Semiconductor: प्लांट्स लोकेशन तलाश रहे Global Chipmakers की मेजबानी के लिए भारत तैयार
Semiconductor: प्लांट्स लोकेशन तलाश रहे Global Chipmakers की मेजबानी के लिए भारत तैयार। सांकेतिक चित्र-Neelesh Singh Thakur - RE

Semiconductor: प्लांट्स लोकेशन तलाश रहे Global Chipmakers की मेजबानी के लिए भारत तैयार

भारत की सेमीकंडक्टर (semiconductor) योजना ऐसे समय आई है जब अर्थव्यवस्थाएं चिप उत्पादन (chip production) हेतु तेजी से संसाधन बढ़ा रही हैं।

हाइलाइट्स

  • SemiconIndia 2022 आज से

  • PM Narendra Modi करेंगे उद्घाटन

  • Semiconductor chipmakers जुटेंगे

राज एक्सप्रेस (rajexpress.co)। देश के अर्धचालक पारिस्थितिकी तंत्र (Semiconductor Ecosystem) को बढ़ावा देने के लिए भारत आज शुक्रवार से सेमीकॉनइंडिया 2022 (SemiconIndia 2022) सम्मेलन में वैश्विक चिप निर्माताओं (Global chipmakers) की मेजबानी के लिए तैयार है। तीन दिवसीय सम्मेलन का उद्घाटन प्रधानमंत्री (Prime Minister) नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) करेंगे।

देश के प्रौद्योगिकी मंत्री (technology minister) ने गुरुवार को कहा कि दुनिया के कुछ सबसे बड़े चिप निर्माता (chipmakers) अपने घरेलू ठिकानों से परे विनिर्माण को व्यापक बनाने हेतु नए संयंत्रों के लिए भारत (India/Bharat) में स्थानों का मूल्यांकन कर रहे हैं।

सेमीकंडक्टर निर्माता कंपनियों से बातचीत -

ताइवान सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग कंपनी (Taiwan Semiconductor Manufacturing Co./TSMC/टीएसएमसी) और दक्षिण कोरिया की सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी (Samsung Electronics Co.) सहित कंपनियां अपनी उत्पादन क्षमता का विस्तार करते हुए हर साल दसियों अरबों डॉलर का निवेश कर रही हैं। भारत उन्हें देश में आकर्षित करने के लिए कुछ दिग्गजों के साथ बातचीत कर रहा है।

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उनका विस्तार अभियान तब आता है जब दुनिया भर के देश घरेलू चिप उत्पादन (chip production) हासिल करने में तेजी से संसाधन लगा रहे हैं।

"भारत अपनी वैश्विक योजनाओं पर पूरी तरह से वहीं है, चाहे वह इंटेल (Intel) हो, ग्लोबलफाउंड्रीज़ (GlobalFoundries)।"
अश्विनी वैष्णव, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री, भारत, (ब्लूमबर्ग टेलीविजन को बताया)

उन्होंने कहा कि; "TSMC अभी भी अधिक समय ले रहा है, लेकिन अन्य बड़े नाम अपनी योजनाओं के बारे में बहुत गंभीर हैं।"

पीएम मोदी की प्रोत्साहन योजना -

मंत्री ने बताया कि; ग्लोबल चिपमेकर्स (Global Chipmakers) भारत (Bharat/India) में प्लांट लोकेशन का आकलन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि; पिछले साल के अंत में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने 10 अरब डॉलर की प्रोत्साहन योजना का अनावरण किया।

इसमें भारत में आधार स्थापित करने के लिए डिस्प्ले और सेमीकंडक्टर (semiconductor) फैब्रिकेटर को लुभाने के लिए एक परियोजना की लागत का आधा हिस्सा कवर करने की पेशकश की गई थी। देश दुनिया का नंबर 2 स्मार्टफोन निर्माता भी है।

