Supreme Court Changes Order related to former CEO of PNB
Supreme Court Changes Order related to former CEO of PNB|Kavita Singh Rathore -RE
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सुप्रीम कोर्ट ने बदला PNB की पूर्व CEO से जुड़ा अपना फैसला

सुप्रीम कोर्ट ने PNB की पूर्व MD व CEO की संपत्तियों को जब्त करने के आदेश को बदलने का फैसला लिया है। कोर्ट से CEO उषा अनंतसुब्रमण्यम को मिली अकाउंट से मात्र एक लाख रुपये महीना निकालने की अनुमति।

Kavita Singh Rathore

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हाइलाइट्स :

  • सुप्रीम कोर्ट ने बदला उषा अनंतसुब्रमण्यम से जुड़ा अपना फैसला

  • कोर्ट ने दिया था PNB की पूर्व MD व CEO की संपत्तियों को जब्त करने का आदेश

  • सीनियर एडवोकेट ने रखा उषा अनंतसुब्रमण्यम का पक्ष

  • सीनियर एडवोकेट ने बताये कंपनी कानून-2013 के प्रावधान

राज एक्सप्रेस। पंजाब नेशनल बैंक (PNB) से सामने आये बहुत बड़े घोटाले को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने एक बहुत अहम् फैसला लिया है। दरअसल, कोर्ट ने पिछले साल 2019 में बैंक की पूर्व MD व CEO उषा अनंतसुब्रमण्यम की संपत्तियों को जब्त करने का आदेश दिया था, लेकिन अभी कोर्ट ने अपने फैसले में नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट टिब्यूनल (Enclat) के आदेश को बदल दिया है। बताते चलें कि, Enclat ने यह आदेश ये मानते हुए दिए थे कि, CEO उषा अनंतसुब्रमण्यम द्वारा नीरव मोदी से जुड़े PNB घोटाले में कोई एहतियाती कदम नहीं उठाया गया।

सीनियर एडवोकेट का कहना :

इस मामले में सीनियर एडवोकेट CS वैद्यनाथन व मीनाक्षी अरोड़ा ने उषा अनंत का पक्ष लेते हुए सुप्रीम कोर्ट को बताया कि, यदि किसी ऐसे व्यक्ति की संपत्ति जब्त की जा रही हो जिसका संबंध घोटाला करने वाली कंपनी से हो ही नहीं तो, यह गलत है। उन्होंने प्रावधान की याद दिलाते हुए यह भी बताया कि, कंपनी कानून-2013 के अनुसार, कोर्ट या टिब्यूनल ऐसे किसी व्यक्ति की संपत्तियां जब्त नहीं कर सकता। क्योंकि, इस तरह का फैसला लेने का अधिकार संबंधी कोई प्रावधान है ही नहीं। बताते चलें कि, कोर्ट से CEO उषा अनंत को अपने अकाउंट से मात्र एक लाख रुपये महीना निकालने की अनुमति मिली है अर्थात वह अपनी ही सम्पति का इस्तेमाल नहीं कर पा रही हैं।

पीठ का फैसला :

कोर्ट की पीठ ने सीनियर एडवोकेट की बात सुनने के बाद इसे सही करार देते हुए एनक्लैट के साल 2019 की जुलाई में लिए गए फैसले को बदलने के आदेश दे दिए। इस पीठ में जस्टिस आरएफ नरीमन, एस. रवींद्र भट्ट और वी. रामसुब्रमणियन शामिल थे। हालांकि, Enclat के आदेश देने से पहले ही नेशनल कंपनी लॉ टिब्यूनल (NCLT) ने भी साल 2019 की जनवरी में PNB CEO उषा अनंत की संपत्ति जब्त करने का आदेश दिया था। अब सुप्रीम कोर्ट द्वारा NCLT के दिए आदेश को भी रद्द कर दिया है।

गौरतलब है कि, इन नए आदेशों से PNB घोटाले की जांच में कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। बताते चलें इस मामले की जांच CBI और गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (SFIO) कर रहे हैं और PNB घोटाले में मुख्य आरोपी के रूप में नीरव मोदी और मेहुल चोकसी का नाम सामने आया था।

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