लखनऊ में अरबों की ठगी करने वाली विदेशी कंपनी का पर्दाफाश, दो गिरफ्तार
लखनऊ में अरबो की ठगी करने वाली विदेशी कंपनी का पर्दाफाश, दो गिरफ्तारसांकेतिक चित्र

लखनऊ में अरबों की ठगी करने वाली विदेशी कंपनी का पर्दाफाश, दो गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश पुलिस की एसटीएफ ने पौंजी स्कीम के नाम पर लोगों से अरबो रुपये की ठगी करने वाली विदेशी कंपनी का पर्दाफाश कर उसके दो क्षेत्रीय निदेशकों को लखनऊ के गाजीपुर क्षेत्र से गिरफ्तार किया है।

लखनऊ, उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने पौंजी स्कीम के नाम पर लोगों से अरबो रुपये की ठगी करने वाली विदेशी कंपनी का पर्दाफाश कर उसके दो क्षेत्रीय निदेशकों को लखनऊ के गाजीपुर क्षेत्र से गिरफ्तार कर आज जेल भेज दिया।

एसटीएफ प्रवक्ता ने यहां यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पौंजी स्कीम चलाकर लाखों लोगों से अरबों रूपये की धोखाधड़ी करने वाली यू के बेस्ड विदेशी कम्पनी की धोखाधड़ी का पर्दाफाश कर उसके दो रीजनल डायरेक्टरों को अनिरूद्ध नारायण निवासी जौनपुर के अलावा दीपक राय निवासी मऊ को कल रात गिरफ्तार कर लिया। दोनों गोमतीनगर इलाके में किराये पर रहते हैं। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 13 अदद कूटरचित दस्तावेज (सोलमैक्स कम्पनी से सम्बन्धित) तीन मोबाइल फोन, 3470 रुपये की नगदी के अलावा विभिन्न बैंको के 10 एटीएम कार्ड बरामद किए।

उन्होंने बताया कि एसटीएफ को काफी समय से सूचनायें प्राप्त हो रही थी कि एक मल्टीलेवल मार्केटिंग कम्पनी वेबसाइट के माध्यम से भारत में संचालित है, जो एक अन्तर्राष्ट्रीय कम्पनी है और यहां रजिस्टर्ड नहीं है। इस कम्पनी के द्वारा डायरेक्ट सेलिंग की आड़ में पौंजी स्कीम संचालित की जा रही है । इससे सम्बन्धित सूचनायें प्राप्त हो रहीं थीं।

इस सूचना पर एसटीएफ के पुलिस उपाधीक्षक अमित कुमार नागर के नेतृत्व मे उनकी टीम ने सूचना संकलन की कार्यवाही प्रारम्भ की और अभिसूचना तन्त्र को सक्रिय किया। इस सम्बन्ध मे प्राप्त सूचना को विकसित करते हुए पता चला कि अब्दुल रहमान सन्धु जो कि मूल रूप से पाकिस्तान का रहने वाला है व फ्लोरियन करूगर द्वारा उक्त कम्पनी संचालित की जा रही है। जिसे इन लोगों के द्वारा रजिस्टर्ड कराया है तथा वहां पर रहकर अन्य देशों मे कम्पनी के द्वारा पौंजी स्कीम चलाकर विश्व स्तर पर धोखाधड़ी करायी जा रही है। जबकि ये लोग न्ण्ज्ञ मेँ वहाँ के स्थानीय कानून का उल्लंघन करने से परहेज करते है ताकि स्थानीय एजेन्सीज द्वारा कोई विधिक कार्रवाई न हो।

प्रवक्ता ने बताया कि विश्व के कई देशों के साथ-साथ भारत में पिछले अप्रैल से राकेश सैनी जो कि होशियारपुर पंजाब का रहने वाला है, दुबई मे रहकर जूम एप के माध्यम से इस कम्पनी में मनी सरकुलेशन स्कीम को चलाना प्रारम्भ किया तथा अल्पावधि मे ही लगभग 50 हजार लोगों को अपनी कम्पनी मे रजिट्रेशन कराकर पौंजी स्कीम के नाम पर लगभग 12 करोड़ से अधिक की धनराशि प्राप्त कर विदेशी खातों मे जमा करा दी। वही पूरे विश्व मे इस कम्पनी के द्वारा लगभग 10 लाख से अधिक लोगों से तीन अरब रूपये से अधिक धनराशि की ठगी की गयी है।

