गैरतगंज तहसील क्षेत्र में 7 दिनों बाद भी मुख्य आरोपी पकड़ से बाहर
4 आरोपियों को पकड़ा तो 3 अभी भी फरार है।राज एक्सप्रेस, संवाददाता

गैरतगंज तहसील क्षेत्र में 7 दिनों बाद भी मुख्य आरोपी पकड़ से बाहर

ग्राम बनखेड़ी में नकली सोना बेचने की आड़ में 3 लाख की हुई थी लूट, पबजी गेम से हुई थी दोस्ती, लूट की इस वारदात में जैसे जैसे जांच आगे बढ़ रही है नए- नए खुलासे सामने आ रहे हैं।

मध्य प्रदेश, रायसेन/गढ़ी :-- जिले की गैरतगंज तहसील के ग्राम बनखेड़ी क्षेत्र में सात दिनों पहले सोना बेचने के नाम पर तीन लाख रूपये की लूट के मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया।

हालांकि इस मामले के मुख्य आरोपी अभी भी देवनगर पुलिस की पकड़ से बाहर है। पूरे मामले की जानकारी लेने पर देवनगर पुलिस गोलमाल जबाव देकर मामलें को टालने का प्रयास कर रही है। देवनगर पुलिस का इस पूरे मामले में गैरजिम्मेदाराना रवैया सामने आया है।

गौरतलब है कि बीती 5 जुलाई को बीना के रहने वाले जयसूर्या जैन, गौरव जैन एवं चंद्रेश जैन सहित बीना एवं बेगमगंज के तीन लोगो के साथ सस्ते दामों में सोना बेचने के नाम पर विदिशा जिले के ग्राम करारिया निवासी गिरोह के सदस्यों ने लूट की वारदात को अंजाम दिया था। जब यह मामला देवनगर पुलिस के पास पहुंचा तो पुलिस द्वारा की जा रही जांच शुरूआती दौर से ही संदेह के घेरे में रही।

एक सप्ताह से अधिक समय निकल जाने के बाद भी पुलिस इस गैंग के मुख्य आरोपी अतीक खां मेवाती, आशिक मेवाती एवं सददाम खां मेवाती को पकड़ने में नाकाम साबित हुई है। हालांकि देवनगर पुलिस के बताए अनुसार उन्होने मामले में संलिप्त 4 आरोपी भैयालाल रेकवार आदिल खांए मकसूद एवं हाशिम को गिरफ्तार कर लिया है। इन लोगो के पास से पुलिस ने लगभग 85 हजार रू भी बरामद किए है।

पुलिस कार्रवाई संदेह के घेरे में, जानकारी देने से कतरा रहे थाना प्रभारी :

इस पूरे मामले में प्रारम्भिक दौर से देवनगर पुलिस की जांच संदेह के घेरे में रही है। पहले दिन इस मामले में पुलिस इस वारदात को लूट बता रही थी तथा 7 मुख्य आरोपियों के होने की बात कर रही थी वहीं वारदात के एक दिन बाद पुलिस इसे 420 को मामला बताने लगी। तथा मुख्य आरोपियों के इस मामले में संलिप्तता पर भी प्रश्नचिन्ह लगने लगे है। बाद में वारदात के 7 दिनों बाद जब इस मामले की जांच कर रहे थाना प्रभारी घनश्याम शर्मा से बात की तो उन्होंने पूरे मामले की जानकारी पीआरओ एवं कन्ट्रोल रूम से लेने की बात कहकर फिर पल्ला झाड़ने की कोशिश की। बमुश्किल चार आरोपियों को पकड़ने की बात स्वीकार की।

पुलिस का इस मामले में बार बार बचने का प्रयास करना पुलिस की कार्यप्रणाली को संदेह के घेरे में डाल रहा है। हालांकि पूरे मामले की जांच में पुलिस एसडीओपी सुनील बरकड़े की भूमिका सराहनीय रही है। उन्होने मीडिया को जानकारी देकर आरोपियों एवं पुलिस द्वारा की जा रही कार्रवाई के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

पबजी गेम से हुई थी दोस्ती :

लूट की इस वारदात में जैसे जैसे जांच आगे बढ़ रही है नए नए खुलासे सामने आ रहे है। पुलिस एसडीओपी सुनील बरकड़े ने बताया कि इस मामले की शुरूआत पबजी आनलाइन गेम से हुई। उन्होने बताया कि पुलिस टीम द्वारा फरियादियों के दोस्त बीना निवासी पुनीत एवं सौरभ जैन से पूछताछ की तो सौरभ जैन ने बताया कि मुख्य आरोपी अतीक का लड़का आदिल खां से पबजी गेम साथ खेलते समय दोस्ती हुई थी। और वहीं से उसके द्वारा उन्हें इस मामले में फंसाने की शुरुआत की गई थी।

वहीं, फरियादी जयसूर्या जैन ने बताया कि हमारी बात फोन पर गणेश अहिरवार से हुई थी उसने कहा था कि उसे जमीन में से 17 से 18 सोने की सिल्ली मिली है। जिसको हम बेचना चाहते हैं। बाद में 7 लाख रुपए प्रति सिल्ली में बात हुई। तथा जगह निर्धारित कर पहुंचे तो आरोपियों ने उक्त घटनाक्रम को अंजाम दे दिया। इस मामले में एसडीओपी सुनील बरकड़े ने बात रखी है।

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