इंदौर : क्षणिक आवेश में तीन घर हुए बर्बाद
क्षणिक आवेश में तीन घर हुए बर्बादSocial Media

इंदौर : क्षणिक आवेश में तीन घर हुए बर्बाद

इंदौर, मध्य प्रदेश : टक्कर विवाद में डंपर के नीचे गिरे आर्किटेक्ट की दर्दनाक मौत। चार दिन बाद शादी की सालगिरह थी। एक्टिवा और डंपर चालक के खिलाफ केस दर्ज।

इंदौर, मध्य प्रदेश। पलासिया थाना क्षेत्र के शेख हातिम अस्पताल और केनरा बैंक के सामने गुरुवार सुबह दर्दनाक हादसा हो गया। कार सवार युवक ने आगे एक्टिवा पर खड़े युवक को टक्कर मार दी। गुस्साए एक्टिवा सवार ने विवाद करते हुए कार सवार को ऐसा धक्का दिया कि वह पीछे से आ रहे डंपर के पहिये में जा गिरा और सिर पर से पहिया निकल गया। युवक की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने एक्टिवा सवार और डंपर चालक पर गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस के अनुसार उत्कर्ष विहार कॉलोनी निवासी सिद्धार्थ पिता सतीश सोनी (30) स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में आर्किटेक्ट थे। आज सुबह वे कार से ऑफिस के लिए निकले थे। वे हातिम चौराहे के पास पहुंचे ही थे कि उनकी कार आगे खड़ी एक्टिवा से टकरा गई। बताया जा रहा है कि टक्कर के बाद सोनी कार से उतरे और उन्होंने एक्टिवा सवार विकास यादव से इसके लिए माफी भी मांगी, लेकिन विकास का गुस्सा फूट पड़ा और दोनों में झूमाझटकी शुरू हो गई। इसी दौरान सोनी नीचे गिरे और जब तक वे संभलते वहां से गुजर रहे डंपर का पहिया उनके ऊपर से गुजर गया। सिर पर से पहिया गुजरने से सिद्धार्थ ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। इसके बाद एक्टिवा सवार ने भागने की कोशिश की, लेकिन लोगों ने उसे पकड़ लिया। मामले में पुलिस ने एक्टिवा सवार पर गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया है। वहीं, डंपर चालक को भी आरोपी बनाया है।

4 दिन बाद थी शादी की सालगिरह :

टक्कर लगने के बाद क्षणिक आवेश ने तीन परिवारों को तबाह कर दिया। विवाद में एक की जहां जान चली गई। वहीं, दो लोगों को जेल भेज दिया गया। बताया जा रहा है कि सिद्धार्थ व्यवसायी परिवार का इकलौता बेटा था, उससे बड़ी बहन की शादी हो चुकी है। चार दिन बाद सिद्धार्थ की शादी की सालिगरह थी। एक्टिवा सवार विकास यादव भी इंजीनियर है और पर्यावरण के लिए काम करने वाली एक कंपनी में काम करता है। विकास नि. बिचौली मर्दाना ने पुलिस को बताया कि टक्कर के बाद कार चालक ने विवाद शुरू किया था। मैं तो उसे समझाना चाहता था। घटना का मुझे काफी दुख है। यह घटनावश हुआ है। उधर 20 साल के डंपर चालक सुनील मुजालदे को भी पुलिस ने जेल भेज दिया गया है। सुनील कनाड़िया क्षेत्र में रहता है। उसका कहना है कि मेरी कोई गलती नहीं थी। हादसा पीछे वाले पहिए के नीचे से आने से हुआ है। वह अचानक नीचे गिरा। पुलिस ने शव पीएम के बाद परिजनों को सौंप दिया है।

परिजनों को संभालना पड़ा :

दुर्घटना की सूचना मिलते ही सिद्धार्थ के माता-पिता और पत्नी बेसुध हो गए। उन्हें आसपास वालों और रिश्तेदारों ने मुश्किल से संभाला। हालांकि वे अभी तक बातचीत करने की स्थिति में नहीं हैं।

ताज़ा ख़बर पढ़ने के लिए आप हमारे टेलीग्राम चैनल को सब्स्क्राइब कर सकते हैं। @rajexpresshindi के नाम से सर्च करें टेलीग्राम पर।

Related Stories

Raj Express
www.rajexpress.co