सुप्रीम कोर्ट ने CCI जाँच मामले में Amazon और Flipkart को नहीं दी राहत
सुप्रीम कोर्ट ने CCI जाँच मामले में Amazon और Flipkart को नहीं दी राहतSyed Dabeer Hussain - RE

सुप्रीम कोर्ट ने CCI जाँच मामले में Amazon और Flipkart को नहीं दी राहत

'Amazon' और 'Flipkart' कंपनियों पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट की गाज गिरी है। क्योंकि, कोर्ट ने दोनों कंपनियों को 'कंपटीशन कमीशन ऑफ इंडिया' (CCI) की जाँच मामले में राहत देने से साफ़ मना कर दिया है।

राज एक्सप्रेस। भारत और चीन के बीच पिछले साल हुए विवाद के बाद सरकार ने काफी सख्त रवैया अपनाया है। उसके बाद से अलग-अलग प्लेटफॉर्म के लिए कई नियम बनाये गए थे। इन प्लेटफॉर्म में ई-कॉमर्स कंपनियां 'Amazon' और 'Flipkart' भी शामिल है। वहीं, अब इन दोनों कंपनियों पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट की गाज गिरी है। क्योंकि, कोर्ट ने दोनों कंपनियों को 'कंपटीशन कमीशन ऑफ इंडिया' (CCI) की जाँच मामले में राहत देने से साफ़ मना कर दिया है।

क्या है मामला ?

दरअसल, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म की Amazon और Flipkart कंपनियों की कुछ आरोपों के चलते 'कंपटीशन कमीशन ऑफ इंडिया' (CCI) द्वारा की जा रही है। इस मामले में इन कंपनियों ने कोर्ट का दरवाजा खटकाया था। वहीं, सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने Amazon और Flipkart कंपनियों को राहत ना देते हुए इन कंपनियों के खिलाफ 'कंपटीशन कमीशन ऑफ इंडिया' (CCI) द्वारा की जा रही जांच में हस्तक्षेप करने से मना कर दिया है। साथ ही कोर्ट की तरफ से इन कंपनियों को जांच में शामिल होने के लिए चार हफ्तों का समय दिया गया है। बता दें, CCI द्वारा इन कंपनियों के खिलाफ प्रतिस्पर्धा कानूनों के उल्लंघन के आरोप की जांच की जा रही है।

कंपनियों पर लगे आरोप :

बताते चलें, Amazon और Flipkart कंपनियों पर प्रतिस्पर्धा कानूनों का उल्लंघन करने का आरोप लगा है। इन आरोपों के तहत 'कंपटीशन कमीशन ऑफ इंडिया' (CCI) ने 2020 में कंपनियों के खिलाफ अपने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर चुनिंदा विक्रेताओं को कथित रूप से बढ़ावा देने और प्रतिस्पर्धा को दबाने वाली व्यावसायिक प्रथाओं का उपयोग करने के लिए जांच का आदेश दिए थे। इस मामले में CCI की जांच अब भी जारी है। इस जाँच के आदेश के बाद Amazon और Flipkart ने लोअर कोर्ट में हारने के बाद 28 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटकाया था। दोनों कंपनियों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर CCI की जांच से राहत की मांग की थी।

कर्नाटका हाई कोर्ट की बेंच का निर्णय :

बताते चलें, इससे पहले इन कंपनियों ने कर्नाटका हाई कोर्ट का दरवाजा खटकाया था। पिछले महीने कर्नाटका हाई कोर्ट द्वारा की गई सुनवाई के दौरान एक बेंच ने निर्णय में कहा था कि, 'बेंच में असमर्थ है कि, कि क्यों Amazon और Flipkart कंपनियां CCI द्वारा की जा आरही जाँच में सहयोग नहीं कर रही है। जबकि, एंट्री ट्रस्ट बॉडी सिर्फ सामान्य विभागीय जांच कर रही है। अगर कंपनियों ने किसी तरह का नियम नहीं तोड़ा है तो फिर उन्हें जांच से डरने की क्या जरुरत है।' इस पर Confederation of All India Traders के के प्रेसिडेट B C Bhartia और इसके जनरल सेक्रेटरी प्रवीण खडेलवाल ने एक बयान साझा किया था। उन्हें अपने बयान में कहा था कि, 'CCI को इन दोनों कंपनियों की जांच करनी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश अपने में एक माइलस्टोन का काम करेगा। सुप्राम कोर्ट ने हमारे साथ न्याय किया है। Amazon और Flipkart जांच से बचने का कोई रास्ता नहीं है।'

मीडिया को नहीं दिया कोई जवाब :

इस मामले में अब तक Amazon और Flipkart ने मीडिया को कोई जवाब नहीं दिया है। जबकि, बीते महीने कॉमर्स एंड इंडस्ट्री मिनिस्टर पीयूष गोयल ने कहा था कि, 'इन ई-कॉर्मस कंपनियों को फॉरम शॉपिंग से बचना चाहिए। अगर वह ईमानदारी से काम कर रही है तो सीसीआई को जांच करनी चाहिए।' गौरतलब है कि, अक्टूबर 2019 में दिल्ली व्यापार महासंघ ने इन दोनों ई-कॉमर्स कंपनियों के खिलाफ एंटी कम्पटियूटी गतिविधियों का आरोप लगाते हुए सीसीआई में याचिका दाखिल की थी और इनके खिलाफ जांच की मांग की थी।

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