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Anil Ambani's resignation rejected
Anil Ambani's resignation rejected|Social Media
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RCom चेयरमैन अनिल अंबानी का इस्तीफा हुआ नामंजूर

काफी नुकसान के चलते अनिल अंबानी ने रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCom) के निदेशक पद को छोड़ने का फैसला लिया था, जिसके चलते अनिल अंबानी ने अपने पद से इस्तीफा दिया था, लेकिन कर्जदाताओं ने उसे नामंजूर कर दिया।

Kavita Singh Rathore

Kavita Singh Rathore

हाइलाइट्स :

  • RCom चेयरमैन अनिल अंबानी सहित 4 लोगों के इस्तीफे नामंजूर

  • कर्जदाताओं ने किया अनिल अंबानी का इस्तीफा नामंजूर

  • रेजोल्यूशन का नियंत्रण अनीष निरंजन नानावती के हाथ में

  • RCom को हुआ जुलाई-सितंबर तिमाही में करोड़ो का घाटा

राज एक्सप्रेस। साल 2008 में दुनिया के सबसे अमीर शख्स की लिस्ट में शुमार होने वाले रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCom) के चेयरमैन अनिल अंबानी ने कुछ दिन पहले ही गंभीर हालातों के चलते अपनी ही कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस के निदेशक पद से इस्तीफा दे दिया था, लेकिन RCom के कर्जदाताओं ने उनका इस्तीफा नामंजूर कर दिया है। हालांकि अनिल अंबानी अकेले नहीं है जिनका इस्तीफा नामंजूर हुआ है, उनके अलावा चार अन्य निदेशकों के इस्तीफे भी नामंजूर कर दिए गए हैं। यह फैसला 20 नवंबर को हुई बैठक के बाद आया।

रेजोल्यूशन प्रोफेशनल का सहयोग करें :

रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCom) के चेयरमैन अनिल अंबानी को कहा गया है कि, वह दिवालिया प्रक्रिया पूरी करने में रेजोल्यूशन प्रोफेशनल का सहयोग करें। इस बात की जानकारी स्वयं RCom कंपनी ने रविवार को दी। कंपनी ने यह भी बताया कि, अनिल अंबानी के जिन लोगों के इस्तीफे भी नामंजूर हुए है, उनमे छाया विरानी, रायना कराणी, मंजरी काकर और सुरेश रंगचर के नाम भी शामिल हैं।

RCom रेजोल्यूशन का नियंत्रण :

फ़िलहाल कंपनी दिवालिया प्रक्रिया से गुजर रही है जिसके चलते RCom रेजोल्यूशन प्रोफेशनल अनीष निरंजन नानावती के नियंत्रण में है। उन्हें यह नियंत्रण इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरस्पी कोड (IBC) के अंतर्गत नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल द्वारा जून में नियुक्ति से मिला था। बताते चलें कि, कंपनी के खिलाफ यह दिवालिया की याचिका स्वीडन की टेलीकॉम उपकरण कंपनी एरिक्सन ने पिछले साल लगाई थी। जिसके बाद RCom द्वारा अपीलेट ट्रिब्यूनल से स्टे ले लिया गया था, लेकिन अचानक कंपनी ने इस साल दिवालिया प्रक्रिया में जाने का फैसला ले लिया।

सितंबर तिमाही में हुआ करोड़ो का घाटा :

RCom की संपत्तियां दिवालिया प्रक्रिया से गुजर रही है और वहीं कंपनी को जुलाई-सितंबर तिमाही में करोड़ों का घाटा हुआ है। कंपनी के कर्जदाताओं ने बकाया कर्ज की रकम 49000 करोड़ रूपये बताई है। RCom को जुलाई-सितंबर की तिमाही में 30,142 करोड़ रुपए का घाटा झेलना पड़ा। यह घाटा कोई छोटा-मोटा घाटा नहीं है बल्कि किसी भारतीय कंपनी द्वारा तिमाही में झेला गया दूसरा बड़ा घाटा है। RCom को यह घाटा एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू मामले पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा सुनाये गए फैसले से हुआ है। कोर्ट ने अपने फैसले में RCom कंपनी को लाइसेंस और स्पेक्ट्रम फीस की बकाया राशि के लिए 28,314 करोड़ रुपए की प्रोविजनिंग करने को कहा था।

बंटवारे में मिली थी फायदे वाली कंपनी :

विवाद के चलते 2005 में अंबानी परिवार के कारोबार का बंटवारा हो गया था, बंटवारे में फायदे वाली कंपनी मिलने के बाद भी अनिल अंबानी की कंपनी RCom घाटे में चली गई। RCom के घाटे में जाने का एक मुख्य कारण टेलिकॉम सेक्टर में रिलायंस Jio की एंट्री भी है। काफी नुकसान के चलते अनिल अंबानी ने RCom के निदेशक पद को छोड़ने का फैसला लिया था, पूरी जानकारी के लिए- क्लिक करें

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