Indore : शराब कारोबारियों की बैठक में मदिरा ठेकेदार को गोली मारी
शराब कारोबारियों की बैठक में मदिरा ठेकेदार को गोली मारीRaj Express

Indore : शराब कारोबारियों की बैठक में मदिरा ठेकेदार को गोली मारी

इंदौर, मध्यप्रदेश : सत्यसाईं चौराहा स्थित सिंडिकेट के दफ्तर में शराब ठेकेदारों की बैठक के दौरान किसी बात पर विवाद के चलते हेमू ठाकुर ने अर्जुन ठाकुर को गोली मार दी। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है।

इंदौर, मध्यप्रदेश। सोमवार की शाम को शराब ठेकेदार पर गोली चलाने के बाद घायल के समर्थकों ने तोड़फोड़ कर डाली। घायल की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। इस हमले में दो भाईयों के नाम मुख्य आरोपियों के रुप में सामने आए हैं। हमले का कारण शराब के कारोबार में वर्चस्व बताया जा रहा है। हमले के बाद आशंका जताई जा रही है कि ये शराब कारोबारियों के बीच होने वाले गैंगवार का श्रीगणेश है। हमले की प्रतिक्रिया में कुछ शराब दुकानों पर हमले के मामले भी सामने आए हैं। पुलिस ने आरोपियों की तलाश के लिए कई टीमें सक्रिय कर दी हैं, कुछ टीमें शहर के बाहर भी आरोपियों की तलाश कर रही है। एसपी आशुतोष बागरी के मुताबिक समाचार लिखे जाने तक किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया जा सका है। उनकी तलाश के लिए पुलिस टीमें सक्रिय हैं।

क्या है मामला :

सोमवार शाम सत्यसाईं चौराहा स्थित सिंडिकेट के दफ्तर में शराब ठेकेदारों की बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक के दौरान ठेकेदार अर्जुन पिता वीरेंद्रसिंह ठाकुर एवं हेमू ठाकुर और पिंटू ठाकुर के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। विवाद इतना बढा कि हेमू ठाकुर ने अर्जुन ठाकुर को गोली मार दी। गोली की आवाज से वहां सनसनी फैल गई। बैठक में उपस्थित लोग तितर-बितर हो गए। दफ्तर के आसपास लगने वाले आफिस भी बंद हो गए। दहशत ने वहां पर पैर पसार लिए। अर्जुन को तत्काल एक निजी हास्पीटल ले जाया गया। दूसरी ओर गोली कांड की सूचना मिलते ही अर्जुन ठाकुर के कई समर्थक सिंडीकेट दफ्तर के सामने एकत्र हो गए और पथराव करते हुए तोड़फोड़ शुरु कर दी। अस्पताल के बाहर भी अर्जुन के समर्थकों की काफी भीड़ एकत्र हो गई। पुलिस ने दोनों ही स्थानों पर पहुंचकर भीड़ को नियंत्रित किया एवं हल्का बल प्रयोग कर वहां से हटाया। बताते हैं कि अर्जुन की एबी रोड स्थित रघुनाथ पेट्रोल पंप के सामने शराब दुकान है। इसे लेकर कई महीनों से शराब सिंडिकेट से जुड़े लोगों से विवाद चल रहा था। दो दिन पहले भी इसे लेकर विवाद हुआ था। यह दुकान पूर्व में अर्जुन के पिता संचालित करते थे। पिता के निधन के बाद अर्जुन ने जब से दुकान संभाली तभी से विरोधी उस पर दुकान देने के लिए दबाव बना रहे थे। इस दुकान को लेकर कई गुंडे एवं राजनीतिक संरक्षण प्राप्त गुंडे-बदमाशों का भी दखल था। इसी बात को लेकर अर्जुन ठाकुर पर हमला हुआ है।

शराब दुकानों पर अतिरिक्त बल :

गोलीकांड के बाद आशंका जताई जा रही थी कि इसे लेकर शराब ठेकेदारों के बीच विवाद हो सकता है और शराब दुकानों पर तोड़फोड़ भी हो सकती है। वैसे तो हमले के बाद बाणगंगा, गांधीनगर, परदेशीपुरा में शराब दुकानों पर तोड़फोड़ की खबर आई लेकिन किसी ने भी इसकी पुष्टि नहीं की है। वैसे विवाद के बाद शराब दुकानों पर किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए वहां अतिरिक्त बल तैनात कर दिया है।

