उदयपुर से सामने आए मामले ने दिला दी बुराड़ी कांड की याद
उदयपुर से सामने आए मामले ने दिला दी बुराड़ी कांड की यादSocial Media

उदयपुर से सामने आए मामले ने दिला दी बुराड़ी कांड की याद,घर में लाशों का ढेर

उदयपुर से सामने आए मामले ने बुराड़ी कांड की याद दिलाते हुए हर किसी के रोंगटे खड़े कर दिए हैं। इस मामले में भी एक ही परिवार के कई सदस्यों की लाशें घर में अलग-अलग अवस्था में मिली हैं।

राजस्थान, भारत। दिल्ली के बुराड़ी का नाम सुनकर आपके दिमाग में सबसे पहले दिल्ली के बुराड़ी कांड का ख्याल आता होगा। इस कांड के तहत एक ही परिवार के 10 सदस्यों की लाशे घर में ही पाई गई थी।उस मामले ने कई महीनों तक लोगों का दिल दहलाकर रखा था। वहीं, अब ठीक इसी तरह का मामला राजस्थान के उदयपुर जिले से भी सामने आया है। इस मामले ने भी बुराड़ी कांड की याद दिलाते हुए हर किसी के रोंगटे खड़े कर दिए हैं। इस मामले में भी एक ही परिवार के कई सदस्यों की लाशें घर में अलग-अलग अवस्था में मिली हैं।

उदयपुर से सामने आया बुराड़ी कांड पार्ट 2 :

दरअसल, राजस्थान के उदयपुर जिले में दिल दहला देने वाला एक मामला प्रकाश में आया है। इस मामले में भी ठीक बुराड़ी कांड जैसे एक घर में एक ही परिवार के कई लोगों की लाशें फांसी के फंदे पर तो कुछ की फर्श पर पड़ी मिली। इस मामले ने सभी को एक बार फिर बुराड़ी कांड की याद दिला दी है। जी हां, उदयपुर की गोगुंदा तहसील के एक गांव में एक ही परिवार के कई सदस्यों की सामूहिक मौत का मामला सामने आया है। पुलिस इस मामले की जाँच में जुट गई है।

नेड़ी नाम के गांव का है ये मामला :

उदयपुर की गोगुंदा तहसील में गोल नेड़ी नाम के गांव में एक आदिवासी समुदाय से जुड़ा परिवार रहता था। परिवार के मुखिया का नाम प्रकाश गमेती बताया गया है। उनके परिवार में उनकी पत्नी दुर्गा गमेती और चार बच्चे रहते थे। इन बच्चों में 3 से 4 महीने का गंगाराम, 5 साल का पुष्कर, 8 साल का गणेश और 3 साल का रोशन शामिल हैं। यह परिवार गांव में खेत के किनारे ही एक घर में रहता था। प्रकाश के साथ ही उसके दो भाई भी उनके अगल-बगल में ही रहते थे। प्रकाश गुजरात में काम करता था। सोमवार की सुबह भी यह परिवार हंसता खेलता उठा था, लेकिन शाम होने तक किसी को क्या पता था कि ये पूरा हंसता खेलता परिवार लाशों के ढेर में बदल जाएगा। शाम के समय जब प्रकाश का भाई उनके घर पहुंचा और दरवाजा नहीं खुला तो उन्हें शक हुआ तब यह मामला पुलिस तक पहुंचा।

घटना स्थल की स्थिति :

प्रकाश के भाई द्वारा काफी देर तक दरवाजा नहीं खुलने पर उन्होंने गांव की मदद से दरवाजा तोड़ा। दरवाजा टूटने के बाद वहां जो मंजर था, वो हर किसी को डरा देने वाला था। क्योंकि, घर के अंदर यानी घटना स्थल की स्थिति कुछ ऐसी थी कि, 4 लोगों की लाशें छत से लटकी हुई थीं जबकि दो लाशें जमीन पर पड़ी थी। ये खौफनाक वहां मौजूद सभी लोगों ने देखा और हर कोई हैरान-परेशान था कि, आखिर ये कैसे हुआ। क्योंकि, प्रकाश और उसके तीन बेटों की लाशें चुन्नी और साड़ी से छत से लटकी थीं। जबकि, उसकी पत्नी दुर्गा और 3 महीने का बेटा गंगाराम घर के फर्श पर मुर्दा पड़े थे। लोगों ने पुलिस को जानकारी दी और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी।

आत्महत्या की जताई जा रही आशंका :

पुलिस ने प्रकाश के घर पहुंच कर मामले की जांच शुरू कर दी और फोरेंसिक और डॉग स्क्वायड की टीम को बुलाया गया। पुलिस ने प्रकाश के घर की छानबीन की लोगों से पूछताछ की, लेकिन किसी को अब तक इस बात का उत्तर नहीं मिला है कि, आखिरकार प्रकाश और गमेती के परिवार ने ऐसा कदम क्यों उठाया होगा। हालांकि पुलिस ने इस मामले में आत्महत्या की आशंका जताई है। छानबीन के दौरान सिर्फ एक यह बात सामने आई है कि, प्रकाश के परिवार और उसके भाईयों की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। इसलिए ऐसा माना जा रहा है कि, आर्थिक तंगी के चलते परिवार ने पहले बच्चों की जान ली और फिर खुद खुदखुशी कर ली।

दुर्गा की लाश पर मिले चोट के निशान :

पुलिस को यह हत्या और आत्महत्या का मामला लग रहा है क्योकि, प्रकाश की पत्नी दुर्गा की लाश पर चोट के कुछ निशान पाए गए हैं। जिन्हें देख कर ऐसा प्रतीत हो रहा है कि, पहले प्रकाश ने अपनी पत्नी और सभी बच्चों की गला दबाकर उनकी हत्या की और फिर बच्चों को पत्नी के दुपट्टे और साड़ी से लटका दिया। इसके बाद उसने खुद भी फांसी लगा ली।

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