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सुप्रीम कोर्ट के बैन हटाते की ट्रेंड करने लगा था #cryptocurrency

साल 2018 में क्रिप्टोकरंसी द्वारा किये जाने वाले हर ट्रांजेक्शन पर बैन लगने के बाद आज सुप्रीम कोर्ट ने इस पर से बैन हटा दिया है। फैसला सामने आते ही ट्वीटर पर #cryptocurrency हैशटैग ट्रेंड करने लगा था।

Kavita Singh Rathore

Kavita Singh Rathore

हाइलाइट्स :

  • सुप्रीम कोर्ट ने आज क्रिप्टोकरंसी से बैन हटा दिया

  • ट्वीटर पर ट्रेंड करने लगा था #cryptocurrency

  • सुप्रीम कोर्ट ने RBI के दो साल पुराने सर्कुलर को किया खारिज

  • क्रिप्टोकरंसी को डिजिटल करंसी भी कहा जाता है

राज एक्सप्रेस। आज ही सुप्रीम कोर्ट द्वारा सुनाए गए क्रिप्टोकरंसी से जुड़े फैसले से ट्रेडिंग करने वाले बिजनेस पर्सन को ख़ुशी की खबर मिली है। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने आज रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के दो साल पुराने सर्कुलर को खारिज करते हुए क्रिप्टोकरंसी से बैन हटा दिया है। न्यायमूर्ति रोहिंटन नरीमन की अध्यक्षता वाली पीठ ने क्रिप्टोकरंसी के मामले पर फैसला सुनाया जिसमें जस्टिस अनिरुद्ध बोस और वी रामसुब्रमण्यन भी शामिल थे। बता दें कि, RBI द्वारा 6 अप्रैल 2018 को क्रिप्टोकरंसी द्वारा किये जाने वाले हर ट्रांजेक्शन पर बैन लगा दिया था। सुप्रीम कोर्ट के बैन हटाने का फैसला सामने आते ही ट्वीटर पर #cryptocurrency हैशटैग ट्रेंड करने लगा था।

IAMAI ने दी थी RBI के फैसले को चुनौती :

इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (IAMAI) द्वारा सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर RBI के इस बैन को हटाने को लेकर चुनौती दी थी। इस मामले में IAMAI का कहना यह है कि, RBI के इस फैसले से क्रिप्टोकरेंसी में होने वाली वैध कारोबारी क्रियाकलापों में प्रभावी रूप से पाबंदी लग गई है। इसलिए इस पर से बैन हटना चाहिए। वहीं इसके जवाब में RBI ने कोर्ट में एफिटडेविट जमा करते हुए कहा कि, उसने क्रिप्टोकरेंसी पर बैन इसके द्वारा हो रही मनी लांड्रिंग और टेरर फंडिंग की घटनाओं को देखते हुए लगाया था।

क्या है क्रिप्टोकरेंसी ?

क्रिप्टोकरेंसी भी अन्य करंसी की तरह ही एक करेंसी (मुद्रा) है, लेकिन इसका ट्रांजेक्शन केवल इंटरनेट द्वारा ऑनलाइन ही करना संभव है। इसलिए इसे डिजिटल करंसी भी कहा जाता है। इसको रेग्युलेट करने के लिए एनक्रिप्शन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाता है। यह करंसी किसी बैंक-संस्था या ई-पैसा संस्थान द्वारा जारी नहीं की जाती है। इसे जारी करने का काम इसे बनाने वाले ही कर सकते हैं साथ ही नियंत्रित भी वही लोग कर सकते हैं। इंटरनेट पर इस करेंसी की शुरुआत बिटकॉइन के नाम से साल 2009 की शुरुआत में ही हुई थी। बताते चलें कि पूरी दुनिया में बिटकॉइन के अलावा रिप्लड, एथेरम और कार्डनो जैसी लगभग 2,116 क्रिप्टोकरेंसी मौजूद हैं।

क्रिप्टोकरंसी कैसे खरीद सकते हैं?

क्रिप्टोकरंसी एक्सचेंजेज किसी भी ऑनलाइन वेबसाइट द्वारा ही किया जा सकता है। क्रिप्टोकरंसी को एक्सचेंजे करने से पहले ही यूजर को एक्सचेंज पर रजिस्ट्रेशन करना अनिवार्य होता है। रजिस्ट्रेशन हो जाने के बाद बैंक खाते या क्रेडिट कार्ड के द्वारा पेमेंट करके यूजर क्रिप्टोकरंसी की यूनिट खरीद सकता है। हालांकि, यूजर्स को क्रिप्टोकरंसी का लेनदेन करते समय अपने देश के कानून और नियमों का पालन करना पड़ता है। यूजर क्रिप्टोकरंसी को इस्तेमाल कर रहे ऑनलाइन वॉलेट में रख सकता है।

कहा मिलती है क्रिप्टोकरंसी ?

क्रिप्टोकरंसी को खरीदने के निम्नलिखित तरीके हैं जिसके द्वारा यूजर्स इसको खरीद सकते हैं।

  • यूनोकॉइन :

    इस तरीके से भारतीय ग्राहक ऑनलाइन भुगतान करने के बाद क्रिप्टोकरंसी खरीद सकते हैं।

  • कॉइनमामा :

    भारत के अलावा अन्य बहुत से देशों में क्रिप्टोकरंसी की यूनिट खरीदने के लिए क्रेडिट या डेबिट कार्ड का इस्तेमाल होता है इसलिए यूजर के पास यह होना जरूरी होता है।

  • लोकल बिटकॉइन :

    इस तरीके में यूजर्स को क्रिप्टोकरंसी खरीदने के लिए कैश डिपॉजिट करने की सुविधा दी जाती है।

  • बिटकॉइन एटीएम :

    यह तरीका बहुत ही सुविधाजनक होता है इसमें कैश देकर यूजर क्रिप्टोकरंसी खरीद सकता है। हालांकि, इस तरीके से खरीदने पर ज्यादा फीस लगती है क्योंकि इस तरीके में निजता की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखता है।

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