Pfizer की वैक्सीन कोरोना के नए स्ट्रेन पर भी असरदार
Pfizer vaccine effective on Corona's new strainSocial Media

Pfizer की वैक्सीन कोरोना के नए स्ट्रेन पर भी असरदार

भारत की तीसरी कोरोना वैक्सीन को लेकर भी एक बड़ी खबर सामने आ गई है। यह बड़ी खबर भारत की फाइजर (Pfizer) द्वारा बनी तीसरी कोरोना वैक्सीन से जुड़ी है।

राज एक्सप्रेस। पिछला साल 2020 भारत के लिए काफी बुरा साबित होने के बाद नया साल 2021 भारत के लिए काफी अच्छा साबित हो रहा है क्योंकि, नए साल की शुरुआत में ही भारतवासियों को कोरोना की एक नहीं बल्कि दो-दो वैक्सीन को लेकर बड़ी खुशखबरी मिल चुकी है। वहीं, अब भारत की तीसरी कोरोना वैक्सीन को लेकर भी एक बड़ी खबर सामने आ गई है। यह बड़ी खबर भारत की फाइजर (Pfizer) द्वारा बनी तीसरी कोरोना वैक्सीन से जुड़ी है।

कोरोना के नए स्ट्रेन पर असरदार :

दरअसल, भारत में कोरोना वैक्सीन बनाने वाली फार्मा कंपनी फाइजर ने बड़ा दावा करते हुए बताया है कि, फाइजर (Pfizer) की कोरोना वैक्सीन और ब्रिटेन से सामने आए कोरोना के नए स्ट्रेन पर भी असरदार साबित हुई है। यानी कि, यह कोरोना वैक्सीन कोविड के साथ ही कोरोना के नए स्ट्रेन से भी लड़ने की क्षमता रखती है। इसे निर्मित करने वाली कंपनी फाइजर ने बताया है कि, यह वैक्सीन ब्रिटेन और दक्षिण अफ्रीका में पाए गए कोरोना के नए स्ट्रेन पर भी असरदार है।

वैज्ञानिकों का कहना :

टेक्सास मेडिकल ब्रांच के वैज्ञानिकों का कहना है कि, 'कोविड-19 वैक्सीन इस खतरनाक वायरस को खत्म करने में प्रभावी है। ज्यादा संक्रमण दर के लिए वायरस का म्यूटेशन जिम्मेदार होता है। हमारे द्वारा (वैज्ञानिकों) किए गए एक शोध में पता चला है कि, फाइजर नए स्ट्रेन पर भी प्रभावी है।'

कैसे पता चला :

खबरों की मानें तो, वैज्ञानिकों द्वारा एक शोध किया गया था। जिसमें कई लोगों को वैक्सीन लगाने के बाद उनके खून की जांच की गई और इसी आधार पर ही यह शोध तैयार किया गया। शोध पूरा होने पर सामने वे रिपोर्ट का कहना है कि, निष्कर्ष सीमित हैं क्योंकि ये तेजी से फैलने वाले वायरस के नए वेरिएंट में पाए गए म्यूटेशन को नहीं देखता है। बता दें, इस शोध के दौरान कोरोना के नए स्ट्रेन में 17 बदलाव हुए हैं। बता दें, वैज्ञानिकों ने कोरोना के इस नए स्ट्रेन को ज्यादा खतरनाक बताया है, क्योंकि इसके आठ रूप जीन में प्रोटीन बढ़ाने वाले हैं, जिसमें से दो बहुत ही ज्यादा खतरनाक है।

  • पहला प्रोटीन - नए स्ट्रेन का N501Y रूप, जिसकी वजह से वायरस शरीर के सेल्स पर हमला कर सकता है।

  • दूसरा प्रोटीन - H69/V70 रूप, जो शरीर की प्रतिरोधी क्षमता को नुकसान पहुंचाता है।

गौरतलब है कि, फाइजर वैक्सीन एक नए तरह की एमआरएनए वैक्सीन है जो, वायरस के जेनेटिक कोड के छोटे से हिस्से को लेकर शरीर को कोरोना वायरस से लड़ना सिखाती है और शरीर की इम्यूनिटी बनाती है। जब भी यह वैक्सीन किसी व्यक्ति को दी जाती है, तो उनके शरीर में कोरोना वायरस वाले स्पाइक प्रोटीन बनते हैं लेकिन इनसे बीमारी नहीं होती और न ही शरीर की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचता है। इनसे शरीर का प्रतिरक्षा तंत्र काम करना शुरू कर देता है और कोरोना से लड़ना सीखता है।

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