46 नग पेंगोलिन के स्केल्स की तस्करी करने वाले तीन तस्कर को जेल
46 नग पेंगोलिन के स्केल्स की तस्करी करने वाले तीन तस्कर को जेल|Social Media
क्राइम एक्सप्रेस

शहडोल : 46 नग पेंगोलिन के स्केल्स की तस्करी करने वाले तीन तस्कर को जेल

शहडोल, मधय प्रदेश : सोन नदी में पाई जाती है दुर्लभ प्रजाति, बांधवगढ़ पार्क की टीम ने की थी कार्यवाही। न्यायलय ने जमानत याचिका निरस्त कर भेजा जेल।

Afsar Khan

शहडोल, मधय प्रदेश। सहायक मीडिया प्रभारी एडीपीओ मुकेश कुमार कोल ने बताया कि ब्यौहारी न्यायालय के अपर सत्र न्यायाधीश के द्वारा वन विभाग जरिये वनपरिक्षेत्र मानपुर(बफरजोन) बांधवगढ टाईगर रिजर्व के पीओआर में अभियुुक्त लालमन पिता पकुआ कोल उम्र 56 वर्ष, छोटेलाल पिता स्व. दद्दी साहू उम्र 55 वर्ष, चन्द्रपाल गोंड उर्फ भगोले पिता जगधारी गोंड उम्र 53 वर्ष सभी निवासी ग्राम तिखवा, थाना पपौंध को धारा 9, 39, 51 वन्य जीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 में जमानत का लाभ न देते हुए अभियुक्तगण की ओर से प्रस्तुत द्वितीय जमानत आवेदन पत्र निरस्त कर दिया गया। शासन की ओर से बसंत कुमार जैन अपर लोक अभियोजक ब्यौहारी ने पैरवी की।

पूजा में पाई गई थी पेंगोलिन स्केल्स :

सहायक मीडिया प्रभारी एडीपीओ मुकेश कुमार कोल ने बताया कि 02 जुलाई को वनपरिक्षेत्र मानपुर (बफरजोन) बांधवगढ टाईगर रिजर्व के परिक्षेत्राधिकारी पवन कुमार ताम्रकार को मुखबिर से सूचना के आधार पर उनके द्वारा वन अमले के साथ योजनाबद्ध तरीके से ग्राम तिखवा अंतर्गत डबरौहा टोला में मध्यरात्रि के पश्चात् संदिग्ध अभियुक्त छोटेलाल के घर में दबिश दी गई, जहां संदिग्ध अभियुक्त छोटेलाल के घर पूजा अर्चना हो रही थी, जहां से पूजा के सामग्री में 16 नग पेंगोलिन(साल) के स्केल्स(पपड़ी) पाये गए। पूजा प्रक्रिया में अभियुक्त लालमन भी सम्मिलित था। अभियुक्तगण से वन्यप्राणी पेंगोलिन प्राप्ति के संबंध में पूछताछ की गई, किन्तु उक्त दोनों अभियुक्तगण द्वारा वन्यप्राणी पेंगोलिन के स्केल्स से संबंधित कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए।

घड़े के अंदर थी 30 नग स्केल्स :

अभियुक्तगण से पूछताछ के आधार पर 04 जुलाई को सर्च प्रभारी एवं सर्च टीम के द्वारा ग्राम तिखवा में संदिग्ध अभियुक्त चन्द्रपाल सिंह गोंड के घर दबिश देकर घर के अंदर-बाहर बाड़ी आदि में डॉंग स्क्वायड की मदद से तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान घर के आंगन में रखी ईंट की छल्ली के बीच में रखी मिट्टी की घड़े कें अंदर देखने पर वन्यप्राणी पेंगोलिन की स्केल्स (पपड़ी) पाई गई तथा घड़े से बाहर निकाल कर गिनती करने पर 30 नग पेंगोलिन स्केल्स पाई गई तथा वन्य जीव पेंगोलिन के शिकार के लिए उपयोग में ली गई 01 नग गैंती एवं कुल्हाड़ी जप्त की गई।

दुर्लभ प्रजाति बनी तर्क :

विवेचना के दौरान अभियुक्तगण से जप्ती व उनके बयान के आधार पर अभियुक्तगण को वन्यप्राणी पेंगोलिन (साल) के स्केल्स अवैध रूप से अपने पास रखने एवं वन अपराध कारित करते पाये जाने पर गिरफ्तार कर न्यायिक दण्डाधिकारी ब्यौहारी के समक्ष प्रस्तुत किया गया। जिन्हें न्यायालय द्वारा जेल भेज दिया गया। इसके बाद अभियुक्तगण द्वारा न्यायालय के समक्ष जमानत आवेदन प्रस्तुत किया, जहां से न्यायालय द्वारा जमानत आवेदन निरस्त कर दिया गया। न्यायालय द्वारा सुनवाई के दौरान अभियोजन द्वारा प्रस्तुत तर्कों से सहमत होकर एवं वन्यजीव के अत्यंत दुर्लभ प्रजाति, संकटाग्रस्त, विलुप्तता, अवैध शिकार व अंतर्राष्ट्रीय तस्करी एवं वन्यप्राणियों की सुरक्षा की स्थिति को देखते हुए अभियुक्तगण का द्वितीय जमानत आवेदन पत्र खारिज कर दिया गया।

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