3382 की जांच में 88 पॉजीटिव, हालात बेकाबू होने का इंतजार, इंतजाम नाकाफी
बाज़ार में उमड़ रही भीड़राज एक्सप्रेस, संवाददाता

3382 की जांच में 88 पॉजीटिव, हालात बेकाबू होने का इंतजार, इंतजाम नाकाफी

ग्वालियर, मध्यप्रदेश : लगातार बढ़ रहे कोरोना के मरीज, बाजारों में नहीं थम रही भीड़। जब बंदिशें करनी हैं तो किस बात का इंतजार कर रहे अधिकारी।

ग्वालियर, मध्यप्रदेश। कोरोना संक्रमण दिन ब दिन बेकाबू होता जा रहा है। पॉजीटिव मरीजों की संख्या प्रतिदिन दोगुना हो रही है इसके बावजूद प्रशासन हाथ पर हाथ रखे बैठा है। न बाजारों में भीड़ को रोका जा रहा है न आवश्यकता अनुसार सख्ती की जा रही है। बुधवार को 3382 मरीजों की जांच में 88 संक्रमित पाए गए हैं और इन्हें मिला कुल पॉजीटिव मरीजों की संख्या 190 हो गई है। जल्द ही बाजार बंद करने सहित अन्य कदम नहीं उठाए गए तो हालात बेकाबू हो जायंगे। शायद अधिकारी व्यवस्था बिगड़ने का इंतजार कर रहे हैं, तभी सख्ती की जायेगी।

शहर में कोरोना संक्रमण की रफ्तार बहुत तेज हो गई है। संक्रमित मरीजों की संख्या प्रतिदिन दोगुना हो रही है। इसके बावजूद प्रशासन द्वारा भीड़ को रोकने के लिए आवश्यक कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। दुकान एवं सब्जी मण्डी में हजारों लोग प्रतिदिन भीड़ के रूप में निकल रहे हैं जिससे संक्रमण तेजी से फेल रहा है। अधिकारी दिखावे के लिए कार्यवाही कर रहे हैं जबकि हकीकत में संक्रमण रोकने के लिए बहुत सख्ती की आवश्यकता है। दूसरी लहर ने शहर की व्यवस्थाओं की हकीकत बताई थी। हालात यह थी कि वीवीआई लोगों को भी उपचार नहीं मिल पा रहा था। कई लोग उपचार और दवा के अभाव में मौत का शिकार हो गए। इसमें व्यापारी, अधिकारी, चिकित्सक, पत्रकार सहित समाज सेवी भी शामिल थे। दूसरी लहर में संक्रमण बहुत तेजी से नहीं बढ़ा था तब हालात बिगड़ गए थे लेकिन तीसरी लहर में संक्रमण प्रतिदिन दोगुना हो रहा है इसके बावजूद अधिकारी कोई एक्शन प्लान नहीं बना सके हैं। बुधवार को कुल 88 मरीज कोरोना संक्रमित हुए हैं और लोगों में दहशत बनी हुई है। अगर इसी तरह से चलता रहा तो हालात दूसरी लहर से भी 'यादा घातक होंगे।

बाजार बंद करना है तो किस बात का है इंतजार :

अधिकारी खुद यह मान रहे हैं हालात बेकाबू होंगे। कोरोना का ओमीक्रॉन बेरीऐंट बहुत तेजी से फैलेगा। जब सब कुछ पता है फिर अधिकारी किस बात का इंतजार कर रहे हैं। जो कदम हालात बिगड़ने पर उठाने हैं वह अभी क्यों नहीं उठाए जा सकते। आखिर किस बात का इंतजार किया जा रहा है। जब अस्पतालों में बेड फुल हो जायंगे और मरीज उपचार के अभाव में दम तोड़ेंगे क्या तब सख्ती की जायेगी।

इस बार कुछ हुआ तो प्रशासन होगा जिम्मेदार :

दूसरी लहर ने बहुत कुछ सिखा दिया है। यही वजह है कि शासन ने अस्पतालों में व्यवस्थाएं बेहतर करने के लिए प्रयास किए। ऑक्सीजन प्लांट चालू किए, दवाओं की अतिरिक्त व्यवस्था भी की जा रही है। लेकिन सख्ती लागू न करके अधिकारी बहुत बड़ी गलती कर रहे हैं। चूंकि ग्वालियर में चिकित्सा सेवाएं बहुत कमजोर हैं इसलिए सख्ती करके ही संक्रमण पर काबू पाया जा सकता है। अगर अभी सख्त निर्णय नहीं लिए गए तो हालात विस्फोटक हो जायेंगे और इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

यह है कोरोना की स्थिति :

  • बुधवार को जांचे गए कुल सैंपल 3382

  • बुधवार को पॉजीटिव आए मरीजों की संख्या 88

  • कुल पॉजीटिव मरीजों की संख्या 190

  • आज दिनांक तक मृत मरीजों की संख्या 731

  • कुल संदिग्ध मरीजों की संख्या 2845

  • कुल एक्टिव माईक्रो कंटेमेंट क्षेत्र 10

  • आज दिनांक तक डिस्टचार्ज किए गए मरीजों की संख्या 52481

  • बुधवार को भेजे गए कुल सैंपलों की संख्या 3790

आज का बुलेटिन
आज का बुलेटिनस्वस्थ्य विभाग

इनका कहना है :

जिस रफ्तार से मरीजों की संख्या बढ़ रही है वह चिंता जनक है। प्रशासन को अभी से सख्ती करनी चाहिए। बाजारों में भीड़ कम हो इसके लिए अभी इंतजाम करना आवश्यक है। हमें व्यवस्था बिगड़ने का इंतजार नहीं करना चाहिए। अगर मरीजों की संख्या इसी हिसाब से बड़ी तो हालात बेकाबू हो जायेंगे। अस्पतालों में पंलग भी आरक्षित नहीं है। जिला प्रशासन को चिकित्सकों के साथ बैठक करके व्यवस्थाओं को उनके हिसाब से करनी चाहिए, तभी हालात सुधर सकते हैं।

डॉ. सुनील अग्रवाल, प्रदेशाध्यक्ष, मेडिकल टीचर्स एसोशिएशन, मप्र

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