इंदौर : डकैती के सप्ताह भर बाद भी पुलिस खाली हाथ
डकैती के सप्ताह भर बाद भी पुलिस खाली हाथRaj Express

इंदौर : डकैती के सप्ताह भर बाद भी पुलिस खाली हाथ

इंदौर, मध्य प्रदेश : एक सप्ताह पहले हाईलिंक सिटी में हुई निखिल चौपड़ा एवं राजेंद्र जैन के घर हुई डकैती के मामले में पुलिस अभी तक खाली हाथ है।

हाइलाइट्स :

  • दो आरोपियों की पहचान का किया दावा

  • गांव से लेकर शहर तक इनवेस्टीगेशन लेकिन कोई नतीजा नहीं

इंदौर, मध्य प्रदेश। एक सप्ताह पहले हाईलिंक सिटी में हुई निखिल चौपड़ा एवं राजेंद्र जैन के घर हुई डकैती के मामले में पुलिस अभी तक खाली हाथ है। डकैतों के फुटेज भी एक्सपर्ट्स टीम को सौंपे गए दो आरोपियों की पहचान का दावा भी किया गया लेकिन पुलिस उनका सुराग नहीं लगा पाई। डकैती के खुलासे के लिए पुलिस ने पूरी ताकत झोंक दी है इसके बाद भी कोई नतीजा नहीं निकला है। क्राइम ब्रांच की टीम भी डकैती के बाद से ही आदिवासी अंचल में भटक रही है लेकिन आरोपियों का पता नहीं चला है।

क्राइम ब्रांच सक्रिय है ग्रामीण इलाकों में :

डकैती में टांडा धार के गैंग का हाथ होने का अंदेशा होने के बाद एवं वारदात कुछ अरसे पहले एक अस्पताल परिसर में रहने वाले दंपति के साथ मारपीट कर डकैती जैसी ही की गई थी। इसके बाद उस डकैती से जुड़े अपराधियों की पड़ताल भी की गई। डकैती का सुराग लगाने के लिए बनाई गई स्पेशल टीम के साथ ही क्राइम ब्रांच की टीम भी इनवेस्टीगेशन में जुटी है। पता चला है कि क्राइम ब्रांच की टीम के कई सदस्य भेष बदल कर ग्रामीण इलाकों में भटक रहे हैं लेकिन उनको भी कोई सफलता नहीं मिली है।

कालोनी में रहने वाले लोग अभी भी दहशत है। उन्होंने अपनी चिंता जताते हुए कंट्रोल रुम पर प्रदर्शन कर बड़े पुलिस अफसरों से भी गुहार की थी। डकैती के बाद पुलिस ने दावा किया था कि डकैतों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा लेकिन उन दावों में भी अब दम नजर नहीं आ रहा है।

कहां और कैसे फरार हो गई गैंग :

हाईलिंक सिटी में जिस तरह वारदात हुई है उससे ये भी शक हुआ कि कहीं रैकी कर वारदात को अंजाम तो नहीं दिया गया । इसके बाद पुलिस ने कालोनी में आने वाले दो दर्जन से ज्यादा नौकर -नौकरानियों से पूछताछ की गई। इसके साथ ही आसपास काम करने वाले मजदूरों का रिकार्ड भी खंगाला गया, ये भी पता लगाया गया कि कहीं इन मजदूरों में से कोई टांडा-धार का रहने वाला तो नहीं है। इसके साथ ही ये भी पता लगाया गया कि इनमें से किसी के तार तो डकैत गंैग से नहीं जुडे हैं। वारदात के बाद ये गैंग कैसे और कहां फरार हुई इस बिन्दु पर भी पुलिस ने लंबी छानबीन की लेकिन कहीं से कोई क्लू नहीं मिला। स्पाट से आसपास के रास्तों पर लगे सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले गए। शहर के बाहर जाने वाले रास्तों पर भी छानबीन की गई। कई फुटेज भी हासिल कर लिए लेकिन ये भी पता नहीं चला कि वे कैसे फरार हुए थे।

जल्द ही होगा खुलासा :

सूत्र बताते हैं कि पुराने अपराधियों से पूछताछ कर भी डकैतों के बारे मे काफी जानकारियां ली गई। दो डकैतों की तो पहचान भी हो गई। पुलिस ने उनके गांव में जाल भी बिछा दिया लेकिन वे अपने घरों तक नहीं पहुंचे। इससे ये भी शक हो रहा है कि वे प्रदेश के बाहर कहीं फरारी काट रहे हैं। इस बिन्दु पर पुलिस ने इनके संभावित स्थानों पर भी इनकी तलाश शुरु कर दी है। दूसरे राज्यों की पुलिस टीम की भी मदद ली जा रही। इनफारमर्स की टीम को भी सक्रिय कर दिया गया लेकिन अब ये यक्ष प्रश्न बन गया है कि डकैती के बाद आरोपी कहां फरार हो गए। आईजी हरिनारायणचारी मिश्र ने बताया कि डकैती की वारदात का खुलासा करने एवं आरोपियों को पकडऩे के लिए पुलिस की कई टीमें सक्रिय हैं। कुछ अहम सुराग भी मिले हैं। जल्द ही इस वारदात का खुलासा कर दिया जाएगा।

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