चिपमेकिंग हब (chipmaking hub) -

मोदी, जो भारत को चिपमेकिंग हब के रूप में स्थापित करने के लिए अपने प्रयास को तेज कर रहे हैं, वैश्विक सेमीकंडक्टर कंपनियों (global semiconductor companies) के लिए पिच बनाने के लिए शुक्रवार से बैंगलोर में तीन दिवसीय सम्मेलन की मेजबानी करने के लिए तैयार हैं।

प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव (Technology Minister Ashwini Vaishnav) ने ब्लूमबर्ग (Bloomberg) से कहा कि; भारत का लोकतंत्र और प्रतिभा जगत इसे चिप (chip) आधिपत्य के लिए प्रतिस्पर्धा में शामिल अन्य देशों के बीच खड़ा करता है।

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सोने पर सुहागा -

भारत की सेमीकंडक्टर (semiconductor) निर्माण योजनाएं ऐसे समय में आई हैं जब प्रमुख अर्थव्यवस्थाएं अपने घरेलू चिप उत्पादन (chip production) को सुरक्षित करने के लिए संसाधनों को तेजी से बढ़ा रही हैं। इस मौके को सोने पर सुहागा कहा जा सकता है।

चीन (China) ने अर्धचालक (semiconductor) संप्रभुता के लिए एक दृष्टिकोण निर्धारित किया है, बिडेन प्रशासन (Biden administration) के पास चिप विकास (chip development) में अमेरिकी नेतृत्व (U.S. leadership) को पुनः प्राप्त करने के लिए $52 बिलियन की योजना है।

इसी तरह जापान (Japan); ताईवान सेमीकंडक्टर मैन्युफेक्चरिंग कंपनी (Taiwan Semiconductor Manufacturing Company/TSMC/टीएसएमसी) की पसंद को आकर्षित करने के लिए अरबों का प्रबंध अलग से कर रहा है।

Beijing-Washington तनाव -

बीजिंग (Beijing) और वाशिंगटन (Washington) के बीच व्यापार तनाव (Trade tensions) के साथ-साथ कोविड (Covid) से संबंधित लॉकडाउन (lockdown) ने वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं (global supply chains) को बाधित कर दिया है।

इसने कंपनियों को विविधता के लिए चीन (China) और ताइवान (Taiwan) जैसे पारंपरिक तकनीकी विनिर्माण केंद्रों से बाहर लाने के लिए प्रेरित किया है।

चिप पर निर्भरता -

आपको ज्ञात हो कि कोरोना वायरस महामारी कालखंड में दुनिया में लागू लॉकडाउन के कारण सेमीकंडक्टर की निर्माण और आपूर्ति श्रंखला खास तौर पर प्रभावित हुई थी। सेमीकंडक्टर (semiconductor) की कमी के कारण वाहन उद्योग, चिकित्सा जगत से लेकर बैंकिंग में उपयोगी सॉफ्टवेयर तक के कामकाज पर असर देखा गया।

निश्चित ही सेमीकंडक्टर पर मानवीय निर्भरता ने इस वजह से वैश्विक अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका भी दिया। एक तरह से सेमीकंडक्टर चिप (Semiconductor chip) की अल्पता आधुनिक दुनिया की लाचारी की वजह भी बनकर उभरी क्योंकि इंसान का देखना, बोलना, सोचना-समझना सेमीकंडक्टर चिप में निहित होता जा रहा है।

चिप संगणना वह बुनियादी निर्माण खंड है जो इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के डेटा संसाधन (Data Processing) का माध्यम बन उसे नियंत्रित करता है।

डिस्क्लेमर आर्टिकल मीडिया एवं एजेंसी रिपोर्ट्स पर आधारित है। इसमें शीर्षक-उप शीर्षक और संबंधित अतिरिक्त जानकारी जोड़ी गई हैं। इसमें प्रकाशित तथ्यों की जिम्मेदारी राज एक्सप्रेस की नहीं होगी।

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