SIAM की AGM में पीयूष गोयल ने वाहन कंपनियों को रॉयल्टी भुगतान कम करने कहा

शुक्रवार को SIAM की सालाना बैठक (AGM) का आयोजन किया गया। इस AGM में पीयूष गोयल ने बीते शुक्रवार को भारत की वर्तमान वाहन कंपनियों को इस नुकसान से उभरने के लिए सलाह देते हुए अपने विचार साझा किए।
SIAM की AGM में पीयूष गोयल ने वाहन कंपनियों को रॉयल्टी भुगतान कम करने कहा
piyush goyal asks auto companies to reduce royalty paymentsSocial Media

राज एक्सप्रेस। कोरोना संकट काल में इतने लंबे समय तक लॉकडाउन रहने के कारण ऑटो सेक्टर की कंपनियों को भरी नुकसान हुआ है। वहीं, शुक्रवार को सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्यूफैक्चर्स (SIAM) की सालाना बैठक (AGM) का आयोजन किया गया। इस AGM में कॉमर्स एंड इंडस्ट्री और रेल मंत्री पीयूष गोयल ने बीते शुक्रवार को भारत की वर्तमान वाहन कंपनियों को इस नुकसान से उभरने के लिए सलाह देते हुए अपने विचार साझा किए।

रॉयल्टी भुगतान कम करने की सलाह :

पीयूष गोयल ने से भारत की वाहन निर्माता कंपनियों को रॉयल्टी भुगतान कम करने की सलाह दी है। जिससे कंपनियों को इस कोरोना संकट काल में नुकसान से उबरने में काफी सहयता मिलेगी। SIAM की AGM में पियूष गोयल ने अपने सम्बोधन के दौरान कहा कि, 'देश के वाहन बाजार पर वाहन कंपनियों की अच्छी खासी पकड़ है और वह अपनी मूल कंपनियों को कई करोड़ डॉलर का रॉयल्टी भुगतान करती हैं। रॉयल्टी में कमी उनकी नकदी प्रवाह की समस्या को कम कर सकती है। इससे वाहनों की कीमतें कम करने और घरेलू बिक्री को बढ़ाने में मदद मिलेगी।'

रॉयल्टी का भुगतान करना जरूरी :

बताते चलें, भारत में वर्तमान समय में जितनी भी वाहन कंपनियां कार्य कर रही है उन्हें उनकी विदेशी सहयोगी कंपनियों को अनिवार्य रूप से प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, ब्रांड या ट्रेडमार्क के उपयोग पर रॉयल्टी का भुगतान करना पड़ता है। पीयूष गोयल ने इसे ही काम करने की सलाह देते हुए कहा कि, कुछ अन्य देशों के शुल्क और गैर-व्यापार बाधाएं खड़ी करने से भारत के वाहन निर्यात को नुकसान पहुंच रहा है। इतना ही नहीं उन्होंने उदाहरण देकर बताया कि, ऑस्ट्रेलिया जैसे देश ने कुछ विशेष तरह के आयात शुल्क लगाए हैं। वहीं इंडोनेशिया ने आयात का कोटा तय कर दिया है।

पीयूष गोयल ने कहा, 'हम इन मुद्दों का समाधान करने में लगे हुए हैं। ऑस्ट्रेलिया के साथ हमने बेहतर संवाद स्थापित किया है। मैंने इंडोनेशिया के समक्ष भी मुद्दा उठाया है। उद्योगों को बाजार तक निष्पक्ष पहुंच मिलनी चाहिए।’

क्वॉलिटी कंट्रोल ऑर्डर्स पर गोयल का कहना :

क्वॉलिटी कंट्रोल ऑर्डर्स के मामले पर पीयूष गोयल का कहना है कि, 'इसे रूकावट के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। यह सही समय है कि, भारत को क्वॉलिटी कंट्रोल की ओर ध्यान देना चाहिए और दुनिया को हाई-क्वालिटी प्रोडक्ट उपलब्ध कराने चाहिए।'

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