SEBI की टी+1 योजना से शेयर बेचने के अगले दिन यूजर के अकाउंट में होगी रकम
SEBI की टी+1 योजना से शेयर बेचने के अगले दिन यूजर के अकाउंट में होगी रकमSocial Media

SEBI की टी+1 योजना से शेयर बेचने के अगले दिन यूजर के अकाउंट में होगी रकम

कैपिटल मार्केट रेगुलेटर SEBI ने एक एसी योजना तैयार कर ली है। जिसके माध्यम से शेयर बेचने के एक दिन बाद ही रकम सीधे यूजर के बैंक अकाउंट में आ जाएगी। ये जानकारी SEBI ने एक सर्कुलर जारी कर दी है।

राज एक्सप्रेस। यदि आप शेयर बाजार में अपना पैसा लगाते हैं तो, हो सकता है, ये खबर आपके काम की हो। मार्केट रेगुलेटर सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड (SEBI) द्वारा समय-समय पर वित्तीय नियमों में बदलाव किए जाते रहे हैं। वहीं, इस बार कैपिटल मार्केट रेगुलेटर SEBI ने एक ईएसआई योजना तैयार कर ली है। जिसके माध्यम से शेयर बेचने के एक दिन बाद ही रकम सीधे यूजर के बैंक अकाउंट में आ जाएगी। इस बारे में जानकारी SEBI ने एक सर्कुलर जारी कर दी है।

SEBI ने जारी किया सर्कुलर :

दरअसल, मार्केट रेगुलेटर सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड (SEBI) ने जारी एक सर्कुलर जारी किया है। जिसके अनुसार, शेयर बाजारों को वैकल्पिक आधार पर टी+1 (T+1) निपटान व्‍यवस्‍था अपनाने की अनुमति दे दी गई है। हालांकि, यह ऑप्शन फिलहाल वैकल्पिक आधार पर लागू किया गया है, लेकिन ये नई योजना अगले साल की शुरुआत यानी 1 जनवरी 2022 से लागू हो जाएगी। बता दें, इस टी+1 निपटान व्‍यवस्‍था से तात्पर्य वास्तविक लेनदेन होने के एक दिन के अंदर डील का निपटान करने से है। जबकि वर्तमान समय में में भारतीय शेयर बाजारों पर इस तरह की डील लेनदेन के दो बिजनेस दिनों के अंदर निपटाई जाती है। यही प्रोसेस टी+2 कहलाती है। टी प्लस वन सेटलमेंट सिस्टम के आने से शेयर कारोबारियों और निवेशकों को काफी फायदा होगा।

विशेषज्ञों का कहना :

शेयर बाजार के विशेषज्ञों का कहना है कि, 'बाजार नियामक सेबी द्वारा वैकल्पिक टी+1 (सौदा और एक दिन) निपटान प्रणाली शुरू करने के फैसले से ग्राहकों के लिए मार्जिन की जरूरत कम करने में मदद मिल सकती है और इससे इक्विटी बाजारों में खुदरा निवेश को बढ़ावा मिलेगा।' इस मामले में मायवेल्थग्रो डॉट कॉम के सह-संस्थापक हर्षद चेतनवाला ने कहा कि, 'इस कदम के फायदे और नुकसान पर टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी, क्योंकि बाजारों को कुछ परिचालन संबंधी मुद्दों का सामना करना पड़ सकता है। निपटान चक्र को पूरा करने में कई कारक और संस्थाएं शामिल हैं। इस कवायद से इस बात का मूल्याकंन करने में मदद मिलेगी कि क्या टी+1 प्रभावी हो सकता है या टी+2 निपटान चक्र ही अच्छा है।'

BNP परिबास के CEO का कहना :

BNP परिबास के CEO जयदीप अरोड़ा ने कहा कि, 'टी+1 निपटान का नया नियम नियामक की ओर से एक अच्छा कदम है, क्योंकि इससे ग्राहकों के लिए मार्जिन की जरूरत को कम करने में मदद मिल सकती है और इक्विटी बाजारों में खुदरा निवेश बढ़ेगा।'

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