इंदौर : पत्नी को वापस पाने के लिए दो बार बच्चों का अपहरण
पत्नी को वापस पाने के लिए दो बार बच्चों का अपहरणसांकेतिक चित्र

इंदौर : पत्नी को वापस पाने के लिए दो बार बच्चों का अपहरण

इंदौर, मध्यप्रदेश : ईंट भट्टे पर काम करने वाले एक मजदूर की पत्नी ने किसी कारणवश उसे छोड़ दिया। पत्नी को वापस बुलाने के लिए मजदुर ने पत्नी के रिश्तेदारों के बच्चों का अपहरण करना शुरू कर दिया।

इंदौर, मध्यप्रदेश। ईंट भट्टे पर काम करने वाले एक मजदूर की पत्नी ने किसी कारणवश उसे छोड़ दिया। इस बात से मजदूर भड़क गया। उसने पत्नी को वापस बुलवाने की कोशिश की लेकिन पत्नी वापस आने को तैयार नहींं थी। इसके बाद मजदूर ने करीब चार माह पहले पत्नी के एक रिश्तेदार के बच्चे का अपहरण किया पुलिस ने अपहरण के केस में उसे गिरफ्तार कर बच्चे को सकुशल छुड़वा लिया, उसे जेल भेज दिया। जेल से लौटने के बाद आरोपी ने एक फिर से पत्नी की दूसरी रिश्तेदार महिला के बच्चे का अपहरण कर फिरौती में अपनी पुरानी पत्नी की डिमांड कर डाली। पुलिस ने इस बार भी 24 घंटे में उसे खरगौन के जंगल से गिरफ्तार कर बच्चे को सकुशल छुड़वा लिया।

गांधीनगर थाने पर शनिवार को इलाके में ही रहने वाली एक पीड़िता ने पहुंचकर बताया कि उसके पांच साल के मासूम को कोई उठा ले गया है। बच्चे का मोबाइल भी गायब है। बड़े अफसरों को जानकारी देकर पुलिस ने तत्काल केस दर्ज कर मामले की जांच शुरु कर दी। इसी दौरान पीड़िता के पड़ोसी के मोबाइल पर फोन आया जिसमें कहा कि मेरी पत्नी को लेकर आ जाओ और बच्चे और मोबाइल ले जाओ। यदि मेरी पत्नी को नहीं लाए तो बच्चे को जिंदा नहीं छोड़ूंगा।

पुलिस ने मासूम की मां से अपहरण करने वाले के बारे में पूछताछ की तो पता चला कि अपहरण करने वाले को उसकी पत्नी छोड़ चुकी है। उसे पाने के लिए इसी आरोपी ने 3 दिसंबर 2020 को भी एक सात साल के बच्चे का अपहरण किया था। तब मामला पुलिस तक पहुंचा था और उसे गिरफ्तार बच्चे को सकुशल छुड़वा लिया गया था। आरोपी को अपहरण के केस में गिरफ्तार कर लिया गया था। उसे जेल भेज दिया था। कुछ अरसे पहले उसकी जमानत हुई और उसने फिर से ये हरकत कर डाली। पुलिस को आरोपी के बारे में काफी जानकारी मिल चुकी थी।

एसपी महेशचंद जैन ने अपहरण की गुत्थी को सुलझाने के लिए एएसपी डॉ प्रशांत चौबे, सीएसपी सौ या जैन तथा गांधीनगर टीआई संतोष सिंह यादव के नेतृत्व में टीम गठित कर विशेष प्लानिंग कर आरोपी को दबौचने के लिए दिशा निर्देश दिए गए। पुलिस ने हाईटेक तरीके से मासूम की तलाश शुरु कर दी। पुलिस की तकनीकी टीम तथा ऑपरेशन टीम ने एक साथ कार्य प्रारंभ किया जैसे ही आरोपी की जानकारी प्राप्त हुई उसे लोकेट करते हुए ऑपरेशन टीम रवाना हुई। आरोपी अपने आप को छिपाने के लिए लगातार विभिन्न प्रयास करता रहा। लेकिन पुलिस ने उसकी लोकेशन का पता लगाते हुए खरगौन के पास जंगल से गिरफ्तार बच्चे को सकुशल छुड़वा लिया। आरोपी को पकड़ने में टीआई गांधी नगर की टीम सब इंस्पेक्टर केपी पाराशर, एएसआई पुष्पराज, योगेश कुमार एवं महिला कांस्टेबल राखी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। डीआईजी मनीष कपूरिया ने पूरी पुलिस टीम को नगद ईनाम से पुरस्कृत करने की घोषणा की है।

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