लॉकडाउन का फायदा उठा रहे छोटे व्यापारी
Small traders taking advantage of lockdown Syed Dabeer-RE

लॉकडाउन का फायदा उठा रहे छोटे व्यापारी

भारत में 21 दिनों का राष्ट्रव्यापी लॉक डाउन लगा हुआ है, केंद्र और प्रदेश सरकार ने सभी फल और सब्जी के थोक और फुटकर विक्रेताओं से आग्रह किया हुआ हैं कि, इनका विक्रय न्यूनतम दरों में करें, परन्तु...

राज एक्सप्रेस। चाइना से शुरू हुए कोरोनावायरस का बुरा असर एक-एक करके सभी देशों पर लगातार बढ़ता चला गया। जब इसका असर भारत पर होना शुरू हुआ तो एहतियातन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरे देश में 21 दिन के लॉकडाउन की घोषणा कर दी। इन 21 दिनों के लॉक डाउन के तहत सभी दुकानें, फल-सब्जी बाजार, अन्य बाजार, मॉल्स, बड़े-बड़े ग्रॉसरी स्टोर्स, किराने की बड़ी-बड़ी दुकानें लगभग सभी कुछ बंद हैं। जहां पूरा भारत कोरोना का संकट झेल रहा है। वहीं, कुछ छोटे व्यापारी ऐसे हैं जो इस लॉकडाउन का फायदा उठा रहे हैं।

कैसे उठा रहे लोग डाउन का फायदा :

इस लॉकडाउन के तहत कुछ छोटे व्यापारी जैसे, सब्जी बेचने वाले, छोटी मोटी किराने की दुकान वाले इस लॉक डाउन का गलत फायदा उठा रहे हैं और सामान्य कीमतों की जगह सब्जियों फलों और कुछ ग्रॉसरी आइटम की कीमतें बढ़ाकर बेच रहे हैं। दरअसल लॉकडाउन के चलते किसी भी मार्केट में फल और सब्जी नहीं बिक रही है। जिसके चलते कुछ सब्जी वाले बड़े-बड़े ऑटो और ट्रॉली में फल सब्जियां रखकर गली-मोहल्लों में बेचने जा रहे हैं। वह सब्जियों को अपनी मनमानी कीमत पर बेचते हैं यदि उनसे मोलभाव करने की बात करो तो वह सीधा जवाब देते हैं आपको लेना है तो लीजिए नहीं तो रहने दीजिए कीमत कम नहीं होगी। उनका कहना है कि, उन्हें भी सब्जिया इसी कीमत में मिल रही हैं।

इन स्थानों पर बिक रही महंगी सब्जी :

जिन स्थानों के गली मोहल्लों में सब्जी महंगी बिक रही हैं, उसमें भोपाल के अयोध्या एक्सटेंशन, अवधपुरी, अहिंसा बिहार, करोद, कोलार, दानिश नगर, गौतम नगर, कटारा हिल्स, शीतल हाइट्स मिसरोद, इंटर टाउन, अनुजा, छोला नाका आदि जैसे मोहल्ले शामिल हैं।

सब्जी की कीमतें :

सब्जी वाले अपनी मनमानी कीमतों पर सब्जी बेच रहे हैं। यह कीमत नॉर्मल समय में बिकने वाली कीमतों से काफी अधिक हैं जैसे -

  • प्याज - 60 रुपये प्रति किलो

  • आलू - 50 रुपये प्रति किलो

  • टमाटर - 50 रुपये प्रति किलो

  • पत्ता गोभी - 30 रुपये प्रति किलो

  • टिंडे - 40 रुपये प्रति किलो

  • भिंडी - 80 रुपये प्रति किलो

  • गिलकी - 30 रुपये प्रति किलो

  • करेले - 40 रुपये प्रति किलो

  • फूलगोभी - 50 रुपये प्रति किलो

  • मिर्ची - 100 रुपये प्रति किलो

  • घनिया - 60 रुपये प्रति किलो

  • बैगन - 50 रुपये प्रति किलो

  • शिमला मिर्च - 60 रुपये प्रति किलो

  • अदरक - 100 रुपए प्रति किलो

  • लहसुन - 150 रुपए प्रति किलो

  • नींबू - 10 रुपये के बड़े 2 छोटे 3

कुछ ग्रॉसरी आइटम्स :

  • 12 रूपये में बिकने वाली मैगी 15 रूपये की

  • 30 रूपये में बिकने वाला नमकीन का पैकेट 45 रूपये का

  • 60 रूपये प्रति किलो में बिकने वाली मूंगफली 100 रूपये किलो की बिक रही है।

  • 60 रूपये प्रति किलो में बिकने वाला बेसन 80-100 रूपये का बिक रहा है।

  • 70 रूपये प्रति किलो मिलने वाली दाल 110 रूपये किलो में बिक रही है।

  • 35 रूपये प्रति किलो मिलने वाली चीनी 50 रूपये में बिक रही है।

ले रहे एक्स्ट्रा डिलीवरी चार्ज :

लॉकडाउन में ऑनलाइन ग्रॉसरी प्रोडक्ट्स ग्राहकों के लिए अवेलेबल हैं, परंतु ऑनलाइन ग्रॉसरी स्टोर्स वाले अपने ग्राहकों से एक्स्ट्रा डिलीवरी चार्ज वसूल रहे हैं। इसके अलावा किराने की दुकानों वालों से ढुलाई दुगनी ली जा रही है। इस मामले में एक किराने की दुकान वाले का कहना है कि, यदि वह कोई सामान मंगवा रहे हैं तो उन्हें जो ढुलाई पहले 100% देनी पड़ती थी, वहीं अभी 200% देनी पड़ रही है। इसलिए, उन्हें सामानों की कीमतों को बढ़ाकर बेचना पड़ रहा है और यदि वह ऐसा नहीं करेंगे तो उन्हें घाटा उठाना पड़ेगा।

फुटकर विक्रेता झोंक रहे प्रशासन की आँखों में धूल :

बताते चलें, थाना मिसरोद टोल टैक्स बाईपास रोड पर प्रशासन और नगर निगम द्वारा चिन्हित स्थान पर सब्जी मंडी लगा कर परमिटेड ऑटो में सब्जी ट्रांसफर की जाती है। वहां सब्जी खरीदते ग्राहक इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पूरी तरह पालन करते हैं। इसके अलावा बता दें, प्रशासन ये सब्जियां उचित कीमतों में उपलब्ध करा रहा है, लेकिन कुछ फुटकर विक्रेता प्रशासन की आँखों में धूल झोंक कर सब्जी खरीद कर गली मोहल्लों में जाकर अधिक कीमतों में बेचते हैं।

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