इस हफ्ते आएंगे कई कंपनियों के नतीजे, US GDP आंकड़े व अन्य कारण तय करेंगे बाजार की दिशा

Dalal Street next week: 20 जनवरी को समाप्त छह दिन के इस सप्ताह में निफ्टी50 और सेंसेक्स गिरावट में बंद हुए। जानिए इस हफ्ते कैसा रहने वाला है शेयर बाजार
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हाईलाइट्स

  • भारतीय शेयर बाजारों में कई वजहों से इस सप्ताह बड़ी गिरावट देखने को मिली थी।

  • एचडीएफसी के नेगेटिव तिमाही नतीजों के बाद शेयर बाजार में आई बड़ी गिरावट

  • निम्नलिखित फैक्टर्स मंगलवार से शुरू हो रहे सप्ताह में शेयर बाजार को प्रभावित करेंगे

राज एक्सप्रेस । भारतीय इक्विटी बाजारों में इस सप्ताह बड़ी गिरावट देखने को मिली थी। इस दौरान निफ्टी और सेंसेक्स लगभग 1.5 फीसदी लुढ़क गए थे। तीसरी तिमाही के नतीजों के बाद एचडीएफसी बैंक के शेयरों में आई बड़ी गिरावट ने अन्य शेयरों को भी गिरा दिया और अंततः बाजार बड़ी गिरावट में बंद हुआ। 20 जनवरी को समाप्त सप्ताह में निफ्टी50 और सेंसेक्स 1.5 प्रतिशत गिरकर क्रमश 21572 और 71424 पर बंद हुए है। इस दौरान निफ्टी मिडकैप-100 में 1.16 प्रतिशत बढ़त देखने को मिली। जबकि निफ्टी स्मॉलकैप-100 में 0.17 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली।

निफ्टी बैंक 3.5 प्रतिशत गिरा। आने वाले सप्ताह में शेयर बाजार किस दिशा में बढ़ेंगे यह निम्नलिखित फैक्टर्स से तय होगा। आइए देखें वे कौन से कारण हैं जो मंगलवार से शुरू होने वाले अगले सप्ताह में बाजार की दिशा को प्रभावित कर सकते हैं। इस सप्ताह में 200 से अधिक कंपनियां 2024 की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के नतीजों की घोषणा करने वाली हैं। एक्सिस बैंक, टाटा स्टील, सिप्ला, बजाज ऑटो, कर्नाटक बैंक, ब्लू डार्ट, ओबेरॉय रियल्टी, रेलटेल, वीएसटी इंडस्ट्रीज, टाटा केमिकल, इंडियन बैंक, यूको बैंक, एसबीआई कार्ड्स आदि इसमें प्रमुख हैं। इसके अलावा, बैंक ऑफ जापान 23 जनवरी को अपनी प्रमुख ब्याज दरों की घोषणा करने वाला है।

इसके अलावा यूरोपीय सेंट्रल बैंक भी 25 जनवरी को अपनी ब्याज दरों को लेकर घोषणा करेगी। 25 जनवरी को अमेरिका की जीडीपी के आंकड़े जारी किए जाएंगे। जीडीपी के आंकड़ों से पता चलेगा कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था किस दिशा में आगे बढ़ रही है और फेडरल रिजर्व आगे क्या नीतियां जारी रखने वाला है। पिछले साल की तरह इस साल के बजट से बाजार को सार्वजनिक पूंजीगत व्यय की घोषणा की उम्मीद है। रेलवे और पावर शेयरों में उत्साह दिखाई दे रहा है। ये शेयर बीते सप्ताह भारी कारोबार के बीच नई ऊंचाई पर पहुंच गए। हालांकि विदेशी ब्रोकिंग फर्म जेफरीज को सरकारी पूंजीगत व्यय वृद्धि 10 प्रतिशत से कम रहने का अनुमान है।

इससे बाजार निराश हो सकता है। विदेशी संस्थागत निवेशक हमेशा ही भारतीय शेयर बाजार में अहम भूमिका निभाते रहे हैं। हाल के दिनों में एफआईआई ने नकदी बाजार में बड़े पैमाने पर बिकवाली की है। उन्होंने 17 से 19 जनवरी के बीच, केवल 3 दिनों में 24147 करोड़ रुपये के शेयर बेचे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि एफपीआई के विक्रेता बनने के दो प्रमुख कारण हैं। पहला कारण यह है कि अमेरिका में 10 साल की बॉन्ड यील्ड के हालिया स्तर 3.9 प्रतिशत से बढ़कर 4.15 प्रतिशत हो गया है। दूसरा कारण है भारतीय शेयरों का उच्च मूल्यांकन । एचडीएफसी बैंक के उम्मीद से कमजोर नतीजों ने जिस तरह बाजार को डुबा दिया है।

उसने कहीं न कहीं एफआईआई को बाजार से पैसा निकालने पर विवश किया है। नए सप्ताह में ईपैक ड्यूरेबल अपना 640 करोड़ रुपये का आईपीओ 23 जनवरी को बंद करेगी। इसी दिन मेडी असिस्ट ने शेयर लिस्ट होने वाले हैं। नोवा एग्रीटेक का आईपीओ 23 जनवरी को बोली के लिए खुलेगा और 25 जनवरी को बंद होगा। कंपनी 143 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है। एसएमई सेगमेंट में ब्रिस्क टेक्नोविजन का आईपीओ 23 जनवरी को खुलेगा। 24 जनवरी को डेलाप्लेक्स और फोनबॉक्स रिटेल के इश्यू खुलेंगे। हर्षदीप हॉर्टिको और मेगाथर्म इंडक्शन के आईपीओ 25 जनवरी को खुलने वाले हैं। शेयर बाजार के विश्लेषकों का मानना है कि निफ्टी के लिए सपोर्ट 21300-21400 के स्तर पर है। सपोर्ट के टूटने से अधिक बिकवाली का दबाव आ सकता है।

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