनियां इस क्षेत्र में काम करने लगेंगी तो उनका सामान भी सस्ता होगा। उसमें सुरक्षा की पूरी गारंटी होगी। इससे उपकरण और तकनीकी क्षेत्र में अच्छे वेतनमान वाली लाखों नौकरियों के नये अवसर सृजित होंगे जिससे बड़े स्तर पर लोगों को नौकरी मिलेगी। कारोबार बढऩे से सरकार को इस क्षेत्र से बड़ा कर भी हासिल होगा।

डिस्क्लेमर : यह आर्टिकल न्यूज एजेंसी फीड के आधार पर प्रकाशित किया गया है। इसमें राज एक्सप्रेस द्वारा कोई संशोधन नहीं किया गया है।

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