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यूएस फेडरल ट्रेड कमीशन और ब्रिटेन के रेगुलेटर ने OpenAI में माइक्रोसाफ्ट के निवेश की शुरू की जांच

चैटजीपीटी की ओनर आर्टिफीशियल इंटेलीजेंस कंपनी ओपेनएआई में माइक्रोसॉफ्ट द्वारा किए गए निवेश की जांच यूएस फेडरल ट्रेड कमीशन ने शुरू कर दी है।

हाईलाइट्स

  • यूएस ट्रेड कमीशन ने माइक्रोसॉफ्ट के निवेश की प्रकृति की जांच शुरू की।

  • ओपेनएआई पर पहले से ही टेढ़ी है यूएस ट्रेड कमीशन की नजर।

  • ओपेनएआई नॉन-प्रॉफिट एंटिटी, मर्जर ला के तहत नहीं हो सकती जांच।

राज एक्सप्रेस। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में बताया गया है कि चैटजीपीटी की ओनर आर्टिफीशियल इंटेलीजेंस कंपनी ओपेनएआई में माइक्रोसॉफ्ट द्वारा किए गए निवेश की जांच यूएस फेडरल ट्रेड कमीशन ने शुरू कर दी है। ओपेनएआई में माइक्रोसॉफ्ट के निवेश की प्रकृति की जांच फिलहाल बहुत प्रारंभिक स्तर पर है । यूएस फेडरल ट्रेड कमीशन इस बात की भी जांच कर रहा है कि इसने किसी भी रूप में अमेरिकी कानूनों का उल्लंघन तो नहीं किया है।

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में बताया गया है कि इस मामले में पूछताछ फिलहाल शुरुआती चरण में है। सूत्रों के अनुसार एजेंसी अगले दौर में औपचारिक रूप से जांच शुरू करेगी। इस मामले से जुड़े एक व्यक्ति के अनुसार माइक्रोसॉफ्ट ने एजेंसी को लेनदेन की सूचना नहीं दी है, क्योंकि ओपेनएआई में निवेश, अमेरिकी कानून के तहत कंपनी के नियंत्रण के बराबर नहीं माना जाता है।

बता दें कि ओपेनएआई एक नॉन-प्रॉफिट एंटिटी है और नॉन-प्रॉफिट एंटिटीज का अधिग्रहण अमेरिकी मर्जर लॉ के तहत नहीं आता है, चाहे अधिग्रहण की वैल्यू कितनी ही क्यों न हो। अधिकारी इस समय स्थिति का विश्लेषण कर रहे हैं। वे पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि इसके और क्या विकल्प हो सकते हैं। माइक्रोसाफ्ट ने ओपेनएआई में लगभग 13 अरब डॉलर का निवेश किया है। माइक्रोसाफ्ट ने अपने प्रोडक्ट्स को इसके मुख्य बिजनेस के साथ इंटीग्रेट किया है।

यूएस फेडरल ट्रेड कमीशन पहले से ही ओपेनएआई से जुड़े कुछ पहलुओं की जांच कर रही है। उसने ओपेनएआई मामले में एक उपभोक्ता संरक्षण जांच शुरू की है। जिसमें पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि कंपनी का लोकप्रिय चैटजीपीटी कॉन्वर्सेशनल एआई बॉट, उपभोक्ताओं की प्रतिष्ठा और उनसे जुड़े डेटा को खतरे में तो नहीं डालता।

रिपोर्ट में बताया गया है कि इसके अलावा ब्रिेटेन की कॉम्पिटीशन एंड मार्केट्स अथॉरिटी भी स्टेकहोल्डर्स से कुछ जानकारी इकट्ठी कर रही है। यह तय करने के लिए कि दोनों कंपनियों के बीच सहयोग से ब्रिटेन में किसी तरह का खतरा तो नहीं है। एजेंसी औपचारिक जांच पर कोई निर्णय लेने के पहले 3 जनवरी तक कमेंट्स ले रही है। इन कमेंट्स के आधार पर ही एंजेंसी जांच का निर्णय लेगी।

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