Encumbrance certificate is very important
Encumbrance certificate is very importantRaj Express

भू-संपत्ति खरीदते समय एन्कम्ब्रन्स सर्टिफिकेट की जांच जरूर करें, इसमें होती हैं सभी जरूरी जानकारियां

जमीन संबंधी किसी सौदे में फ्राड से बचने के लिए एन्कम्ब्रन्स सर्टिफिकेट (ईसी) सबसे जरूरी दस्तावेज है। यह दस्तावेज रजिस्ट्री जितना ही महत्वपूर्ण है।

हाईलाइट्स

  • जमीन खरीदते समय एन्कम्ब्रन्स सर्टिफिकेट सबसे जरूरी दस्तावेज।

  • इससे यह आसानी से पता चल सकता है प्रॉपर्टी कानूनी पचड़ों मुक्त है या नहीं।

  • जमीन खरीदते समय जितनी जरूरी रजिस्ट्री, उतना ही जरूरी यह दस्तावेज।

राज एक्सप्रेस। आपने प्रॉपर्टी खरीदते समय अक्सर फर्जीवाड़े होते देखे या सुने होंगे। ऐसे मामले अक्सर सामने आते रहते हैं। अगर आप ऐसे किसी मामले में फंस गए तो आपका पैसा तो लंबे समय के लिए फंसता ही है, साथ ही आप कई दूसरी समस्याओं से भी घिर जाते हैं। ऐसे किसी फ्राड से बचने के लिए एन्कम्ब्रन्स सर्टिफिकेट (ईसी) सबसे जरूरी दस्तावेज है। ध्यान दीजिए, कोई जमीन खरीदते समय जितनी जरूरी रजिस्ट्री होती है, उतना ही जरूरी यह दस्तावेज भी होता है। यदि आप प्रापर्टी खरीदने की योजना बना रहे हैं तो सबसे पहले आपको एन्कम्ब्रन्स सर्टिफिकेट के बारे में जरूर जानकारी ले लेनी चाहिए।

ईसी से पता कीजिए संपत्ति पर वित्तीय देनदारी तो नहीं

एन्कम्ब्रन्स सर्टिफिकेट (ईसी) एक ऐसा कानूनी दस्‍तावेज है, जिसकी मदद से यह आसानी से पता लगाया जा सकता है कि खरीदी जाने वाली प्रॉपर्टी कानूनी पचड़ों और वित्तीय देनदारियों से पूरी तरह मुक्त है या नहीं। इस दस्तावेज के माध्यम से प्रॉपर्टी से जुड़ी सभी जरूरी जानकारियों जैसे कि संपत्ति का मालिकाना हक, प्रापर्टी पर कोई थर्ड पार्टी क्लेम तो नहीं है, कोई केस तो नहीं चल रहा है का पता आसानी से लगाया जा सकता है। कहने का मतलब यह कि इस दस्तावेज के माध्यम से आप खरीदे जाने वाले प्लाट से जुड़ी सभी जरूरी जानकारियां पा सकते हैं।

प्रॉपर्टी पर घर बनाते समय बैंक भी मांगता है दस्तावेज

जब आप प्रॉपर्टी खरीदते का प्रयास करते हैं तो आपको मालिक के साथ डील करनी होती है। डील के समय ही इस सर्टिफिकेट की जरूरत पड़ती है। यह सर्टिफिकेट इस बात का प्रमाण होता है कि संपत्ति हर तरह के कानूनी पचड़ों और वित्‍तीय बोझ से पूरी तरह से मुक्‍त है। जब आप प्रॉपर्टी खरीदने के लिए होम लोन लेने का प्रयास करते हैं, तो आपका कर्ज आवेदन मंजूर करने से पहले बैंक एन्कम्ब्रन्स सर्टिफिकेट देखकर निश्चिंन्त होना चाहते हैं। इस लिए भी जरूरी है कि आप जमीन से जुड़ी कोई डील करते समय यह सर्टिफिकेट जरूर लें।

भू-संपत्ति से जुड़े मामले में यह सर्टिफिकेट बेहद जरूरी

अगर आप प्रॉपर्टी खरीदने के लिए अपने प्रॉविडेंट फंड से पैसा निकालने की कोशिश करते हैं तो भी आपका नियोक्ता आपसे एन्कम्ब्रन्स सर्टिफिकेट की मांग कर सकता है। इसी तरह जब आप अपनी संपत्ति का सौदा करने का प्रयास करते हैं, तो खरीददार को एन्कम्ब्रन्स सर्टिफिकेट दिखाने की जरूरत पड़ती है। यह तो हम जान गए कि भू-संपत्ति से जुड़े मामले में यह सर्टिफिकेट बेहद जरूरी होता है। अब यह भी समझ लीजिए कि यह बनता कैसे है।

कई राज्यों में ऑनलाइन भी किया जा सकता है आवेदन

देश के आन्‍ध्र प्रदेश, ओडिशा, तमिलनाडु, केरल, पुडुचेरी जैसे अनेक राज्यों में एन्कम्ब्रन्स सर्टिफिकेट बनवाने के लिए आप ऑनलाइन अप्‍लाई कर सकते हैं। आप यदि ऑफलाइन इसे बनवाने का प्रयास करते हैं तो आपको तहसीलदार के ऑफिस में जाना पड़ेगा। वहां आपको फॉर्म भरने के साथ-साथ एड्रेस प्रूफ, प्रॉपर्टी की जानकारी भी सब्मिट करनी होती है। यदि प्रॉपर्टी के लिए डीड बनाई गई है, तो डीड की कॉपी आदि मांगे गए दस्‍तावेजों को जमा करना होता है। इसके बाद एन्कम्ब्रन्स सर्टिफिकेट जारी होने में 15 से 30 दिनों का समय लगता है। आप 12 से 30 सालों तक का एन्कम्ब्रन्स सर्टिफिकेट बनवा सकते हैं।

ताज़ा समाचार और रोचक जानकारियों के लिए आप हमारे राज एक्सप्रेस वाट्सऐप चैनल को सब्स्क्राइब कर सकते हैं। वाट्सऐप पर Raj Express के नाम से सर्च कर, सब्स्क्राइब करें।

Related Stories

No stories found.
logo
Raj Express | Top Hindi News, Trending, Latest Viral News, Breaking News
www.rajexpress.co