Gwalior : दुष्कर्म का आरोपी होटल संचालक मुंबई में डाले है डेरा

ग्वालियर, मध्यप्रदेश : आरोपी के साले अमरनाथ के मुंबई में है दो क्रेशर प्लॉट। समझौता कराने के लिए पीड़ित महिला पर दिया जा रहा दबाव।
आरोपी होटल संचालक रामनिवास शर्मा
आरोपी होटल संचालक रामनिवास शर्माSyed Dabeer Hussain - RE

ग्वालियर, मध्यप्रदेश। अगर आपकी कोई पहुंच है तो आप किसी भी मामले में लम्बे समय तक पुलिस से बच सकते है और इसका फायदा आरोपी मामले को नरम करने में उठा सकता है। ऐसा ही एक मामला होटल संचालक व क्रेशर मालिक के साथ देखने को मिल रहा है, क्योंकि महिला के साथ दुष्कर्म किए जाने का मामला दर्ज होने के बाद से पुलिस उसे खोजने में एक माह बाद भी सफल नहीं हो सकी। इसके पीछे कारण यह है कि पुलिस के ऊपर भी राजनीतिक प्रेशर है जिससे उसके कदम थमे हुए है। मामले में समझौता होने का इंतजार दुष्कर्म का आरोपी रामनिवास शर्मा मुंबई में अपने साले अमरनाथ के यहा रुककर काट रहा है।

दुष्कर्म के आरोपी होटल व क्रेशर संचालक की गिरफ्तारी नहीं किए जाने को लेकर पुलिस भले ही यह कह रही है कि वह आरोपी की तलाश कर रही है, लेकिन यह सिर्फ वह अपने बचाव के लिए बोल रही है। हकीकत यह है कि पुलिस के ऊपर राजनैतिक प्रेशर इतना अधिक है कि वह चाहकर भी दुष्कर्म के आरोपी होटल संचालक को खोजने में रुचि नहीं ले रही है। जबकि इस तरह के कई मामलो में पुलिस आरोपी के न मिलने पर उनके परिजनो को उठाने का काम तो करती ही है साथ ही आरोपी की मकानो को भी ध्वस्थ करने का काम कर रही है, लेकिन इस मामले में आखिर पुलिस कार्यवाही करने से पीछे क्यों हट रही है? इसको लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर ही सवाल उठ रहे है।

सूत्रों का कहना है कि होटल व क्रेशर संचालक रामनिवास शर्मा पर दुष्कर्म का मामला दर्ज होने के बाद वह ग्वालियर छोड़कर सीधा मुंबई में अपने साले अमरनाथ के यहां पहुंच गया है और वहीं आराम से रह रहा है। बताया गया है कि मुबंई में दुष्कर्म के आरोपी के साले अमरनाथ के दो क्रेशर प्लॉट लगे हुए है साथ ही फ्लैट भी है। सूत्रों का यह भी कहना है कि क्रेशर प्लॉट में दुष्कर्म के आरोपी की भी हिस्सेदारी है। किसी भी गंभीर मामले में जब पुलिस कार्यवाही करती है तो आरोपी के नाते रिश्तेदारों के यहा भी दबिश देकर आरोपी को खोजने का काम करती है, लेकिन इस मामले में पुलिस कोई भी कार्यवाही करने से क्यों बच रही है इसको लेकर शहर में कई तरह के सवाल उठ रहे है। यहां तक कि कांग्रेस भी पुलिस प्रशासन पर दुष्कर्म के आरोपी को बचाने का आरोप लगाकर यहां तक कह चुकी है कि भाजपा नेताओ के संरक्षण में आरोपी को बचाने का काम किया जा रहा है, जबकि इसी तरह के अन्य मामलो में आरोपियो के घरो को तोड़ने की कार्यवाही की जाती रही है तो फिर इस मामले में पुलिस क्यों ठिठकी हुई है, क्या राजनैतिक दवाब है?

पुलिस अधिकारियों से जब भी इस संबंध में सवाल किया जाता है तो उनका कहना होता है कि पुलिस अपनी कार्यवाही में लगी हुई है। अभी तक पुलिस के पास चुनावी व्यस्तता का बहाना था, लेकिन अब यह बहाना भी थम गया है तो फिर आरोपी को किसके दवाब में खोजने से बचा जा रहा है। सूत्रोौं का कहना है कि दुष्कर्म का जिस महिला ने मामला दर्ज कराया था उसको राजीनामे के लिए मनाने का काम किया जा रहा है और फिलहाल उसके पास दो किश्तों में कुछ राशि भी पहुंचा दी गई है, लेकिन मामला तय राशि पहुंचने तक अटका हुआ है। यही कारण है कि राजीनामा होने तक पुलिस कार्यवाही शांत है। सूत्रों का कहना है कि पुलिस के ऊपर इतना अधिक प्रेशर है कि वह चाहकर भी अपने कदम आगे नहीं बढ़ा पा रही है और वह समझोता होने तक का इंतजार करने के लिए मजबूर है।

यह है पूरा घटनाक्रम :

विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र में 22 जून 2022 को खुरैरी निवासी एक युवती ने होटल रमाया के संचालक रामनिवास शर्मा एवं उनके साथी अमित मिश्रा के खिलाफ गैंगरेप का मामला दर्ज करवाया था। पीड़िता के मुताबिक वह रामनिवास के पास नौकरी मांगने पहुंची, तो वह उसे बलवंत नगर में रहने वाले अमित मिश्रा के घर ले गया। जहां दोनों ने जबरन उसके साथ रेप किया था तथा किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी भी दी थी। युवती की शिकायत पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर अमित को तो उसी रात गिरफ्तार कर लिया था, जबकि रामनिवास को पकड़ने में हाथ पैर फूल रहे है।

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