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क्या है सऊदी अरामको, कैसे करता है काम?

सऊदी अरामको दुनिया की सबसे बड़ी तेल उत्पादक है, जो दुनिया की कुल आपूर्ति का 10 फीसदी तेल प्रोसेस करती है। दुनिया की सबसे ज्यादा मुनाफा कमाने वाली कंपनियों में शुमार है।

Neelesh Singh Thakur

हाइलाइट्स :

  • अरामको के आरंभ से अब तक का सफर

  • आगे क्या हैं अरामको के प्रस्तावित लक्ष्य?

  • पिछले साल किया एशियाई कस्टमर्स को तीन-चौथाई निर्यात

सउदी अरब से संचालित एवं नियंत्रित तेल की दिग्गज कंपनी सऊदी अरामको ने अपनी प्रारंभिक सार्वजनिक पेशकश (IPO) की कीमत अपनी सूचकांक सीमा के शीर्ष पर लगाई है। दुनिया में यह पेशकश साल 2014 में अलीबाबा की 25 अरब डॉलर लिस्टिंग के मुकाबले कहीं अधिक है।

अतीत :

रॉकफेलर परिवार की स्टैंडर्ड ऑयल कंपनी के खोजकर्ताओं ने 1938 में सऊदी अरब में तेल के ठिकानों की खोज की थी। यह उद्यम अरब अमेरिकन ऑयल कंपनी के नाम से जाना गया। साल 1949 में यहां कच्चे तेल का उत्पादन 5 सौ हजार बैरल रोजाना था।

सउदी अरामको :

तकरीबन 42 सालों की कवायद के बाद साल 1980 तक सउदी गवर्नमेंट ने अरब अमेरिकन ऑयल कंपनी के सभी शेयर खरीद लिए और कंपनी की सौ फीसद हिस्सेदारी के साथ मालिक बन बैठी। इसके आठ साल बाद सउदी अरबियन ऑयल कंपनी (सउदी अरामको) की आधिकारिक तौर पर स्थापना हुई।

हैसियत :

सउदी अरब की समृद्धि उसकी तेल कंपनी अरामको की दशकों की सौगातों का परिणाम है। हकीकत में ये साम्राज्य पेट्रोलियम निर्यात करने वाले देशों के संगठन (ओपेक-Opec) का सरदार है। दुनिया भर के तेल बाजार की तेल कीमतों पर भी इसका ही नियंत्रण है। दुनिया में तेल की धार संग कीमत के साथ ही आमजन के खीसे की हैसियत भी अप्रत्यक्ष रूप से यहीं से नियंत्रित हो रही है।

अर्थव्यवस्था का केंद्र :

एक तरह से देखा जाए सउदी अरब की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से ऑयल प्रॉडक्शन और एक्सपोर्ट पर ही निर्भर है। इसके खतरों को भांपकर क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान सऊदी अर्थव्यवस्था को बहुआयामी आय केंद्रित बनाना चाहते हैं। उन्होंने अरामको के आईपीओ प्लान के बारे में जानकारी देते समय साल 2016 में इस परिप्रेक्ष्य में कहा भी है;

“किंगडम को अपनी "तेल की लत" को समाप्त करना चाहिए। ताकि सुनिश्चित हो सके कि, वह कमोडिटी प्राइज़ की अस्थिरता की दया पर नहीं चल रहा।”

क्राउन प्रिंस, मोहम्मद बिन सलमान, सऊदी अरब

तेल भंडार पर संशय :

अरामको के तेल भंडार की मात्रा पर संशय के बादल मंडराते रहे हैं। कुछ दशक पहले उपलब्ध भंडार के बारे में दर्शाए गए आंकड़ों को लेकर गफलत पैदा हुई थी। फिलहाल अरामको के पास साल 2017 में 260.2 बिलियन बैरल ऑयल होने की जानकारी दी गई है।

यह उपलब्धता एक्सॉन मोबिल कॉर्प, शेवरॉन कॉर्प, रॉयल डच शेल पीएलसी, बीपी पीएलसी और टोटल के संयुक्त भंडार के मुकाबले काफी अधिक है। अनुमानित तौर पर एक रिज़र्व से 54 सालों तक ऑयल निकलने की संभावना रहती है।

मांग बढ़ेगी :

अरामको के कुल क्रूड एक्सपोर्ट का लगभग तीन-चौथाई निर्यात जो कि, लगभग 5.2 अरब बीपीडी (बैरल पर डे) था पिछले साल एशियाई कस्टमर्स को किया गया। अरामको का मानना है कि, दुनिया में उसके प्रॉडक्ट्स की मांग तेजी से बढ़ेगी।

ऑयल प्रॉडक्शन :

