ग्वालियर : गले में लटका लो कोरोना कार्ड, नहीं होगा कोविड!

ग्वालियर, मध्य प्रदेश : मास्क, सोशल डिस्टेंस और काढ़ा पीने जैसी नसीहतों के बाद बाजार में आया कोरोना कार्ड। चिकित्सक ने कहा- ये भ्रामक है, ऐसे लोगों पर सख्त से सख्त कार्रवाई हो।
ग्वालियर : गले में लटका लो कोरोना कार्ड, नहीं होगा कोविड!
कोविड-19 'शट-आउट' कार्डSocial Media

ग्वालियर, मध्य प्रदेश। कोरोनावायरस के मद्देनजर मास्क पहनने, सोशल डिस्टेंस बनाए रखने और 'काढ़ा' पीने जैसी नसीहतों के बीच बाजार में एक नया एंटी-कोरोनावायरस आइटम आ गया है। बड़ी संख्या में लोग इसे खरीदने को उमड़ रहे हैं। ये है कोविड-19 'शट-आउट' कार्ड, जो छोटे आईडी की तरह दिखता है, जिसे गले में पहना जाता है। दावा किया जा रहा है कि यह कार्ड वायरस को दूर रखता है और अगर कोई शख्स अपने गले में कार्ड पहनता है, तो वह महामारी में सुरक्षित रह सकता है। इस कार्ड की कीमत बनावट में गुणवत्ता के आधार पर 80 से 120 रुपये के बीच है।

जयारोग्य अस्पताल मेडिसिन विभाग के चिकित्सक डॉ. मनीष शर्मा का कहना है कि यह एक बड़ी धोखाधड़ी है और सरकार को इसकी जांच करने के लिए कदम उठाना चाहिए। ऐसा कोई भी कार्ड कोविड को नहीं रोक सकता, यानी ग्राहकों को ठगा जा रहा है और लोगों को कोरोना के प्रति और लापरवाह किया जा रहा है। इस पर सरकार को सख्त से सख्त कदम उठाना चाहिए और इस पर रोक लगानी चाहिए। ऐसा कुछ रिसर्च में सामने नहीं आया है कि कार्ड को गले में टांगने से कोरोना नहीं होगा। कोरोना से सिर्फ मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करके ही बचा जा सकता है।

वहीं मेडिकल स्टोर संचालकों का कहना है कि ये कार्ड केक की तरह बिक रहे हैं। इन कार्डों का मूल्य 80 रुपए से लेकर 120 रुपए तक है, लेकिन लोग यह जाने बिना ही इसे खरीद रहे हैं कि वह वास्तव में फायदेमंद है भी या नहीं। मेडिकल स्टोर संचालक ने बताया कि उन्हें खुद नहीं पता है कि कार्ड के अंदर क्या है क्योंकि यह पूरी तरह से पैक है और कपूर जैसी गंध आती है। इन पर कोई एक्सपायरी डेट भी नहीं है।

ऑनलाईन भी बिक रहे कोरोना कार्ड :

ई-कॉमर्स वेबसाइट पर अंतिम संस्कार के लिए बांस और मिट्टी के बर्तन तक हर घड़ी तैयार मिल जाते हों, वहां जीवन रक्षक कार्ड न बिके, ये कैसे हो सकता है। ऑनलाइन ई-कॉमर्स वेबसाइट पर इसी से मिलते-जुलते कई कार्ड उपलब्ध हैं। एक जोड़े की कीमत 105 रुपए बताई जा रही है। ये 80 फीसदी डिस्काउंट के बाद का रेट है। कुछ कंपनियां इसे दोगुने-तीगुने दाम पर भी बेच रही हैं।

इनका कहना है :

कोरोना से बचाव का कार्ड भ्रामक है। इस कार्ड को गले में टांगने से कुछ नहीं होगा। कोरोना से मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करके ही बचा जा सकता है। यही मात्र उपाय है। जो लोग कार्ड बना रहें और उसे बेच रहे हैं। ऐसे लोगों पर सरकार को सख्त से सख्त कार्रवाई करना चाहिए।

डॉ. मनीष शर्मा, मेडिसिन विशेषज्ञ, जेएएच

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