भोपाल : रेलवे में नौकरी लगाने के नाम पर पांच लाख की धोखाधड़ी

भोपाल, मध्य प्रदेश : खुद को रेलवे का पूर्व कर्मचारी बताने वाले दो ठगों ने रिटायरमेंट के बाद धोखाधड़ी करना शुरू कर दिया। उन्होंने कई लोगों के साथ अलग-अलग तरह से ठगी की।
भोपाल : रेलवे में नौकरी लगाने के नाम पर पांच लाख की धोखाधड़ी
रेलवे में नौकरी लगाने के नाम पर पांच लाख की धोखाधड़ीSocial Media

भोपाल, मध्य प्रदेश। खुद को रेलवे का पूर्व कर्मचारी बताने वाले दो ठगों ने रिटायरमेंट के बाद धोखाधड़ी करना शुरू कर दिया। उन्होंने कई लोगों के साथ अलग-अलग तरह से ठगी की। हरदा जिले के एक काश्तकार के बेटे की रेलवे में नौकरी लगवाने के नाम पर उन्होंने पांच लाख रुपए ऐंठ लिए। मामले की शिकायत मिलने पर पुलिस ने धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कर लिया है आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

गौतमनगर पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार काश्तकार रतनलाल मीना हरदा जिले के एक गांव में रहते हैं। इसी गांव में पीसी विश्वकर्मा नाम के व्यक्ति की ससुराल है। वह रेलवे के डाकसेवा विभाग में नौकरी करता था तथा गुना जिले से रिटायर हुआ था। ससुराल आने-जाने के दौरान ही उसकी पहचान रतनलाल मीना से हो गई थी। रतनलाल का बेटा नौकरी की तलाश कर रहा था। पिछले साल मार्च के महीने में पीसी विश्वकर्मा ने रतनलाल से कहा कि रेलवे में लिपिक के पद की नौकरी निकली हैं। कई अधिकारियों से मेरी पहचान है मैं तुम्हारे बेटे की नौकरी लगवा सकता हूं। रतनलाल उसके झांसे में आ गए। पीसी ने कहा कि नौकरी लगवाने के लिए पांच लाख रुपए खर्च करने होंगे। मार्च 2019 में पीसी ने रतनलाल को गौतम नगर थानाक्षेत्र के चौकसे नगर में बुलाया। यहां पर पीसी ने रतनलाल को कर्नल एसएन मिश्रा नाम के व्यक्ति से मिलवाया। मिश्रा ने बताया कि वह रेलवे के इलेक्ट्रिक विभाग से सेवानिवृत्त हुआ है। उसकी पहचान रेलवे के कई बड़े अधिकारियों से वह भोपाल स्थित डीआरएम में लिपिक के पद पर नौकरी दिलवा सकता है। रतनलाल दोनों के झांसे में आ गए तथा उन्होंने नगद तीन लाख रुपए दे दिए। बाकी के दो लाख रुपए उन्होंने अगले महीने चैक के जरिए दे दिए। कई महीने बीतने के बाद भी जब नौकरी का नियुक्ति पत्र नहीं मिला तो रतनलाल चौकसे नगर में पीसी विश्वकर्मा के घर पहुंचे। यहां पर उन्हें पता चला कि वह तो किराए के मकान में रहता था तथा कुछ दिन पहले ही मकान खाली कर चला गया है।

फोन पर संपर्क करने पर पीसी और कर्नल एसएन मिश्रा पैसे लौटाने को लेकर टालमटोली करते रहे। तमाम तरह की कोशिश के बाद भी जब पैसे वापस नहीं मिले तो रतनलाल ने मामले की शिकायत पुलिस को कर दी। पुलिस ने पीसी विश्वकर्मा व कर्नल एसएन मिश्रा के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ के बाद पुलिस का कहना है कि आरोपी खुद को रेलवे का रिटायर्ड कर्मचारी बता रहे हैं। इस तथ्य की तस्दीक की जा रही है।

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