बढ़ते कोरोना मामलों के चलते दक्षिणी रेलवे ने लिया बड़ा फैसला, जारी की नई गाइडलाइन
बढ़ते कोरोना मामलों के चलते दक्षिणी रेलवे ने लिया बड़ा फैसलाSyed Dabeer Hussain - RE

बढ़ते कोरोना मामलों के चलते दक्षिणी रेलवे ने लिया बड़ा फैसला, जारी की नई गाइडलाइन

पिछले दो सालों में भारत में करोड़ों लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके है। देश में एक बार फिर कोरोना के मामले बहुत तेजी से बढ़ना शुरू हो गए हैं। इन मामलों को बढ़ता देख दक्षिणी रेलवे ने एक बड़ा फैसला किया है।

राज एक्सप्रेस। पिछले दो सालों में भारत में कोरोना और कोरोना के कई वेरिएंट्स का आगमन हो चुका है। करोड़ों लोग इनसे संक्रमित भी हो चुके हैं। पिछले साल के अंत में जिस प्रकार मामले कम हुए थे उसको देख कर लग रहा था कि, नया साल कुछ अच्छी खबर लेकर आएगा, लेकिन इस साल तो देश में एक बार फिर कोरोना के मामले बहुत तेजी से बढ़ना शुरू हो गए हैं। इन मामलों को बढ़ता देख दक्षिणी रेलवे ने एक बड़ा फैसला किया है।

रेलवे का बड़ा फैसला :

दरअसल, दुनियाभर में कोरोना की एंट्री हुए यह तीसरा साल शुरू हो गया है, लेकिन अब तक किसी भी देश ने कोरोना की प्रमाणित कोई दवा लांच नहीं की है। हालांकि, भारत सहित कई देशों द्वारा वैक्सीन जरूर तैयार की है और जब तक कोरोना के लिए कोई दवाई नहीं है तब तक वैक्सीन ही कोरोना की जंग से लड़ने के लिए एक मात्र औजार है। ऐसे में भारतीय रेलवे ने बड़ा फैसला करते हुए यह ऐलान किया है कि, अब से जो भी कोई ट्रेन में केबल वाली लोग सफर कर सकेंगे। जो वैक्सीन की दोनों डोज ले चुके होंगे। यानि ट्रेन में सफर करने के लिए आपके पास वेक्सिनेशन का सर्टिफिकेट होना अनिवार्य है। यदि आपके पास वेक्सिनेशन का सर्टिफिकेट नहीं होगा तो आपको ट्रेन में यात्रा करने की अनुमति नहीं मिलेगी। भले ही आपकी सीट कोनफ्रोम ही क्यों ना हों।

कब से लागू होंगे यह नियम :

भारतीय रेलवे द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, देश भर के किसी भी रुट पर ट्रेन में सफर करने के लिए 11 जनवरी से आपके पास वेक्सिनेशन का सर्टिफिकेट होना अनिवार्य कर दिया गया है। इसका मतलब यह हुआ कि, 10 जनवरी के बाद किसी भी यात्री का कही भी जाने का रिजर्वेशन है या फिर ट्रैवल के लिए रिजर्वेशन करने वाले हैं तो उनके पास ट्रेन में सफर करने के लिए कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज का सर्टिफिकेट होना जरूरी है। इस मामले में दक्षिणी रेलवे ने जानकारी देते हुए बताया है कि, 'आगामी 10 जनवरी के बाद ट्रेन में सिर्फ वही लोग चढ़ सकते हैं जिनके पास कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज का सर्टिफिकेट है यानी जिन्होंने कोरोना की दोनों डोज लगवा रखी है। जिन भी लोगों के कोरोना की दोनों डोज नहीं लगी है। वह ट्रेन में सफर नहीं कर पाएंगे।'

देना पड़ सकता जुर्माना :

दक्षिणी रेलवे द्वारा जारी की है नई गाइडलाइन में जुर्माने का भी पावधान रखा गया है। हालांकि, यह सर्टिफिकेट न होने वालो को नहीं बल्कि रेलवे परिसर में मास्क न लगाने वालो को देना पद सकता है। ऐसे यात्रियों को 500 रुपये का जुर्माना देना होगा। जबकि, ओमिक्रोन से पहले यह जुर्माना 100 रूपये का था। बता दें, इन दिनों तमिलनाडु में कोरोना के मामले बहुत तेजी से बढ़ रहे हैं। इन्हीं बढ़ते मामलों को मद्देनजर रखते हुए दक्षिणी रेलवे विभाग ने 6 जनवरी को नई गाइडलाइन भी जारी की थी। वहीं, अब यह नया नियम भी लागू कर दिया गया है। रेलवे ने बताया है कि, 'उपनगरीय ट्रेन सेवा को 50 फीसदी की क्षमता के साथ चलाया जाएगा, जिससे कोरोना संक्रमण बढ़ने का खतरा न रहे। इसके अलावा यात्रियों को यात्रा टिकट लेने के लिए कोरोना का सर्टिफिकेट दिखाना होगा। बिना सर्टिफिकेट आप सफर नहीं कर पाएंगे।'

गौरतलब है कि, पश्चिम रेलवे द्वारा रतलाम मंडल की तरफ से नए Omicron वैरिएंट के प्रकोप को देखते हुए रेलवे बोर्ड की तरफ से भी नई गाइडलाइन जारी की गई है।

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