बीते साल कंपनी ने रोजाना 10.3 मिलियन बैरल प्रति दिन (बीपीडी) क्रूड ऑयल उत्पादन किया। कुल 2.80 डॉलर प्रति बैरल उत्पादन लागत के मान से यह काफी कम उत्पादन लागत थी। साथ ही इसने 1.1 मिलियन बैरल प्राकृतिक गैस तरल पदार्थ और 8.9 बिलियन मानक क्यूबिक फीट प्राकृतिक गैस का प्रति दिन उत्पादन किया।

ऑयल एक्सपोर्ट :

पिछले साल एशियाई सर्किट के क्स्टमर्स को अरामको ने अपने कुल निर्यात का लगभग तीन चौथाई यानी कि 5.2 बिलियन बीपीडी क्रूड एक्सपोर्ट किया। कंपनी का मानना है कि, इन सर्किट्स में तेल की मांग अभी और बढ़ेगी।

एशियाई बाजार में इसके ग्राहकों में भारत, चाइना, साउथ कोरिया, जापान और ताइवान जैसे बड़े देश शामिल हैं। जबकि पिछले साल उत्तरी अमेरिका में इसने 1 मिलियन बीपीडी क्रूड डिलेवरीज़ की। यूरोप में इसने पिछले साल तकरीबन 9 लाख बीपीडी क्रूड सप्लाई किया।

तेल शुद्धिकरण :

अपने तेल के कारोबार में विविधता लाने के लिए, अरामको लगातार प्रयासरत है। कंपनी शुद्धिकरण और पेट्रोकेमिकल्स से आय के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही है। कंपनी का लक्ष्य अपने केमिकल प्रॉडक्शन को तिगुना कर साल 2030 तक 34 मिलियन टन प्रति वर्ष तक पहुंचाना है।

इस टारगेट को अचीव करने के लिए कंपनी रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल उत्पादन यूनिट में लगातार विस्तार कर रही है। कंपनी ने वैश्विक स्तर पर रिफाइनिंग क्षमता 5 मिलियन बीपीडी से बढ़ाकर 8 से 10 मिलियन बीपीडी करने की मंशा जताई है।

अमेरिका में निवेश का लक्ष्य :

कंपनी सऊदी अरब में तेल का उत्पादन, शोधन और निर्यात करती है। साथ ही दुनिया भर में इसके कई शोधन कार्य भी चल रहे हैं। अरामको की अमेरिकी तेल शोधन सहायक कंपनी मोटिवा एंटरप्राइज़ेस की टेक्सास में 6 लाख बीपीडी पोर्ट आर्थर रिफाइनरी है।

यह रिफाइनरी संयुक्त राज्य की सबसे बड़ी रिफाइनरी है। इतना ही नहीं साल 2017 में कंपनी ने अगले पांच सालों के दौरान अमेरिका में अपने परिचालन में 18 बिलियन डॉलर निवेश की योजना की घोषणा भी की थी।

अरामको अपनी तेल शोधन और डाउनस्ट्रीम क्षमता का भी तेजी से लगातार विस्तार कर रही है, खासकर चीन और भारत जैसे तेजी से बढ़ते देशों में इसे अपार अवसर नज़र आ रहे हैं। साल 2018 में अरामको की शुद्ध शोधन क्षमता प्रतिदिन 3.1 मिलियन बैरल थी।

दुनिया में धाक :

राज्य के स्वामित्व वाली फर्म दुनिया की सबसे बड़ी तेल उत्पादक कंपनी है, जो दुनिया की आपूर्ति का 10% पंप करती है, और सबसे अधिक मुनाफे वाली कंपनी है, जिसका आधा साल का शुद्ध लाभ 12% बढ़त के साथ 46.9 बिलियन डॉलर है।

पिछले साल, अरामको ने 111 बिलियन डॉलर का वार्षिक शुद्ध लाभ कमाया। यह लाभ पाँच "सुपर मेज़र्स" एक्सॉन मोबिल, शेल, बीपी, शेवरॉन और टोटल की संयुक्त शुद्ध आय से एक तिहाई अधिक था।

संचालन-अनुसंधान :

वर्ष 2018 तक 76 हजार कर्मचारियों के साथ, अरामको एशिया, यूरोप और अमेरिका में ऊर्जा उद्योग संचालन, अनुसंधान सुविधा और कार्यालयों के साथ दुनिया भर में अपनी पैठ बनाने में कामयाब रहा। बीजिंग, नई दिल्ली, सिंगापुर, न्यूयॉर्क, लंदन, ह्यूस्टन और अन्य प्रमुख जगहों पर कंपनी के कंट्री लेवल कार्यालय हैं जहां से वो कंपनी की नीतियों के संचालन और प्रचार-प्रसार पर नज़र रखती है। सऊदी अरामको से जुड़ी लेटेस्ट खबरें जानने के लिए - क्लिक करे

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