RIL ने न्यू टेक्नोलॉजी के लिए की दो नई डील
RIL ने न्यू टेक्नोलॉजी के लिए की दो नई डील Syed Dabeer Hussain - RE

RIL ने न्यू टेक्नोलॉजी के लिए कीं दो नई डील

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) ने मात्र 2-3 महीनों में लगभग 14-15 कंपनियों के साथ डील फाइनल की है। वहीं, अब कंपनी की दो और डील चर्चा में नजर आरही हैं। कंपनी ने यह डील्स न्यू टेक्नोलॉजी के लिए की है।

राज एक्सप्रेस। आज मुकेश अंबानी का नाम देश का बच्चा-बच्चा जानता है। उन्हें भारत के सबसे अमीर शख्स और सबसे मूल्यवान कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) के मालिक के रूप में जाना जाता है। यदि मुकेश अंबानी के सिर्फ लॉकडाउन में हासिल करें अचीवमेंट की बात करें तो, उनकी कंपनी ने मात्र 2-3 महीनों के दौरान लगभग 14-15 कंपनियों के साथ डील फाइनल की है। वहीं, अब कंपनी की दो और डील चर्चा में नजर आरही है। कंपनी ने यह डील्स न्यू टेक्नोलॉजी के लिए की है।

RIL की दो नई डील :

दरअसल, पिछले साल से ही मुकेश अंबानी की कंपनी अपनी डील्स को लेकर काफी चर्चा में नजर आरही है। जो कि, कंपनी ने सेमीकंडक्टर (Semiconductor) और हाइड्रोजन इलेक्ट्रोलीजर्स (Hydrogen electrolysers) जैसी न्यू टेक्नोलॉजी के लिए फाइनल की है। कंपनी ने इन दोनों टेक्नोलॉजी के लिए निवेश कर दो अहम डील फाइनल की हैं। बता दें, रिलांयस इंडस्ट्रीज ने सेमकंडक्टर के लिए जर्मनी की सेमकंडक्टर चिप बनाने वाली कंपनी Nexwafe के साथ डील की फ़ाइनल की है। जबकि हाइड्रोजन इलेक्ट्रोलीजर्स के लिए डेनमार्क की हाइड्रोजन इलेक्ट्रोलीजर्स निर्माता कंपनी Stiesdal A/S के साथ दूसरी डील फाइनल की है।

कितने में हुईं डील्स :

ख़बरों की मानें तो, रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) जर्मन कंपनी Nexwafe के साथ अपनी ही कंपनी रिलायंस न्यू एनर्जी सोलर लिमिटेड (RNESL) के माध्यम से 2.5 करोड़ यूरो भारतीय करेंसी में लगभग 218 करोड़ रुपये में डील फाइनल की है। कंपनी की यह डील भारत के लिए काफी फायदेमंद साबित होने वाली है। जबकि कंपनी की दूसरी डील की बात करें तो, RIL कंपनी ने अपनी दूसरी डील भी रिलायंस न्यू एनर्जी सोलर लिमिटेड (RNESL) के माध्यम से डेनमार्क की कंपनी Stiesdal A/S के साथ की है। कंपनी की इस डील के माध्यम से रिलायंस को भारत में electrolysers की मैन्युफक्चरिंग कर करने का लाइसेंस कंपनी से मिला है।

स्टॉक एक्सचेंजों को दी जानकारी :

बताते चलें, Nexwafe कंपनी उच्च क्षमता वाले मोनोक्रिस्टलाइन सिलिकॉन वेफर्स यानी चिप का निर्माण करती है, जो सेमीकंडक्टर के उत्पादन में काफी अहम एलीमेंट माना जाता है। इस कंपनी में किये गए निवेश से RIL को जर्मन की इस कंपनी में हिस्सेदारी हासिल हो जाएगी कंपनी ने इन दोनों डील की जानकारी मंगलवार को स्टॉक एक्सचेंजों को दी है।

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