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#RatanTata के बर्थडे पर जाने अपमान का बदला सफलता से लेने का किस्सा

रतन टाटा के 82वे जन्मदिन पर उन्हें टैग करते हुए लोगों ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म ट्वीटर पर बधाईयां दीं। जिससे ट्वीटर पर #RatanTata हैशटैग काफी ट्रेंड करता नजर आया।

Kavita Singh Rathore

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राज एक्सप्रेस। आज (28 दिसंबर) टाटा संस और टाटा ग्रुप के अध्यक्ष रतन टाटा के 82वें जन्मदिन पर उन्हें टैग करते हुए लोगों ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म ट्वीटर पर बधाईयां दीं। जिससे ट्वीटर पर #RatanTata हैशटैग काफी ट्रेंड करता नजर आया। चलिए उनके जन्मदिन पर जानें उनकी सफलता की कहानी।

अपमान का बदला सफलता से :

कई बार आपने लोगों को कहते सुना होगा कि, अपने अपमान का बदला ऐसे लूंगा याद रखेगा, लेकिन कैसे? कभी आपने किसी को अपने अपमान का बदला अपनी सफलता के द्वारा लेते देखा है? अगर नहीं देखा तो, आइये आज आपको "रतन टाटा" (Ratan Tata) का वो किस्सा सुनाते हैं, जिसमे उन्होंने अपने अपमान का बदला अपनी सफलता से लिया। चलिए, जाने कौन हैं रतन टाटा और कैसे इन्होंने अपने अपमान का बदला अपनी सफलता द्वारा लिया। आइये उस हम उस घटना की बात करते हैं, जिसमें रतन टाटा ने अंग्रेजी की कहावत "Success is the best revenge" (सफलता ही सबसे अच्छा बदला है) को सच कर दिखाया।

कौन हैं रतन टाटा :

रतन टाटा का पूरा नाम "रतन नवल टाटा" है, उनका जन्म 28 दिसंबर 1937, को मुम्बई में हुआ था। यह (TATA) टाटा समूह के अध्यक्ष हैं। वह कंपनी जो चुटकी भर नमक से लेकर बड़ी-बड़ी कारें और मशीनें तक बनाती है। इस कंपनी की स्थापना जमशेदजी टाटा ने की थी, जो रतन टाटा के दादाजी हैं। रतन टाटा को 1991 में टाटा समूह का चैयरमेन बनाया गया था। इसके बाद 1971 में रतन टाटा को राष्ट्रीय रेडियो और इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी लिमिटेड (नेल्को) का डाईरेक्टर-इन-चार्ज नियुक्त किया गया। रतन टाटा की कंपनी कई सेक्टरों में भाग ले चुकी है। इनमें से एक 'Tata Motors' और 'Tata Sons' भी शामिल हैं।

कैसे हुआ रतन टाटा का अपमान:

रतन टाटा ने 1998 में Tata Motors की Indica कार लांच की थी, जो उनका एक ड्रीम प्रोजेक्ट था। उस प्रोजेक्ट पर बहुत मेहनत के बाद भी कुछ खास रिस्पांस नहीं मिला। जिससे Tata Motors कंपनी को घाटा हुआ और कंपनी के शेयरहोल्डरों ने कंपनी को बेचने का सुझाव दिया। मन न होते हुए भी रतन टाटा कंपनी को बेचने के लिए तैयार हो गए। वे अपने शेयरहोल्डरों के साथ अपनी कंपनी को बेचने का प्रस्ताव लेकर Ford कंपनी के हेड क्वाटर अमेरिका पहुंचे। वहाँ Ford कंपनी के साथ रतन टाटा और उनके शेयरहोल्डरों की 3 घंटे की मीटिंग के दौरान फोर्ड के चैयरमेन विल फोर्ड ने रतन टाटा से बहुत ही बदसलूकी की और कहा-

"जब तुम्हे इस बिजनेस का कोई ज्ञान नहीं था तो, तुमने इस कार को लांच करने में इतना पैसा क्यों लगाया हम तुम्हारी कंपनी को खरीद कर तुम पर अहसान कर रहे हैं।"

