RBI की जयपुर में स्वचालित बैंक नोट प्रसंस्करण केंद्र खोलने की तैयारी
RBI will open automatic bank note processing center in JaipurSocial Media

RBI की जयपुर में स्वचालित बैंक नोट प्रसंस्करण केंद्र खोलने की तैयारी

भारतीय रिजर्व ऑफ़ (RBI) इंडिया ने एक स्वचालित बैंकनोट प्रसंस्करण केंद्र खोलने का फैसला किया है। जो कि, जयपुर में खोला जाएगा। RBI ने इस बारे में जानकारी दी।

राज एक्सप्रेस। देश में नोटबंदी के बाद काफी हद्द तक ट्रांजेक्शन के लिए ऑनलाइन ऐप या वॉलेट को जरिया बनाया गया। इसके बावजूद भी आज भारत में कैश पैसे रखने का काफी चलन हैं। देश में नए नोटों के आने के बाद देश में नोटों का सर्कुलेशन काफी बढ़ा है। इस बात को ध्यान में रखते हुए देश के केंद्रीय बैंक भारतीय रिजर्व ऑफ़ (RBI) इंडिया ने एक स्वचालित बैंकनोट प्रसंस्करण केंद्र खोलने का फैसला किया हैं। जो कि, जयपुर में खोला जाएगा। RBI ने इस बारे में जानकारी ऐलान करते हुए दी।

RBI खोलेगा स्वचालित बैंक नोट प्रसंस्करण केंद्र :

दरअसल, भारतीय रिजर्व ऑफ़ (RBI) इंडिया द्वारा जयपुर में एक स्वचालित बैंक नोट प्रसंस्करण केंद्र खोलने की तैयारी की जा रही है। इस केंद्र के माध्यम से नोटों की प्राप्ति, भंडारण व प्रेषण का काम किया जाएगा। इस केंद्र पर मुुद्रा चेस्ट और बैंक शाखाओं से प्राप्त बैंकनोट का प्रसंस्करण और फटे पुराने व गंदे नोटों को नष्ट करने का काम भी सुचारु रूप से किया जाएगा। इस बारे में बताते हुए RBI का कहना है कि,

डिजिटल भुगतान में बढ़ोतरी के बाद भी नकद भुगतान आज भी अधिकतर भारतीयों के लिए लेनदेन का महत्वपूर्ण माध्यम है। यही नहीं डिजिटल भुगतान के साथ साथ बैंक नोटों का सर्कुलेशन भी बराबर तेजी से बढ़ा है। बड़ी मात्रा में बैंक नोटों के सर्कुलेशन में वृद्धि का वैश्विक रुझान भारत में भी देखा गया। मार्च 2001 से मार्च 2019 तक बैंक नोटों के सर्कुलेशन में तीन गुना बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जबकि, मार्च 2001 से मार्च 2019 तक प्रेस द्वारा बैंक नोटों की आपूर्ति लगभग चार गुना बढ़ी है और इसके अभी कई गुना बढ़ने की उम्मीद है।
RBI

RBI का मानना :

इस बढ़त को देखते हुए भारतीय रिजर्व ऑफ़ (RBI) का मानना है कि, अब नकदी प्रबंधन के मौजूदा नियमों में बदलाव करने की जरूरत है। इसी सोच के साथ RBI तकनीक का सहारा लेते हुए बैंक प्रोसेसिंग के काम को पूरी तरह स्वचालित करने का फैसला लिया है। बताते चलें, जयपुर में खुलने वाले स्वचालित बैंकनोट प्रोसेसिंग केंद्र की एक अनुमानित क्षमता भी तय की गई है। इसमें -

  • 2024-25 में रोजाना औसत 18.83 करोड़ नए नोट रखे जाएंगे।

  • 2029-30 में 29.50 करोड़ और 2039-40 में 68.53 नोट रखे जाएंगे।

  • 2024-25 में 77.18 करोड़, 2029-30 में 115.68 करोड़ और 2039-40 के दौरान 277.57 करोड़ पुराने खराब नोटों का भंडारण होगा।

  • पुराने नोटों को 15 दिन तक रखा जाएगा।

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