केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने Elon Musk की कंपनी Tesla पर साधा निशाना
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केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने Elon Musk की कंपनी Tesla पर साधा निशाना

भारत के केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने Elon Musk के स्वामित्व वाली अमेरिका की इलेक्ट्रिक कार निर्माता कंपनी 'टेस्ला' (Tesla) पर निशाना साधा है।

राज एक्सप्रेस। बहुचर्चित इलेक्ट्रिक कार निर्माता कंपनी Tesla के CEO Elon Musk द्वारा बीते दिन ब्रिटिश की एक टेक कंपनी Dyson की इलेक्ट्रिक कार उत्पादन के असफल प्रयास से संबंधित पोस्ट की गई एक कहानी पर ट्वीट किया गया था। जिसपर महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने करारा जबाव दिया था। वहीं, अब भारत के केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने Elon Musk के स्वामित्व वाली अमेरिका की इलेक्ट्रिक कार निर्माता कंपनी 'टेस्ला' (Tesla) पर निशाना साधा है।

केंद्रीय मंत्री गडकरी ने Elon Musk पर साधा निशाना :

दरअसल, आज केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एक मीडिया कांक्लेव को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि, 'Tesla से भारत में अपने प्रसिद्ध इलेक्ट्रिक वाहन (EV) बनाने के लिए कई बार कहा गया है। उन्हें सरकार की ओर से हर संभव मदद का आश्वासन भी दिया गया है। लेकिन अभी तक यहां प्रोडक्शन शुरू हो नहीं पाया है। भारत में वह चीन में बनी इलेक्ट्रिक कारें न बेचें। Tesla को भारत में इलेक्ट्रिक कारों का निर्माण करना चाहिए। यही नहीं, उसे भारत से इलेक्ट्रिक कारों का निर्यात भी करना चाहिए।'

परिवहन मंत्री की फटकार :

परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने भारत की ही Tata कंपनी की तारीफ करते हुए कहा कि, 'Tata Motors द्वारा निर्मित इलेक्ट्रिक कारें Tesla द्वारा निर्मित इलेक्ट्रिक कारों से कम अच्छी नहीं हैं। आप (Tesla) जो भी मदद चाहते हैं, वह हमारी सरकार द्वारा प्रदान की जाएगी। कंपनी की कर रियायतों से जुड़ी मांग को लेकर वह अब भी Tesla के अधिकारियों से बातचीत कर रहे हैं।'

Tesla कंपनी की मांग :

बताते चलें, इलेक्ट्रिक कार के लिए ही जानी जाने वाली अमेरिकी वाहन निर्माता कंपनी Tesla ने भारत की केंद्र सरकार से आयात शुल्क (इंपोर्ट टैक्स) को घटाने की मांग की है। जिसे पूरा करने के बदले अब मोदी सरकार ने कंपनी के सामने एक शर्त रख दी है। जिन्हें पूरा करने पर ही सरकार कंपनी की मांग पूरी करेगी। इस शर्त के तहत भारत सरकार ने Tesla कंपनी से कहा है कि, 'कंपनी पहले भारत में अपने इलेक्ट्रिक वाहनों का विनिर्माण शुरू करे, उसके बाद ही किसी कर रियायत पर विचार किया जा सकता है।'

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