उन्होंने बताया कि इनके द्वारा यह पैसा विदेश में यह कहकर भेजा जाता है कि हमारे द्वारा एजुकेशनल पैकेज ऑनलाइन सेल किये गये है ताकि इतनी बड़ी धनराशि आसानी से विदेशी खातों मे ट्रांसफर की जा सके जबकि न तो यह कम्पनी भारत में कही रजिस्टर्ड है और न ही इसका भारत मे कोई कार्यालय है और न ही लोगों से प्राप्त धनराशि की किसी भी प्रकार की कोई रसीद निर्गत करती है। कम्पनी लुभावने वादों के तौर पर 25 पौण्ड से लेकर 05 हजार पौण्ड तक की 08 कैटेगरी में से किसी 01 कैटेगरी मे पैसा जमा कराते हैं तथा बदले में कम्पनी के शेयर इस झूठे वादे के साथ देते हैं कि आने वाले दिनों मे इन शेयरों की कीमत आसमान छू जायेगी और आपको बैठे बिठाये बिना कुछ किये बहुत बड़ा मुनाफा होगा। जबकि यह कम्पनी अभी तक किसी शेयर मार्केट मे लिस्टेड ही नहीं है और न ही यह दिये गये शेयरों के सम्बन्ध कोई डाक्यूमेन्ट या प्रमाण पत्र निर्गत करते है।

प्रवक्ता ने बताया कि इसी प्रकार एजुकेशन पैकेज देने का झांसा भी कम्पनी के द्वारा दिया जाता है। जिसमे क्या एजूकेशन है , क्या वास्तव मे एजूकेशन पैकेज की कम्पनी से जुड़ने वाले मेम्बर को आवश्यकता है या नहीं, बिना इस बात को देखे हुये एकतरफा थोपकर बदले मे कुछ दिये जाने की खानापूर्ति कर देते हैं जबकि कम्पनी की मूल कमाई नये मेम्बर से जुड़ने से प्राप्त एकमुश्त धनराशि ही है। जिसमें से वह कमीशन के तौर पर नये मेम्बरों को जोड़ने वाले पुराने मेम्बरों को देती हैं और बड़ी संख्या मे झांसा देकर नये लोगो को जोड़ने का लालच देती है। जबकि इस प्रकार की स्कीम चलाना डिपार्टमेन्ट ऑफ कन्जयूमर अफेयर्स भारत सरकार के द्वारा डायरेक्ट सेलिंग एवं नेटवर्क मार्केटिंग के लिए जारी की गयी वर्ष-2016 की गाइडलाइन्स व प्राइज चिट एण्ड मनी सरकुलेशन स्कीम (बैनिंग) एक्ट 1978 का खुला उल्लंघन है।

उन्होंने बताया कि कम्पनी के कार्यो की धरातलीय सूचनाओं को विकसित करते हुये पाया कि भारत मे इस कम्पनी का ऑपरेशन अनिरूद्ध नारायण व दीपक राय के द्वारा बतौर रीजनल डायरेक्टर किया जा रहा है। जिनके सम्बन्ध मे गोपनीय रूप से जानकारी की गयी तो ज्ञात हुआ कि इनका राकेश सैनी से दुबई मे जाकर मिलना तथा उनके दिशा-निर्देशों के अनुरूप भारत मे ज्यादा से ज्यादा लोगो का इस कम्पनी मे झूठे प्रलोभनों के आधार पर पैसा निवेश कराया जा रहा है। इनके बारे मे पीड़ित व्यक्तियों से सम्पर्क कर और अधिक जानकारी की गयी तो ज्ञात हुआ कि इस सम्बन्ध मे थाना गाजीपुर, लखनऊ में एक पीड़ित ने मामला द्वारा दर्ज कराया गया है। जिस पर एसटीएफ की टीम ने दोनो आरोपियों को थाने पर तलब करते हुये विवेचक की मौजूदगी मे विस्तृत रूप से पूछतांछ कर जांच की गयी।

गिरफ्तार अनिरूद्ध नारायण ने यह भी बताया कि मेरे अलावा भारत मे तीन और लोग गुरप्रीत सिंह (पंजाब), अमरजीत पुरवा (गुजरात), संजय सोनरके (गुजरात) मेरे ही समकक्ष पद के है, जो यह कार्य कर रहे है तथा यह भी बताया कि मेरे विरूद्ध थाना भभुआ, बिहार मे एनआई एक्ट के 02 मुकदमे पूर्व से पंजीकृत है। हमको प्रलोभन के तौर पर जोड़े गये मेम्बरों से प्राप्त धनराशि पर कमीशन एवं मंहगे गिफ्ट जैसे- एप्पल वाच, मरसीडीज बेन्ज कार, रोल्सराय कार, एप्पल मैकबुक एयर आदि देने का वादा किया जाता है। इसके द्वारा लगभग 20 हजार लोग कम्पनी से जोडे गये है। जिनसे मैंने अभी तक लगभग 05 करोड़ की धनराशि कम्पनी के विदेशी खातों में भिजवा दी है। यह आरोपी इसके अलावा जमीनो की खरीद-फरोख्त का भी काम करता है।

डिस्क्लेमर : यह आर्टिकल न्यूज एजेंसी फीड के आधार पर प्रकाशित किया गया है। इसमें राज एक्सप्रेस द्वारा कोई संशोधन नहीं किया गया है।

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