फॉलो-अप : गवाही से रोकना चाहते थे आरोपी, कई दिनों से दे रहे थे प्रीति को धमकियां
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फॉलो-अप : गवाही से रोकना चाहते थे आरोपी, कई दिनों से दे रहे थे प्रीति को धमकियां

बीती रात हुए गोलीकांड में मंदिर के पुजारी ने आड़े आकर प्रीति की जान बचा ली और बड़ा हादसा होने से टल गया। भोपाल में अपराधियों के होंसले बुलंदी पर हैं, जिसका ताज़ा उदाहरण प्रीति पर हुआ हमला है।

भोपाल, मध्यप्रदेश। ईदगाह हिल्स स्थित मल्टी बाजपेयी नगर में प्रीति को गोली मारने वाला फुफु पूर्व से ही अजय चोटी हत्याकांड में गवाही न देने के लिए धमका रहा था। बात नहीं मानने पर उसने गोलीकांड की वारदात को अंजाम दिया। आरोप है कि प्रीति को गोली मारने के लिए फुफु की मां प्रेमबाई और उसकी बहन ने उसे उकसाया था। फुफु के साथ हाथ में चाकू लिए उसका साथी अजय सिंह उर्फ खुजाल भी मौके पर मौजूद था। गोली की आवाज सुनते ही मंदिर के पुजारी अमित बाबा ने महिला की जान बचाई। वह तत्काल दौड़कर आए और प्रीति के आड़े आते हुए आरोपियों के सामने खड़े हो गए। जिसके बाद में बदमाश कट्टा चाकू लहराते हुए फरार हो गए। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की तलाश की जा रही है।

टीआई जहीर खान ने बताया कि पूर्व में फुफु को भी मल्टी में ही पांव में गोली लगी थी। तब उसने प्रीति और उसके परिजनों पर गोली मारने के आरोप लगाए थे। दोनों पक्षों के बीच हजय हत्याकांड के बाद से ही रंजिश चली आ रही है। गवाही से रोकने के लिए वारदात को अंजाम देने की बात सामने आ रही है। हालांकि पूर्व में प्रीति की ओर से आरोपियों के खिलाफ गवाही न देने का दबाव बनाने की कोई शिकायत नहीं की गई हैं। मामले की सभी एंगल पर जांच की जा रही है। वहीं प्रीति के भाई अमित कनाडे ने बताया कि प्रीति की हालत फिलहाल खतरे से बाहर है। आईसीयू में उसे ऑबजर्वेशन में रखा गया है। ऑपरेशन कर उसकी गोली को निकाल दिया गया है। प्रीति के पति बृजेश चौधरी डीबी मॉल में स्थित टाईटन के शोरूम में बतौर सैल्समेन हैं। दोनों का पांच साल का एक मासूम बच्चा भी है। दोनों ने 12 साल पहले प्रेम विवाह किया था। वहीं प्रारंभिक जांच में पुलिस को मामला संदिग्ध नजर आ रहा है। जांच के बाद आरोपियों को गिर तार किया जाएगा। फुफु अजय की हत्या के मामले में जेल से छूटने के बाद से ही गोविंदपुरा थाना इलाके में स्थित एक झुग्गी बस्ती में रहने लगा है।

अजय हत्याकांड से सुरक्षा व्यवस्था पर खड़े हुए थे सवाल :

14 अगस्त 2020 को स्वतंत्रता दिवस समारोह से ठीक पहले वाली रात चाक-चौबंद पुलिस व्यवस्था के बीच शाहजहानाबाद थाना क्षेत्र में गैंगवार हो गई थी। गैंग लीडर अजय भूरा ने अपने 11 साथियों के साथ मिलकर अजय चोटी को घेरकर उस पर धारदार हथियारों से हमला किया और बाद में गोली मार दी। इस हमले में अजय चोटी की मौत हो गई जबकि उसके साथ मौजूद उसके दोनों भाई घायल हो गए। बाजपेई मल्टी में 23 साल का अजय कनाडे उर्फ चोटी रहता था। घटना की रात वह दो भाइयों के साथ घर की तरफ जा रहा था। इसी दौरान आरोपी गैंग लीडर अजय भूरा अपने 11 साथियों के साथ वहां पहुंचा और तीनों को पकड़ लिया। उन्होंने तीनों भाइयों पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया। इसमें अजय उर्फ चोटी की मौत हो गई, जबकि दो भाइयों की जान बच गई। वे ज मी हुए थे।

इन लोगों ने की थी अजय की हत्या :

अजय चोटी हत्या कांड के फरियादी भाई अमित कनाडे की शिकायत पर अजय उर्फ भूरा, अनिल, संदीप, रूपेश, रवि, अरुण सिंह उर्फ खुजाल, दीपक राखीनलवाला चिन्ना उर्फ कालू भूरा का भांजा सागर व यश नामजद आरोपी बनाए गए थे। आरोपियों को गिर तार कर जेल भेजा गया था। कुछ समय जेल में रहने के बाद में आरोपियों को जमानत पर रिहा कर दिया गया था।

यूं शुरु हुई थी रंजिश :

अजय उर्फ चोटी टीटीनगर थाने में दर्ज एक मामले में आरोपी था। वह जेल भी गया था। उसी दौरान उसका आरोपी अजय भूरा से विवाद हो गया था। वहां उनके बीच जमकर झगड़ा हुआ था। तभी से दोनों पक्षो में रंजिश चली आ रही थीं। अजय की हत्या के बाद शाहजहांनाबाद पुलिस की जमकर किरकिरी हुई थी। आरोप था कि तत्कालीन बीच प्रभारी लव कुश पांडे के सामने हत्याकांड को अंजाम दिया गया था। दोनों पक्ष मल्टी में सट्टा भी संचालित करते थे।

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