Zee-Sony Merger
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क्या नहीं होगा Sony और Zee का मर्जर?, कैंसिल होने की कगार पर पहुंची दोनों की डील

आपने पिछले सालों में कई कंपनियों की डील और मर्जर की खबरें सुनी होगी। इसी कड़ी में आपने साल 2021 में सोनी और ज़ी (Sony और Zee) के मर्जर का ऐलान भी सुना ही होगा, लेकिन अब यह डील कुछ खतरे में नजर आरही है।

Sony and Zee Deal : आपने पिछले सालों में कई कंपनियों की डील और मर्जर की खबरें सुनी होगी। इसी कड़ी में आपने साल 2021 में सोनी और ज़ी (Sony और Zee) के मर्जर का ऐलान भी सुना ही होगा, लेकिन अब यह डील कुछ खतरे में नजर आरही है। जी हां, Sony और Zee के बीच 10 अरब डॉलर के मर्जर की डील अब रद्द होने के कगार पर है। पिछले करीब दो सालों से लंबित इस डील में दोनों पक्षों के बीच कई मुद्दों पर सहमति नहीं बन पा रही है। जिसके चलते ऐसा माना जा रहा है, कि 20 जनवरी से पहले सोनी, ज़ी को डील टर्मिनेट करने का नोटिस भेज सकती है। ऐसे में जानते हैं कि आखिर क्यों इतनी बड़ी एंटरटेनमेंट डील खतरे में हैं?

Sony और Zee का मर्जर :

सोनी पिक्चर्स नेटवर्क (Sony) और जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज (Zee) के बीच 22 दिसंबर 2021 को मर्जर को लेकर एक बड़ा ऐलान हुआ था। इस मर्जर से Sony और Zee मिलकर भारत का सबसे बड़ा एंटरटेनमेंट नेटवर्कस्थापित करने वाले थे। इतना ही नहीं दोनों कंपनियों के मर्जर के बाद, नई इकाई के पास 70 टीवी चैनल, दो वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म और 2 फिल्म स्टूडियो होते। यह भारत का सबसे बड़ा एंटरटेनमेंट नेटवर्क तो होता ही साथ ही इस डील के बाद सोनी के पास 50.86% की हिस्सेदारी होती। जबकि, Zee के संस्थापक गोयनका परिवार के पास हिस्सेदारी 3.99% रहती। इसके अलावा बची हुई हिस्सेदारी पब्लिक शेयरहोल्डर्स के पास जाती। हालांकि, अब ब्लूमबर्ग की तरफ से दावा किया गया है, कि 20 जनवरी को डील की डेडलाइन से पहले Sony डील टर्मिनेट करने का नोटिस Zee को भेज सकता हैं।

डील नाक होने का कारण ?

दरअसल, Sony और Zee के बीच अब तक डील ना हो पाने का मुख्य कारण ये है कि, अब तक नई कंपनी के नेतृत्व को लेकर असहमती बनी हुई है। दोनों कंपनियों के बीच 2021 में हुए समझोते के मुताबिक, मर्जर से बनी कंपनी में सोनी के पास बोर्ड में सर्वाधिक सदस्यों को चुनने का अधिकार होगा। वहीं Zee के Executive Officer और फाउंडर सुभाष चंद्रा के बेटे पुनीत गोयनका नई इकाई के एमडी और सीईओ होंगे, लेकिन वर्तमान में पुनीत गोयनका के खिलाफ सेबी की रेगुलेटरी जांच चल रही है। जिसके चलते सोनी पुनीत को सीईओ और एमडी बनाने से बच रही है। वहीं Zee पुनीत को ही एमडी बनाना चाहती है। इसके अलावा एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि, सोनी अपने भारतीय मैनेजिंग डायरेक्टर एन.पी. सिंह को इस मर्जर का सीईओ बनाना चाहती है। इन सब विवाद के चलते, अब इस डील के कैंसिल होने का खतरा दिखाई दे रहा है। हालांकि, अब तक डील टर्मिनेट होने की खबर सामने नहीं आई है। 

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