रिलायंस नेवल एंड इंजीनियरिंग लिमिटेड की कमान संभालेंगे मुंबई के ये उद्योगपति
रिलायंस नेवल एंड इंजीनियरिंग लिमिटेड की कमान संभालेंगे मुंबई के ये उद्योगपति Syed Dabeer Hussain - RE

रिलायंस नेवल एंड इंजीनियरिंग लिमिटेड की कमान संभालेंगे मुंबई के ये उद्योगपति

अनिल अंबानी के रिलायंस ग्रुप की घाटे में ही चल रही रिलायंस नेवल एंड इंजीनियरिंग लिमिटेड अब बिकने की कगार पर आ पहुंची है। जी हां, अब RNEL की कमान मुंबई के उद्योगपति निखिल वी. मर्चेंट संभालेंगे।

राज एक्सप्रेस। लगातार कर्ज में डूबी अनिल अंबानी के रिलायंस ग्रुप की कंपनी रिलायंस नेवल एंड इंजीनियरिंग लिमिटेड (Reliance Naval and Engineering Ltd) के शेयर भारतीय शेयर बाजार में साल 2019 में काफी उछाल देखने को मिली था। उसके बाद से कंपनी लगातार घाटे में ही चल रही थी थी। वहीं, अब कंपनी बिकने की कगार पर आ पहुंची है। जी हां, अब RNEL की कमान मुंबई के उद्योगपति निखिल वी. मर्चेंट संभालेंगे।

निखिल वी. मर्चेंट संभालेंगे कंपनी की कमान :

दरअसल, अनिल अंबानी के रिलायंस ग्रुप की कंपनी रिलायंस नेवल एंड इंजीनियरिंग लिमिटेड काफी समय से कर्ज में डूबी होने के चलते लगातार नुकसान का सामना कर रही है। `वहीं, अब यह कंपनी बिक गई है। कंपनी की नीलामी प्रक्रिया में सबसे ज्यादा बोली लगाकर उद्योगपति निखिल वी. मर्चेंट ने इस कंपनी का अधिग्रहण कर लिया है। बता दें, RNEL को मूल रूप से पिपावाव शिपयार्ड के नाम से जाना जाता है। निखिल मर्चेंट और उनके पार्टनर्स द्वारा समर्थित कंसोर्टियम हेजल मर्केंटाइल प्राइवेट लिमिटे ने तीसरे राउंड के दौरान सबसे बड़ी बोली लगाई, जो बाकि अन्य कंपनियों की तुलना में सबसे ज्यादा है।

कंपनी का कर्ज :

बीते महीने कमेटी ऑफ क्रेडिटर्स (COC) ने इस नीलामी प्रक्रिया में भाग ले रहीं कंपनियों से चर्चा कर उच्च प्रस्तावों की मांग की थी, जिसके बाद हेजल मर्केंटाइल ने शिपयार्ड के लिए अपनी बोली को संशोधित कर 2700 करोड़ रुपये कर दिया है, पहले इसने 2,400 करोड़ रुपये की पेशकश की थी। बताते चलें, रिलायंस नेवल एंड इंजीनियरिंग लिमिटेड कंपनी का लीड बैंकर IDBI रिलायंस है। शिपयार्ड को पिछले साल जनवरी में नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) में ले जाया गया था ताकि बकाया लोन को वसूला जा सके। रिलायंस नेवल एंड इंजीनियरिंग पर करीब 12,429 करोड़ रुपये का कर्ज है। जबकि कंपनी पर 10 बड़े बैंक के भी कर्ज है। जिनमें भारतीय स्टेट बैंक (SBI) का 1,965 करोड़ रुपये और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया का लगभग 1,555 करोड़ रुपये का कर्ज बकाया है।

कंपनियों की बोली :

बताते चलें, पिछले दिनों अनिल अंबानी की रिलायंस नेवल एंड इंजीनियरिंग लिमिटेड कंपनी के लिए तीन कंपनियों ने बोलियां लगाई थी। जिनमें से एक दुबई स्थित NRI समर्थित कंपनी का नाम शामिल है, इस कंपनी ने केवल 100 करोड़ रुपये की पेशकश की थी। जबकि, दूसरी बोली उद्योगपति नवीन जिंदल की कंपनी ने 400 करोड़ रुपये की लगाई थी और तीसरी कंपनी मुंबई के उद्योगपति निखिल वी. मर्चेंट ने लगाई थी।

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