ग्वालियर कोरोना ब्लास्ट : 120 मरीज हुए संक्रमित, सक्रिय हुआ प्रशासन
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ग्वालियर कोरोना ब्लास्ट : 120 मरीज हुए संक्रमित, सक्रिय हुआ प्रशासन

ग्वालियर, मध्यप्रदेश : शहर वासियों द्वारा बरती जा रही लापरवाही का परिणाम बुधवार को सामने आया है। कोरोना संक्रमित मरीजों की जांच में 120 लोगों के पॉजीटिव होने की रिपोर्ट आई है।

ग्वालियर, मध्यप्रदेश। शहर वासियों द्वारा बरती जा रही लापरवाही का परिणाम बुधवार को सामने आया है। कोरोना संक्रमित मरीजों की जांच में 120 लोगों के पॉजीटिव होने की रिपोर्ट आई है। प्रशासन को दिन में ही रिपोर्ट की जानकारी मिल गई थी इसलिए मोती महल स्थित कन्ट्रोल कमाण्ड सेंटर में इंसीडेंट कमाण्डरों एवं निगम अधिकारियों की बैठक बुलाकर कलेक्टर ने दिशा निर्देश दिए। अब पॉजीटिव मरीज मिलने पर संबंधित एरिए को कन्टेमेंट जोन में तब्दील किया जायगा। अगर समय रहते लोग नहीं चेते तो अंतिम विकल्प लॉक डाउन का ही अपनाना पड़ेगा।

कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या ने प्रशासन के हाथ पांव फुला दिए हैं। अब तक प्रतिदिन 50 से 60 मरीज पॉजीटिव आ रहे थे और पिछले तीन महीनों में सर्वाधिक मरीजों का आकड़ा 28 मार्च को 95 रहा था। इसके बाद से मरीजों की संख्या फिर 60 के बीच रह गई थी। लेकिन बुधवार को 120 मरीजों के पॉजीटिव आते ही कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने कोरोना से बचाव के लिए पुराने संसाधन को फिर से अपनाना शुरू कर दिया है। अब जिस एरिए में अधिक पॉजीटिव मरीज आयंगे उसे कन्टेमेंट घोषित किया जायेगा। साथ ही लोगों की आवाजाही पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया जायेगा। अधिक संक्रमण होने पर मरीजों को होम कॉरेंटीन होने की इजाजत नहीं मिलेगी।

यह है कोरोना की स्थिति :

  • बुधवार को भेजे गए कुल सैंपल 1541

  • अब तक भेजे गए कुल सैंपल 350312

  • बुधवार को डिस्चार्ज किए गए मरीज 36

  • अब तक डिस्चार्ज किए गए कुल मरीज 16794

  • बुधवार को जांचे गए सैंपल 1235

  • बुधवार को संक्रमित हुए मरीजों की संख्या 120

  • बुधवार तक बचे हुए एक्टिव केस 612

  • अब तक कुल संक्रमित मरीजों की संख्या 17642

  • अब तक मृत हुए मरीजों की संख्या 236

  • वर्तमान में कुुल संक्रमित मरीजों की संख्या 639

10 दिनों में इस तरह बढ़ी मरीजों की संख्या :

  • 21 मार्च को 934 मरीजों की जांच, 46 आए पॉजीटिव

  • 22 मार्च को 797 की जांच, 37 आए पॉजीटिव

  • 23 मार्च को 1277 की जांच, 54 मरीज आए पॉजीटिव

  • 24 मार्च को 1228 की जांच, 61 मरीज आए पॉजीटिव

  • 25 मार्च को 1534 मरीजों के सैंपल भेजे, 63 आए पॉजीटिव

  • 26 मार्च को 1356 सैंपलों की हुई जांच , 67 आए पॉजीटिव

  • 27 मार्च को 1420 मरीजों की जांच , 62 आए पॉजीटिव

  • 28 मार्च को 1313 मरीजों की जांच, 95 आए पॉजीटिव

  • 29 मार्च को 913 मरीजों की जांच, 53 आए पॉजीटिव

  • 30 मार्च को 648 मरीजों की जांच, 60 आए पॉजीटिव

  • 31 मार्च को 995 मरीजों की जांच, 120 आए पॉजीटिव

जांच में 10 प्रतिशत मरीज आए पॉजीटिव, अब तो डरो :

बुधवार को 120 मरीजों के पॉजीटिव आने से ज्यादा कुल मरीजों की जांच का प्रतिशत डरावना है। बुधवार को मात्र 995 मरीजों के सैंपलों की जांच हुई थी और इसमें 120 का पॉजीटिव आना मतलब 10 प्रतिशत से अधिक का रेशो है।उदाहरण के रूप में जब 1356 मरीजों की जांच होती है और 62 पॉजीटिव आते हैं तो रेशो 5 प्रतिशत के लगभग रहता है। मलतब जितने मरीजों की जांच हुई है उसमें से 5 प्रतिशत पॉजीटिव आए हैं। इस आंकड़े तक अधिकारी राहत में रहते हैं। लेकिन जैसे ही पॉजीटिव मरीजों का आंकड़ा 10 प्रतिशत को पार कर जाता है इसे बहुत गंभीर माना जाता है। लोग नहीं सुधरे तो हालात बिगड़ना तय है।

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