विल फोर्ड, फोर्ड के चैयरमेन

कैसे लिया बदला :

Ford कंपनी के द्वारा हुए अपमान के बाद रतन टाटा डील को अधूरा छोड़ कर अपने शेयरहोल्डरों के साथ वापस आ गये। वह विल फोर्ड की बातों को भूल ही नहीं पा रहे थे, तब उन्होंने अपनी Tata Motors कंपनी को किसी को भी न बेचने का फैसला किया। उन्होंने फिर से अपनी कंपनी में जी-जान से मेहनत करना शुरू कर दी। देखते ही देखते उसी कंपनी का बिजनेस तेजी से बढ़ा और कंपनी को बहुत फायदा हुआ और दूसरी तरफ 2008 तक Ford कंपनी घाटे के कारण दिवालिया होने की कगार पर आ गई। उस समय रतन टाटा ने उनकी लग्जरी कार लेंड रोवर और जैगवार खरीदने का प्रस्ताव Ford कंपनी को दिया, (जिसके कारण कंपनी घाटे में गई थी) तब विल फोर्ड अपने शयरहोल्डरों के साथ उसी तरह टाटा समूह पहुंचे, तब विल फोर्ड ने रतन टाटा से कहा-

आप हमारी कंपनी खरीद कर हम पर बहुत बड़ा अहसान कर रहे हैं।

विल फोर्ड फोर्ड के चैयरमेन

पर्सनल लाइफ :

रतन टाटा ने शादी नहीं की। शादी को लेकर रतन टाटा ने साल 2011 में बयान दिया था कि, चार बार शादी के बंधन में बंधने से चूके। आपको बता दूं कि मैं चार बार शादी करने के लिए गंभीर हुआ और हर बार किसी और हर बार किसी न किसी डर से मैं पीछे हट गया।

रतन टाटा का व्यक्तित्व :

  • रतन टाटा बहुत ही शर्मीले स्वाभाव के व्यक्ति हैं।

  • उन्ह शोऑफ (झूठी चमक दमक) पर विश्वास नहीं हैं।

  • रतन टाटा अपने द्वारा किये गए वादों का पालन करना भली भांति जानते हैं।

  • वह कई सालों से मुम्बई के कोलाबा में रह रहे है जहां उनके साथ बहुत सी किताबें और कुत्ते हैं।

  • रतन टाटा की सराहना उनकी एक छोटी 1 लाख रूपये की कार, 'नैनो' के लिए भी हुई है।

रतन टाटा और उनकी कंपनी से जुड़े कुछ बिंदु:

  • रतन टाटा ने लग्जरी कार लेंड रोवर और जैगवार ब्रांड की डील 9300 करोड़ में पूरी की थी।

  • टाटा समूह भारत के सबसे बड़े व्यापारिक समूहों में शुमार हैं।

  • लेंड रोवर और जैगवार ब्रांड आज टाटा समूह का हिस्सा है।

  • रतन टाटा को पद्मभूषण पुरुष्कार (2000) और पद्म विभूषण (2008) से नवाजा गया है।

  • रतन टाटा के बिजनेस लगभग 100 देशों में फैला हुआ है।

  • टाटा नमक और चाय, टाटा स्टील, टाटा मोटर्स भी टाटा समूह के ही हिस्से हैं।

  • टाटा कंसल्टेंसी की शुरुआत रतन टाटा की देखरेख में ही हुई थी।

  • रतन टाटा अपने समूह के मुनाफे का 66% का हिस्सा चैरिटी में दान करते हैं।

  • टाटा समूह में साढ़े 6 लाख लोग काम करते हैं।

  • उन्हें कुछ समय पहले ही लन्दन स्कूल ऑफ़ इकॉनॉमिक्स (London School of Economics) से मानद डॉक्टरेट की उपाधि मिली है।

  • फॉर्च्यून पत्रिका द्वारा रतन टाटा व्यापर क्षेत्र के 25 सबसे प्रभावशाली लोगों की सूची में शामिल किया।

  • साल 2008 में टाटा को टाइम पत्रिका द्वारा विश्व के 100 सबसे प्रभावशाली लोगों की लिस्ट में में शामिल किया गया था।

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