SC के फैसले का बाद मुकेश अंबानी के हाथ से निकल गई फ्यूचर ग्रुप की डील
SC के फैसले का बाद मुकेश अंबानी के हाथ से निकल गई फ्यूचर ग्रुप की डील ?Syed Dabeer Hussain - RE

SC के फैसले का बाद मुकेश अंबानी के हाथ से निकल गई फ्यूचर ग्रुप की डील

सुप्रीम कोर्ट ने Amazon की याचिका पर सहमति जताते हुए निचली कोर्ट के फैसले को बदल दिया है। तो क्या SC के फैसले का बाद मुकेश अंबानी के हाथ से निकल गई फ्यूचर ग्रुप की डील..?

Reliance-Future Deal Update : हाल ही में RIL की रिलायंस रिटेल वेंचर कंपनी की रीटेल किंग कहे जाने वाले किशोर बियानी की खुदरा कारोबार की दिग्गज कंपनी फ्यूचर ग्रुप की डील लगभग फाइनल होने की खबर सामने आई थी, लेकिन उसके बाद से दोनों कंपनी की यह डील जेफ़ बेजोस की ई-कॉमर्स कंपनी Amazon के कारण विवादों में फंस गई थी। उसके बाद हाल ही में भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) से अनुमति मिलने के बाद कुछ उम्मीद नजर आई ही थी, लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले का बाद यह डील मुकेश अंबानी के हाथ से निकलती हुई नजर आरही है।

सुप्रीम कोर्ट का फैसला :

Amazon कंपनी शुरू से ही दोनों कंपनियों की डील में अड़ंगे डाल रही है, लेकिन अब ऐसा प्रतीत हो रहा है मानों, कि, Amazon को कामयाबी हासिल हो गई है और दोनों कंपनियों की यह डील अब पूरी होने में कंपनियों को अभी और मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने फ्यूचर ग्रुप और रिलायंस इंडस्ट्रीज की डील को मिले रेग्युलेटरी अप्रूवल पर रोक लगा दी है। बता दें, इस डील को Amazon ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। इसके बाद अब सुप्रीम कोर्ट ने यह फैसला दिया है।

अगले आदेश तक मंजूरी पर रोक :

सुप्रीम कोर्ट ने Amazon की याचिका पर सहमति जताते हुए निचली कोर्ट के फैसले को बदल दिया है। साथ ही कंपनी ट्रिब्यनल को अगले आदेश आने तक इस डील को मंजूरी देने से रोक दी है। इसके अलावा कोर्ट ने किशोर बियानी के फ्यूचर रीटेल को नोटिस भी जारी करते हुए फ्यूचर ग्रुप को Amazon द्वारा दायर की गई याचिका पर लिखित में बयान देने के आदेश भी दिए हैं। वहीं, इस मामले में अगली सुनवाई 5 हफ्ते बाद की जाएगी।

क्या है मामला ?

दरअसल, पिछले महीने भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने कुछ शर्तों के साथ दोनों कंपनियों की इस डील को मंजूरी देदी थी। बताते चलें, किशोर बियानी और फ्यूचर ग्रुप इन दोनों कंपनियों की यह डील पिछले साल 2020 के अगस्त माह में हुई थी, लेकिन ये तब से विवादों में ही घिरी है। दोनों कंपनियों के बीच हुई इस डील के तहत फ्यूचर ग्रुप ने अपना रिटेल, होलसेल और लॉजिस्टिक्स कारोबार रिलायंस रिटेल वेंचर्स लिमिटेड को बेचा था। यदि आगे भी इस डील को अनुमति मिल जाती है तो, यह डील कुल 24,713 करोड़ रुपये में पूरी होगी।

Amazon ने लगाई सब जगह गुहार :

Amazon ने सिंगापुर में मध्यस्थता अदालत से लेकर SEBI, कोर्ट तक के पास गुहार लगाई। बाद में जब यह मामला दिल्ली हाईकोर्ट जा पंहुचा। हालांकि, दिल्ली हाईकोर्ट से फ्यूचर ग्रुप को राहत मिल गई थी, लेकिन दिल्ली हाईकोर्ट के डिवीजन बेंच ने हाईकोर्ट के ही एकल न्यायाधीश के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिस आदेश में फ्यूचर ग्रुप और रिलायंस रिटेल के बीच हुई डील को यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया गया था।

Amazon ने जताया ऐतराज :

बता दें, Amazon ने इस डील को लेकर ऐतराज इसलिए जताया था, क्योंकि, साल 2019 के अगस्त में Amazon ने फ्यूचर ग्रुप में 49% हिस्सेदारी हासिल की थी और तब दोनों कंपनियों के बीच कुछ शर्ते रखी गई थीं। Amazon में मुताबिक फ्यूचर ग्रुप ने इन शर्तो का उल्लंघन किया था। इसके बाद से Amazon कंपनी लगातार इस डील को पूरा न होने देने के लिए कोशिशों में लगी हुई है।

Amazon और फ्यूचर ग्रुप की डील की शर्ते :

बताते चलें, Amazon और फ्यूचर ग्रुप के बीच 2019 में 1,500 करोड़ रुपए की डील कुछ शर्तो के साथ हुई थी। जिसके तहत Amazon को निवेश द्वारा फ्यूचर ग्रुप में 49% हिस्सेदारी मिली थी। इसी डील के तहत ही निम्नलिखित शर्त रखी गई थी।

  • Amazon को तीन से 10 साल की अवधि के बाद फ्यूचर रिटेल लिमिटेड की हिस्सेदारी खरीदने का अधिकार होगा।

  • फ्यूचर ग्रुप मुकेश अंबानी के रिलायंस ग्रुप की किसी भी कंपनी को अपने रिटेल असेट्स नहीं बेच सकती।

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