हत्या का इरादा नहीं था :

बताते हैं कि अर्जुन ठाकुर पर गोली चलाने वाले आरोपी केवल उसे डराना चाहते थे। वारदात के दौरान अर्जुन अकेला ही था यदि उसकी जान लेनी होती तो आरोपी आसानी से उसे गोली मारकर हत्या कर सकते थे लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसके बाद ये भी संभावना जताई जा रही है कि आरोपी उसे जान से मारना नहीं चाहते थे। हमले को लेकर सच्चाई क्या है ये तो आरोपियों के पकड़े जाने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।

गृहमंत्री-प्रभारी मंत्री ने ली आईजी से जानकारी :

शराब ठेकेदारों के बीच चल रहे विवाद के बाद गोलीकांड के बारे में प्रदेश के गृह मंत्री एवं इंदौर के प्रभारी मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने आई जी हरिनारायण चारी मिश्रा से घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी ली है। पता चला है कि आईजी ने भी पुलिस टीम को आरोपियों को जल्द ही पकडऩे के लिए निर्देश दिए हैं। एसपी आशुतोष बागरी ने बताया कि पुलिस की कई टीमें आरोपियों की तलाश में सक्रिय हो गई हैं। कुछ टीमें शहर के बाहर संभावित स्थानों पर भी भेजी गई हैं। घायल अर्जुन ठाकुर की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

गैंगस्टर और नेताओं का भी दखल :

सूत्र बताते हैं कि शराब माफियाओं के बीच अवैध शराब के कारोबार को लेकर ही विवाद होते रहते हैं। ये भी माना जाता है कि कई ठेकेदार तो पुलिस और आबकारी विभाग को सूचना देकर अपने विरोधी की अवैध शराब जब्त करवा देते हैं। अवैध शराब की बिक्री से होने वाला फायदा कई गुना ज्यादा होता है, इसीलिए इस धंधे से ठेकेदार जुड़े रहते हैं। शराब ठेकेदारों का गैंगस्टर और नेताओं से भी जुड़ाव कोई नई बात नहीं है। गोली कांड के प्रमुख आरोपियों हेमू ठाकुर और चिंटू ठाकुर के बारे में तो ये भी कहा जा रहा है कि इन्हें एक पूर्व मंत्री का समर्थन प्राप्त है। इनके खिलाफ दर्जनों केस दर्ज होने के बाद भी ये उस वीआईपी के साथ अक्सर घूमते देखे जा सकते हैं। पुलिस भी इन पर सीधे हाथ डालने में संकोच करती है।

कितने आरोपी..किसने किया सरेंडर :

गोलीकांड के आरोपियों के रुप में चिंटू ठाकुर, हेमू ठाकुर के नाम सामने आए हैं। बैठक में पिंटू भाटिया, अंजुमन अय्यर,सतीश भाऊ, दयाराम एवं कुछ अन्य गुंडे बदमाशों के शामिल होने की खबरें भी आ रही हैं पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज आदि से पड़ताल करने के बाद ही आरोपियों पर कार्रवाई की जाएगी। ये भी चर्चा है कि कुछ आरोपियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण भी कर दिया है लेकिन पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की तलाश की जा रही है और उन्हें जल ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

संभ्रांत परिवारों की परेशानी कौन देखेगा :

दिनदहाड़े विजय नगर क्षेत्र में सत्यसाईं चौराहे के पास शराब कारोबारियों के बीच जहां गोली कांड हुआ है वह शहर के पाश इलाकों की श्रेणी में आता है। सोमवार को विवाद, तोड़फोड़ और गोली चलने की वारदात आसपास रहने वाले संभ्रांत परिवार के लोग दहशत में है। बताते हैं कि जब से ये दफ्तर खुला है तब से ही आसपास रहने वाले परेशान हैं। यहां से निकलने वाली महिलाओं के साथ छेड़छाड़ तो आम बात है। दिनभर गुंडे-बदमाशों का भी यहां आना जाना लगा रहता है। कई रहवासी तो यहां से शिफ्ट होने पर भी विचार कर रहे हैं।

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