biogas blending with natural gas
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प्राकृतिक गैस के साथ प्रस्तावित 5% बायोगैस मिश्रण से 1.17 अरब डॉलर के LNG आयात में होगी कटौती

आईबीए के अनुसार देश में प्राकृतिक गैस आपूर्ति के साथ बायोगैस के प्रस्तावित 5 प्रतिशत मिश्रण से सालाना 1.17 अरब डॉलर के एलएनजी आयात में कमी हो सकती है।

हाईलाइट्स

  • 2025 से पीएनजी आपूर्ति के साथ 1% बायोगैस मिश्रित करने की योजना।

  • 2028-29 तक पीएनजी में बायोगैस मिश्रण 5 फीसदी तक बढ़ाने की योजना।

  • बायोगैस मिश्रण से प्रति व्यक्ति कार्बन उत्सर्जन में आ सकती है 2% की कमी।

राज एक्सप्रेस। भारतीय बायोगैस एसोसिएशन (आईबीए) के एक अध्ययन में सामने आया है कि देश में प्राकृतिक गैस आपूर्ति के साथ बायोगैस के प्रस्तावित 5 प्रतिशत मिश्रण से सालाना 1.17 बिलियन अमेरिकी डॉलर के एलएनजी आयात में कटौती हो सकती है। यह अध्ययन संपीड़ित बायोगैस ब्लेंडिंग आब्लीगेशन (सीबीओ) योजना के तहत 1 अप्रैल, 2025 से देश में पाइप्ड प्राकृतिक गैस (पीएनजी) आपूर्ति के साथ एक प्रतिशत बायोगैस मिश्रित करने के केंद्र सरकार के हालिया आदेश के बाद आया है। बता दें कि वित्तीय वर्ष 2028-29 तक पाइप्ड प्राकृतिक गैस (पीएनजी) में 5 फीसदी तक बायोगैस मिश्रण बढ़ाने की योजना है।

भारत को गैस आधारित अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य

अध्ययन के अनुसार, यह पहल भारत को गैस आधारित अर्थव्यवस्था बनाने के सरकार के व्यापक अभियान के अनुरूप है। केंद्र सरकार का लक्ष्य पीएनजी में बायोगैस का मिश्रण बढ़ाकर छह प्रतिशत करने का है। ऊर्जा मिश्रण में गैस की मौजूदा हिस्सेदारी को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 2030 तक 15 प्रतिशत करना है। आईबीए के अनुमान के अनुसार प्राकृतिक गैस के साथ बायोगैस के 5 प्रतिशत मिश्रण से 1.17 बिलियन अमेरिकी डॉलर के एलएनजी आयात कम किया जा सकता है। इससे प्रति व्यक्ति कार्बन उत्सर्जन में दो प्रतिशत की कमी आ सकती है। यह आंकड़ा 2019 के प्रति व्यक्ति 1.9 मीट्रिक टन कार्बन उत्सर्जन के अनुरूप है। इसके साथ ही आईबीए का कहना है कि जैविक कचरे को लैंडफिल में जाने से रोकने से असंख्य लाभ हो सकते हैं।

ऊर्जा जरूरतों के लिए आयातित गैस पर निर्भर है भारत

केंद्र सरकार के अनुमान के अनुसार, सीबीओ योजना लगभग 37,500 करोड़ रुपये के निवेश को प्रोत्साहित करेगी। उन्होंने कहा कि 2028-29 तक कम से कम 750 संपीड़ित बायो गैस (सीबीजी) परियोजनाओं की स्थापना की जाएगी। इससे भारत की ऊर्जा सुरक्षा में सुधार होगा, क्योंकि वर्तमान में यह अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए आयातित प्राकृतिक गैस पर बहुत अधिक निर्भर है। पीएनजी और सीबीजी के साथ बायोगैस का मिश्रण इस निर्भरता को कम करने में मदद कर सकता है, जो एक बड़ी उपलब्धि साबित होगा। बायोगैस मिश्रण में कृषि आय वृद्धि के साथ सकारात्मक सह-संबंध प्रदर्शित करने की क्षमता है, जैसा कि इथेनॉल के मामले में भी है।

मिश्रण जैव ईंधन से कम होगी परिचालन लागत

प्रत्येक अतिरिक्त बड़े पैमाने का संयंत्र, इस यह सुनिश्चित होगा कि आसपास के लगभग 1,000 एकड़ बायोगैस संयंत्र क्षेत्र को जैविक कृषि में परिवर्तित किया जा सकता है। बायोगैस का उत्पादन विभिन्न जैविक अपशिष्ट स्रोतों, जैसे कृषि अपशिष्ट, नगरपालिका ठोस अपशिष्ट और खाद्य अपशिष्ट से किया जा सकता है। इससे किसानों, अपशिष्ट प्रबंधन कंपनियों और बायोगैस उत्पादन में शामिल अन्य हितधारकों के लिए नए आर्थिक अवसर पैदा हो सकते हैं। आईबीए ने कहा कि प्राकृतिक गैस के साथ बायोगैस का मिश्रण जैव ईंधन के लिए बाजार को सुव्यवस्थित करेगा। इसका फायदा यह होगा कि इससे पूंजी और परिचालन लागत कम होकर अधिक निवेशक-अनुकूल बन जाएगी। आईबीए ने कहा कि इस बात पर भी जोर देने की जरूरत है कि बाजार में जैव ईंधन की बिक्री आसान हो जाएगी और निवेशकों का विश्वास बढ़ने से पारिस्थितिकी तंत्र को फायदा होगा।

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