सीरो सर्वे, इंदौर
सीरो सर्वे, इंदौर|Social Media
कोरोना वायरस

सीरो सर्वे : अब तक नहीं मिली लोगों की अपनी रिपोर्ट

इंदौर, मध्य प्रदेश : एमजीएमएमसी के जिम्मेदार भी कोई जवाब नहीं दे रहे। हजार लोगों ने स्वैच्छा से दिए थे अपने सेंपल।

Mumtaz Khan

इंदौर, मध्य प्रदेश। जिला प्रशासन और चिकित्सा शिक्षा विभाग (एमजीएम मेडिकल कॉलेज) द्वारा शहर में सीरो सर्विलेंस प्रोजेक्ट के तहत सर्वे किया गया था। इसमें करीब 10 दिन में 7 हजार से अधिक लोगों के ब्लड सेंपल लिए गए थे। सेंपल लेते समय टीम ने लोगों से वादा किया था कि जल्द से जल्द वो व्यक्तिगत रूप से लोगों को जानकारी देंगे कि उनकी रिपोर्ट क्या आई है, लेकिन सर्वे पूरा होने के 20 दिन बाद भी लोगों तक कोई जानकारी नहीं पहुंची है।

उल्लेखनीय है कि शहर में लोगों में कोरोना वायरस के प्रति एंडी बॉडी कितने प्रतिशत लोगों में बनी है, यह जांचने के लिए शहर में सीरो सर्विलेंस प्रोजेक्ट के तहत सर्वे हुआ था। इसमें शहर के सभी 85 वार्ड से लोगों के ब्लड सेंपल लिए गए थे। करीब 7 हजार सेंपल लिए गए थे। इसकी जांच दिल्ली से आई टीम की निगरानी में एमजीएम मेडिकल कॉलेज में हुई थीं। इसकी घोषणा 28 अगस्त को मुख्यमंत्री के सामने की गई थी।

टीम के सदस्य भी हो रहे परेशान :

सीरो सर्वे के नतीजे घोषित हुए 10 दिन होने को आए हैं, लेकिन अब तक जिन लोगों के सेंपल लिए गए थे, उन्हें जानकारी नहीं दी गई है कि उनकी रिपोर्ट क्या रही। सीरो सर्वे में नतीजे अपेक्षा के अनुरूप नहीं आए हैं और करीब 10 प्रतिशत लोगों में ही एंटीबॉडी मिली है, लेकिन फिर भी लोगों में इस बात को लेकर उत्सुकता है कि उनकी रिपोर्ट क्या रही है। इसके लिए वह लगातार जिस टीम के सदस्यों ने उनके सेंपल लिए थे, उन्हें फोन लगाकर जानकारी मांग रहे हैं। टीम के सदस्यों का कहना है कि इस संबंध में हम एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डॉ. सलिल साकल्ले, डीन डॉ. 'योति बिंदल सहित अन्य लोगों को जानकारी दे रहे हैं कि लोग बार-बार फोन लगाकार हमसे जानकारी मांग रहे हैं, हम क्या जवाब दें। इस पर उनका कहना है कि जल्द ही एसएमएस से जानकारी देंगे, लेकिन ऐसा कब तक होगा, इसकी जानकारी नहीं दी जा रही है।

एसएमएस से पहुंचेगी जानकारी :

टीम के एक सदस्य ने बताया कि जिम्मेदारों का कहना है कि कुछ तकनीकी गड़बड़िय़ों के चलते अब तक जिन लोगों ने सेंपल दिए थे, उन तक एसएमएस नहीं पहुंचा है। लोगों तक गलत जानकारी न जाए, इसका ध्यान रखते हुऐ पूरी तैयारी के बाद ही एसएमएस किए जाएंगे। वैसे विशेषज्ञों का कहना है कि यदि जिनकी रिपोर्ट में एंटी बॉडी मिलती भी है, तो उन्हें भी कोरोना संक्रमण से सतर्क उतना ही रहना होगा, जितना एक आम व्यक्ति को रहना चाहिए, क्योंकि ऐसा नहीं अब तक यह साबित नहीं हो पाया है कि जिन लोगों को एक बार कोरोना संक्रमण हो गया है, उन्हें दोबारा नहीं होगा।

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