अनूपपुर : एजेन्सी के नाम पर 11 लाख की धोखाधड़ी

अनूपपुर, मध्य प्रदेश : बैंकिंग आरटीजीएस के माध्यम से खाते में लिया पैसा। पीड़ित ने सभी जगह की शिकायत, लेकिन नतीज अभी भी शून्य।
अनूपपुर : एजेन्सी के नाम पर 11 लाख की धोखाधड़ी
एजेन्सी के नाम पर 11 लाख की धोखाधड़ीSocial Media

अनूपपुर, मध्य प्रदेश। ऑनलाइन और फोन के माध्यम से धोखा-धड़ी का मामले थमने का नाम नहीं ले रहे है, जिलेभर में अनेक ऐसे मामले सामने आये है जहां मिनटो में हजारो रूपए की चपत लोगों को लग चुकी है, खाता नंबर किसी अन्य जगह का, आईएफएससी दूसरे जगह का, नाम में परिवर्तन, उसके बाद भी आरटीजीएस के माध्यम से जालसाज तक पैसे पहुंच गये, लेकिन पुलिस की धीमी कार्यप्रणाली के कारण पीडित दर-ब-दर भटकने को मजबूर है।

नगर पंचायत जैतहरी अंतर्गत निवास करने वाले व्यवसायी मोहित मोटवानी के द्वारा बीते माह में रियल मी मोबाइल कंपनी की एजेन्सी हेतु ऑनलाईन फार्म को भर कर स्थानीय स्तर पर स्वीकृत कराना चाह रहा था, जहां फोन के माध्यम से व बेवसाईट के माध्यम से समझौता नामा कराना चाह रहे थे, कई दिनो बात हुई बातों के अनुरूप एजेन्सी लेने के लिए एक निश्चित राशि की मांग की गई, मोहित ने सेंट्रल बैंक शाखा जैतहरी के माध्यम से तीन किश्तो में करीब 11 लाख रूपए रियल मी टेनी कम्यूनिकेशन इंडिया प्राईवेट लिमिटेड शाखा इंडसइंड बैंक ऑफ इंडिया साईबर सिटी गुरूग्राम के नाम से पेमेंट किया गया।

खाता निकला किसी और नाम का :

एजेन्सी के नाम पर पैसे देने के बाद जब फोन के माध्यम से प्रतिउत्तर में अंतर समझ में आने लगा तो मोहित ने इंडसइंड बैंक जाकर पता किया तो सामने आया कि यह खाता किसी अभिजीत कुमार के नाम से है और खाते का आईएफएससी कोड ऑनलाईन ग्रुरूग्राम हरियाणा का दिखाई दे रहा है, इसकी जानकारी लगते ही पीडित ने थाने में शिकायत पत्र के साथ सेंट्रल बैंक जैतहरी में भी आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई, लेकिन एक माह बीत जाने के बाद भी किसी भी प्रकार का कोई समाधान नहीं मिला।

नाम और आईएफएससी है अलग :

मोहित के द्वारा जिस खाता नंबर पर पैसे को भेजा गया है, भेजने से पहले बैंक के आवेदन फार्म में भरे गये नाम और और राशि पहुंचने वाले खाता का नाम ही अलग है, वहीं आईएफएससी कोड आज भी गुरूग्राम हरियाणा का दिखा रहा है और अकाउंड नंबर पटना बिहार राज्य का बताया जा रहा है, जबकि बैंकिंग की दृष्टिकोण से मेल न खाने की वजह से आरटीजीएस रूक जाना चाहिए, लेकिन पीडित अभी तक यह बात नहीं समझ पाया और न ही बैंक वालों ने इसे गंभीरता से लिया, जिसके कारण पीड़ित काफी परेशान है।

कई मामले हैं साईबर के पास :

यह पहला मौका नहीं है, इसके पहले भी साईबर के पास अनेक मामले पहुंच चुके है, बीते माहों में अरूण राठौर नामक युवके द्वारा फेसबुक में दो पहिया बाईक देखकर खरीदने का प्रयास किया था, जहां फौजी बनकर एक युवक के द्वारा बेचने के नाम से 50 हजार रूपए लेकर अपना फोन बंद कर दिया था, जिसके बाद आज भी उसे न तो गाड़ी मिली और न ही उसका पैसा वापस हुआ, थाने से लेकर पुलिस अधीक्षक तक न्याय की गुहार लगाई, लेकिन हुआ कुछ भी नहीं।

हर बार क्यों बिहार का नाम :

एटीएम, ऑनलाईन, फोन के साथ अन्य सुविधाओं के माध्यम से पैसों का गोलमाल करने व धोखा-धड़ी करने का मामला जब भी सामने आता है तो कहीं न कहीं बिहार राज्य का नाम अक्सर सुनाई देता है, और ज्यादातर मामले भी वहीं के निकलते सुनाई देते है, जिलेभर में अनेक ऐसे मामले हुए, लेकिन कुछ के मामले पुलिस अधीक्षक कार्यालय से समाधान भी हुआ है, लेकिन फिर से ऐसे मामले बडी तादात में आने लगे है, पीड़ित शिकायत पत्र देकर न्याय की आस में लगे रहते हैं और उन्हे इस बात की चिंता रहती है कि कब उनका पैसा वापस होगा।

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